हम जानते हैं कि वे झूठ बोल रहे हैं,
वे जानते हैं कि वे झूठ बोल रहे हैं,
वे जानते हैं कि हम जानते हैं कि
वे झूठ बोल रहे हैं,
हम जानते हैं कि
वे जानते हैं कि हम जानते हैं कि
वे झूठ बोल रहे हैं,
लेकिन फिर भी वे झूठ बोल रहे हैं।
अलेक्जेंडर सोल्झेनित्सिन
युद्ध तब तक ही अच्छा है जब एक भी बम आपके घर पर न गिरे,शहीद कोई अपने घर से न हो, ख़ुद रोटी-पानी को मोहताज़ न हों.ये जंग मेरी नहीं लेकिन मैं ख़िलाफ़ हूँ उनके जो जंग शुरू करते हैं अपने गुरूर में·मैं ख़िलाफ़ हूँ इज़राइलअमेरिका के,जिन्होंने झोंक दिया है इंसानियत को युद्ध में#USIranWar
हिमाचल प्रदेश में किसानों - मजदूरों की हड़ताल का असर जोर शोर से दिखा। लगभग तमाम तहसीलों,सब डिवीजन सहित जिला मुख्यालयों में भारी संख्या में जुटे आंदोलनकारी।
Modi had called money in Swiss Banks "Chori Ka Paisa" in Black Money, claiming he would bring it all back.
Now Swiss Bank deposits hit all-time high, tripling in 2024 alone.
Nobody can #LieLikeModi & be left unaccountable by Godi Media.
#ModiLies
Modi ji's close Friend, Donald Trump, is imposing an additional 25% Tariff on Apple products manufactured in India
I can guarantee 100% that Modi will not condemn this Anti-India act by Trump, he has already surrendered to him 😏
This is shameful by Indian News Channels. Qari Mohammad Iqbal from poonch, India was killed yesterday in shelling from Pakistan is being portrayed as a 'terrorist' in multiple national Indian news channels.
तिरुवनंतपुरम | #OperationSindoor पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, "हम आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार और हमारे रक्षा बलों द्वारा उठाए जा रहे कदमों का पूरा समर्थन करते हैं। ऐसे कदमों के साथ-साथ, पहलगाम नरसंहार के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर संचालित नहीं हो रहे हैं, सरकार को कूटनीतिक हस्तक्षेप भी करना चाहिए। भारत के नागरिक होने के नाते, आइए हम सब देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए एकजुट हों।"
(फ़ाइल तस्वीर)
19 वर्षीय पाकिस्तानी लड़की आयशा रशान को जनवरी में चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल में दिल की गंभीर बीमारी के चलते भर्ती कराया गया। उन्हें दिल का प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) करवाना था, जिसकी लागत लगभग 35 लाख रुपये थी, लेकिन यह पूरी राशि ऐश्वर्या ट्रस्ट, अस्पताल और डॉक्टरों द्वारा वहन की गई, और आयशा को मुफ्त में इलाज मिला।
डोनर एक 69 वर्षीय दिल्ली निवासी थे, जिन्हें ब्रेन-डेड घोषित किया गया था, और उनका दिल आयशा को लगाया गया। सर्जरी सफल रही और हाल ही में आयशा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, और अब वे स्वस्थ हैं।
लेकिन इस पर पाकिस्तान में कुछ कट्टरपंथी लोग नाराज़ हैं। उनका कहना है कि एक मुस्लिम लड़की के लिए एक हिंदू व्यक्ति का दिल लेना 'पाप' है, क्योंकि वह मूर्तियों के आगे झुका है। कराची के एक प्रभावशाली इमाम ने इस पर फतवा भी जारी कर दिया, जिससे आयशा का परिवार डर के मारे अनजान जगह पर शिफ्ट हो गया।
यह घटना मानवता बनाम कट्टरता की एक असली तस्वीर पेश करती है। जब एक बच्ची की जान बचाने की बात थी, तब भारत के डॉक्टरों, संस्थाओं और एक हिंदू परिवार ने बिना भेदभाव के मदद की, लेकिन इसके बदले में कुछ लोग धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे हैं।
यह घटना सिर्फ एक ट्रांसप्लांट की नहीं, बल्कि इंसानियत की जीत और भारत के विशाल ह्रदय की कहानी होनी चाहिए थी—दुर्भाग्यवश कुछ लोगों ने इसे भी धार्मिक कट्टरता का ज़रिया बना लिया।