मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी,
मैंने तो अभी आपके ऊपर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। मैं तो मुझे मिले फीडबैक के आधार पर युवाओं के हित में आपसे आग्रह कर रहा हूं।
मेरे खिलाफ बयानबाजी करने से युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा। हम आपकी तरह जनता को भ्रमित करने वाले आरोप नहीं लगा रहे। आपको ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए।
आप तो केवल ये बताइए, क्या 2024 एवं 2025 में ओएमआर शीट बदली गईं हैं या नहीं। प्रदेश का युवा जवाब चाहता है क्योंकि लगातार ऊंची कट-ऑफ जाने से इसका संबंध जुड़ रहा है।
अगर ऐसा हुआ है तो आप हमारी सरकार के दौरान बने कानून से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना और उनकी संपत्ति जब्त कर तथा इन भर्ती परीक्षाओं के नतीजों में पारदर्शिता लाकर न्याय सुनिश्चित करें।
आज नहीं बोले तो भगवान कभी माफ़ नहीं करेगा
हम कितने दिनों से इस लड़ाई को लड़कर यहाँ तक लेकर आए है क्या क्या सामना किया 😭😭😭😭
आज प्रदेश के सभी युवाओं को खुलकर साथ आना चाहिए जिससे कोई नहीं बचे ।
सिर्फ पकड़ना बाकी है चोरों की लिस्ट तैयार है 🔥🔥✌️🙏🙏🙏🙏लिखो खुलकर
SOG ने आज इन लोगो को गिरफ्तार किया...
शादान खान , विनोद कुमार गौड़ ,श्रीमती पूनम माथुर , संजय माथुर ,प्रवीण गंगवाल...
यह लोग अभी भी चयन बोर्ड मे कार्यरत है...
4th Grade कट-ऑफ हाई जाने का कारण यह लोग है...
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
फोर्थ ग्रेड के साथ वर्तमान में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच हो लेकिन मेरा मानना है की फोर्थ ग्रेड में बड़े स्तर पर OMR घोटाला हुआ है इसलिए इसको रद्द कर पुनः परीक्षा करवाई जाए।आज ही रद्द हो जायेगी तो हो जाएगी वरना SI की तरह लटक जाएगी।
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला@alokrajRSSB
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित LDC भर्ती परीक्षा में ओबीसी वर्ग को निर्धारित 21% के बजाय 15% आरक्षण देना कोई तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि युवाओं के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला और भाजपा सरकार द्वारा OBC वर्ग के साथ किया गया सुनियोजित अन्याय है।
चतुर्थ श्रेणी, वनपाल, द्वितीय श्रेणी सहित कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी नियमों की अनदेखी करते हुए ओबीसी को केवल 15% आरक्षण में सीमित किया जाना, ओबीसी वर्ग के युवाओं से उनका संवैधानिक अधिकार छीनने जैसा है। यह ओबीसी समाज के लाखों बेरोज़गार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से आग्रह है कि वे इस गंभीर विषय में तत्काल हस्तक्षेप कर आरक्षण से जुड़ी इन विसंगतियों को दूर करें तथा ओबीसी वर्ग के युवाओं को उनका संवैधानिक अधिकार और न्याय सुनिश्चित करें। @RajCMO
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड : LDC भर्ती की जारी विज्ञप्ति में वर्गवार पदों के बंटवारें में OBC वर्ग को कम आरक्षण दिए जाने से युवा खफा हैं, इसको लेकर कई नेताओं ने भी एक्स के जरिए मुख्यमंत्री
@BhajanlalBjp से अनुरोध है कि इस मामले का हल निकालते हुए इसकी संपूर्ण जांच करवाई जाए।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में OBC आरक्षण के साथ हो रहा निरंतर खिलवाड़ बेहद चिंताजनक है।
LDC भर्ती में 21% के बजाय मात्र 15% आरक्षण देना युवाओं के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। चतुर्थ श्रेणी, वनपाल और द्वितीय श्रेणी भर्तियों में भी इसी तरह नियमों की अनदेखी कर आरक्षित वर्गों के साथ सुनियोजित अन्याय किया गया है।
रोस्टर की आड़ में युवाओं के हक छीनना बंद करे भाजपा सरकार। मुख्यमंत्री जी तत्काल दखल देकर आरक्षण की इन विसंगतियों को दूर करें और युवाओं को न्याय दें।
ये भर्ती विज्ञप्ति नहीं, OBC के युवाओं के हक़ पर भाजपा सरकार का सुनियोजित प्रहार है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्ती परीक्षाओं में OBC के हक पर डाका जा रहा है। LDC भर्ती परीक्षा में ओबीसी को 21% आरक्षण नहीं देना कोई तकनीकी भूल नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों पर खुला हमला और पिछड़े वर्ग के साथ घोर अन्याय है।
चतुर्थ श्रेणी, वनपाल भर्ती समेत कई भर्ती परीक्षाओं में भी OBC को 15% आरक्षण में समेट देना बताता है कि रोस्टर के नाम पर छल किया जा रहा है, ओबीसी के युवाओं को हाशिये पर धकेला जा रहा है।
ये संविधान की भावना, समान अवसर और ओबीसी के लाखों बेरोज़गारों के भविष्य का सवाल है। आखिर भाजपा सरकार OBC का हक़ मारकर किसे फायदा पहुंचा रही है?
