उत्तर प्रदेश के बलिया के एक बुजुर्ग किसान के पास 60 बीघा जमीन थी उनके दो बेटे थे जो कोई काम नहीं करते थे
और हमेशा पिता पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाते रहते थे। इतना ही नहीं वे उनके साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं करते थे
एक दिन बेटों ने जमीन नाम करने के लिए झगड़ा किया तो पिता ने कहा पहले मेरी किसी ऐसी महिला से शादी करा दो जो मेरी देखभाल कर सके
फिर मैं जमीन तुम्हारे नाम कर दूंगा दोनों बेटे खुशी एक गरीब लड़की से उनकी शादी करा लाए और अगले दिन जमीन अपने नाम कराने की बात करने लगे
लेकिन रात में बुजुर्ग ने अपनी नई पत्नी को बेटों की पूरी सच्चाई बता दी और कहा कि वह अपनी मेहनत की कमाई ऐसे बेटों को नहीं देंगे जो मां बाप का सम्मान नहीं करते।
सुबह जब बेटे जमीन की बात करने पहुंचे तो नई पत्नी ने साफ कह दिया जब तक मैं जीवित हूं, इस जमीन का एक टुकड़ा भी किसी को नहीं मिलेगा
जो संतान अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करती वह अक्सर अपने ही कर्मों का फल पाती है।
अब आप बताओ बुजुर्ग पिता ने सही किया अपने बेटों के साथ या गलत किया दूसरी सादी करके
दोस्तो अब आज काम खतम हो गया हैं।
4 दिन के काम में मैने 2000 हज़ार रुपए बचा लिए।
बेलदार का एक दिन का 500 रू था इस जो मैने ही किया इस हिसाब से दो हज़ार बचा लिए मैने।
लेकिन बहुत मेहनत लगती हैं इस काम दोस्तो पता नही मजदूर लोग दिन भर केसे लगे रहते हैं
बहुत ज्यादा मेहनत लगती हैं।
एक आदमी बर्गर की दुकान पर गया और उसने पूछा:
अगर मैं $10,000 के बर्गर एक साथ खरीदूं, तो मुझे क्या डिस्काउंट मिलेगा?
मालिक ने कहा: ठीक है मैं हर बर्गर की कीमत $10 से घटाकर $8 कर दूंगा।
आदमी इस बात पर मान गया लेकिन उसने एक अनोखी शर्त रखी:
जब तक मेरा पूरा ऑर्डर तैयार नहीं हो जाता, तब तक आप किसी और ग्राहक को बर्गर नहीं बेच सकते।
मालिक ने सोचा बढ़िया डील है, और कहा:
डन, मंजूर है।
इसके बाद दुकान का पूरा किचन सिर्फ उसी के 1,250 बर्गर तैयार करने में व्यस्त हो गया।
इसी बीच, उस चालाक आदमी ने दुकान के ठीक बाहर अपनी जगह बनाई और वही बर्गर $9 में बेचना शुरू कर दिया।
नतीजा यह हुआ कि:
PM के खिलाफ कार्यवाही..
हमारा सुप्रीम कोर्ट भी बड़ी मजेदार बातें करता है जो सुनकर कानों को बड़ा अच्छा लगता है..
चुनाव आयुक्त ऐसा चाहिए को प्रधानमंत्री पर भी कार्यवाही कर सके, शायद ज्ञानेश कुमार कि बात हो रहि है..
चुनाव आयुक्त चुनने का अधिकार प्रधानमंत्री के पास अब आ गया है, अब प्रधानमंत्री ऐसा आदमी क्यों चुनेगा जो उसपर कार्यवाही करे..
चूमाव आयोग को मोदी सरकार ने नये नियम के अनुसार इतना पावरफूल बना दिया है कि SC शिवाय टिप्पणी के कुछ नहीं कर सकता..
साली के हाथ की मिठाई।
स्टेज पर दुल्हन ने मिठाई खिलाई तो दूल्हे राजा ने मुंह फेर लिया, लेकिन जैसे ही साली जी ने मिठाई आगे बढ़ाई साहब ने बिना किसी बहस के तुरंत स्वीकार कर ली।
अब दुल्हन सोच रही होगी कि शादी मेरे से हो रही है , लेकिन पतिदेव का इंटरेस्ट तो साली में ज्यादा है।
मजाक अपनी जगह, लेकिन ऐसे नज़ारे एक सवाल जरूर खड़ा कर देते हैं।
अगर लड़का-लड़की एक-दूसरे को पसंद ही नहीं करते, तो सिर्फ समाज या परिवार के दबाव में शादी कराने का क्या मतलब?
इससे अच्छा तो पहले ही साफ कर दिया जाए कि दिल किस तरफ है।
शादी जिंदगी भर का रिश्ता है, मिठाई का एक टुकड़ा नहीं कि मन हुआ तो खा लिया और मन हुआ तो मना कर दिया।
वरना बाद में सबसे ज्यादा कीमत उसी इंसान को चुकानी पड़ती है जिसकी भावनाओं को नजरअंदाज करके रिश्ता तय किया गया हो।
@mahsharfatima86 पाकिस्तानी जो बोला है तो क्या इंडिया में नहीं बोलते है क्या ये समस्या हर जगह की है इसमें पाकिस्तान या इंडिया से कुछ नहीं होगा बल्कि खुद की सोच बदलनी पड़ेगी और वैसे भी ये बात जो इसने पूछी है ये आपस में कहते जिसको जानते है जिस के साथ अपनापन है। सबसे नहीं कह सकते है इस तरह से।
ये पाकिस्तानी सिर्फ नीच ही नहीं घटिया भी होते हैं,
उन्हें भारत के लोगों से कितनी चिढ़ है, इसे पढ़कर अंदाजा लगा सकते हैं।
न्यूजीलैंड का एक ट्रैवल ब्लॉगर कार्ल रॉक जब पाकिस्तान पहुंचता है !!