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित की जाने भर्ती परीक्षाओं में संवैधानिक रूप से तय OBC आरक्षण नियमों के खिलाफ जाते हुए आरक्षण का दायरा लगातार कम किया जाना, इस वर्ग के युवाओं के अधिकारों के साथ बड़ा अन्याय है।
कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी LDC भर्ती परीक्षा विज्ञप्ति में वर्गवार पदों का बँटवारा कतई न्यायसंगत नहीं है। OBC वर्ग को 21% की बजाय मात्र 15% आरक्षण दिया गया है, जो संवैधानिक नहीं है।
इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी भर्ती, वनपाल भर्ती, द्वितीय श्रेणी भर्ती विज्ञप्ति में भी OBC वर्ग को तय मापदण्डों के अनुसार 21% आरक्षण नहीं दिया गया।
रोस्टर के नाम पर आरक्षित वर्गों के साथ लगातार सुनियोजित तरीके से अन्याय हो रहा है। लाखों युवाओं और उनके परिवार से जुड़ा यह गंभीर मुद्दा है।
प्रदेश भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले पर संज्ञान लेकर आरक्षण की विसंगतियों को तत्काल दूर करे।
@RajCMO@BhajanlalBjp@RajGovOfficial
LDC, वनपाल और चतुर्थ श्रेणी भर्तियों में OBC को उनके संवैधानिक अधिकार (21%) से वंचित करना घोर अन्याय है। युवाओं को हाशिये पर धकेलकर सरकार समान अवसर के सिद्धांत की धज्जियां उड़ा रही है।
मुख्यमंत्री जी, पिछड़ों के हक़ पर डाका डालना बंद करें और जवाब दें कि यह 'छल' किसके इशारे पर हो रहा है?
#Save_OBC_Quota
#JusticeForObc
OBC के सभी विधायक , MP तक उक्त माँग और पीड़ा शेयर की जा रही है जिससे OBC युवाओं के हक के लिए वो आगे का सके ।।
वोट के साथ अपना फर्ज निभा सके #OBC के युवाओं को जागना होगा और बोलना होगा उनको जिनको वोट दिया वो भी समय पर अपने अपने MLA/MP ✅✅✅🎯🎯🎯
नई भर्तियों में कौन सा नियम अपनाया जा रहा है, जो अधिकतर भर्तियों में ओबीसी के लिए आरक्षण के हिसाब से पोस्ट ही नहीं आ रही 🙌🙏
राजस्थान के सबसे बड़े वर्ग ओबीसी के साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हो रहा है 💔💔
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी लिपिक ग्रेड-|| / कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी में भर्ती परीक्षा (LDC) की हाल ही जारी विज्ञप्ति में वर्गवार पदों का बँटवारा न्यायसंगत नहीं है।
इस भर्ती परीक्षा में OBC वर्ग को 21% की बजाय मात्र 15% आरक्षण दिया गया है जो संवैधानिक नहीं है, यह बेरोजगार युवाओं के साथ कुठाराघात है।
पूर्व में जारी चतुर्थ श्रेणी भर्ती और वन पाल भर्ती में भी OBC वर्ग को 21% आरक्षण नहीं दिया गया था।
इसी तरह RPSC 2nd ग्रेड शिक्षक भर्ती 2024 की जारी संशोधित विज्ञप्ति में गणित विषय में 538 पदों के बंटवारे में मात्र 9% आरक्षण मिला है।
रोस्टर के नाम पर आरक्षित वर्गों के साथ यह अन्याय कब तक चलेगा? युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक किया जाएगा?
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी से अनुरोध है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित हल निकलवाएँ तथा इस मामले की संपूर्ण जाँच करवाई जाए।