तो वहां एक घटिया पाकिस्तानी शख्स ने उसकी इंडियन वाइफ पर नस्लीय टिप्पणी कर दी ,जिसका वीडियो वायरल है।
उसने कहा कि
तुम इतने गोरे हो लेकिन तुम्हारी हिंदुस्तानी पत्नी काली है, तुमने शादी कैसे कर ली है?
हालांकि , कार्ल रॉक बिना कुछ बोले आगे बढ़ जाता हैं यह पाकिस्तान वाले अपनी घटियापन से बाज नहीं आते हैंl
अक्सर रेलवे या दूसरी दुर्घटना होने पर हम नेताओं को कोसते हैं।
पर अगर इसकी तह में जाएँगे तो इसके पीछे ऐसे लेबर ज़िम्मेदार मिलेंगे जो बिना मेहनत के पैसा कमाने की कोशिश में पुल या ब्रिज या दूसरी चीज़ों की क्वालिटी से समझौता करते हैं ।
वीडियो में देखिए कैसे ये वर्कर कंक्रीट को बिना प्रॉपर मिलाए ऐसे ही सूखे सीमेंट को रेलवे पूल में डाल रहा है।
जबकि ये बात इस ग़रीब को मालूम है ये ग़लत है, नुक़सान देह है, पुल कभी भी टूट सकता है बड़ी दुर्घटना हो सकती है, फिर भी ये किए जा रहा है ताकि काम जल्दी ख़त्म हो और ये दारू पिए जाकर ।
मैं तो कंस्ट्रक्शन साईट पर रहा हूँ अच्छे से जानता हूँ वर्कर्स के कामचोरी और मक्कारी को।
इनकी मेंटालिटी ऐसी होती है की काम करना ना पड़े बस कहीं से पैसे मिल जायें।
आपने भी कभी न कभी घर बनवाए होंगे।
कुछ न कुछ निर्माण कार्य करवाया होगा।
और ऑफिस वालों से ये जलते हैं क्योंकि वो ऑफिस में एसी में होते हैं और ये गर्मी में। अरे तो पढ़ाई क्यों नहीं की ?
पढ़ाई नहीं की और कुर्सी चाहिए डीएम वाली ताकि दिन भर मोबाइल चलाकर रात को बट उठाकर सो जाए और हर महीने हराम की सैलरी अकाउंट में आ जाए ।
मेरी तो बोलती ही बंद हो गई इस लड़के की मजबूरी देखकर... 🥺
जहाँ छोटी सी चोट लगने पर हम रो देते हैं वही इस लड़के का सर पत्थर से टक्कर खाने के बाद भी सिर्फ इसलिए खड़ा है
क्योंकि वो माँ बीमार के लिए पैसे जुटा रहा है यह कोई शौक नहीं एक बेटे की उम्मीद है
बेटे के इस संघर्ष को सलाम
अभी तो खेल शुरू भी नहीं हुआ है और बीजेपी अभी से घबराए हुए दिख रही हैं।
आज दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक हो रही है,
लेकिन उससे पहले ही बीजेपी ने जगह-जगह ऐसे पोस्टर लगाए हैं जिनका निशाना सीधा INDIA गठबंधन है।
बीजेपी के नेता तो अक्सर ये दावा करते हैं कि विपक्ष कमज़ोर है,
तो फिर उसकी बैठक से पहले इतनी बेचैनी क्यों?
कही बीजेपी को ये डर तो नहीं कि,
2024 में "400 पार" का नारा देने पर उन्हें बहुमत के आंकड़े से दूर रोक दिया था।
और 2029 में सरकार बनाने से ही ना रोक दे?
अपने अधिकारों को जानिए, नेताओं की गुलामी बंद कीजिए।।।
हमारे संविधान ने हमें बराबरी और सम्मान का अधिकार दिया है, लेकिन आज के ये जातिवादी नेता मंच से कभी आपके असली अधिकारों की बात नहीं करेंगे।।।
जानते हैं क्यों? क्योंकि हर छोटे-बड़े नेता को यह अच्छे से पता है कि जिस दिन इस देश का आम नागरिक जागरूक हो गया, उस दिन नेताओं के पीछे घूमने वाली और उनकी जी-हुज़ूरी करने वाली भीड़ खत्म हो जाएगी।।।
नेताओं को तेल लगाना और उनके पीछे झंडे उठाना बंद करिए।।।
इस भाई ने संविधान की ताकत को समझा, अपने हक की जानकारी रखी और उसका सही इस्तेमाल करके दिखा दिया।।।
जब तक आप अज्ञानता के अंधेरे में रहेंगे, ये आपको जाति-धर्म में बांटकर अपनी राजनीति की रोटियां सेकते रहेंगे। अब जागने का वक्त आ गया है। चमचागिरी छोड़िए, अपने अधिकारों को पढ़िए और समाज में अपना हक छीनना सीखिए।।।
आपकी राय महत्वपूर्ण है।।।