बहुत मुश्किल होता है कई बार पत्रकार होते हुए भी भावनाओं पर कंट्रोल में। यहां नहीं कर पाया
किसी फ़िल्म फेस्टिवल में दिखाने से बेहतर हमने सोचा ये डॉक्यूमेंट्री जिसपर बनी है,जिनके पास ना मोबाइल,TV नहीं है,उन्हें दिखाया जाए।पहला Premiere मुसहर टोली में
इम्तिहान नहीं, व्यवसाय चल रहा है सेंटर मालिक, वेंडर और कभी-कभी निरीक्षक-इनोवेटर मिलकर युवाओं के सपनों के साथ मज़ाक कर रहे हैं। जब परीक्षा कराने वाले ही शक के घेरे में हों तो कागज़-कवायद और कौन भरोसा करे?
इन नकल-माफियाओं पर तुरन्त कड़ी कार्रवाई हो 10 करोड़ का जुर्माना, लाइसेंस रद्द और सख्त सजा; दोषी चाहें किसी भी पद पर हों, कड़ा उदाहरण बनाया जाए।
बेरोज़गारी के बढ़ते आँकड़ों की ज़िम्मेदारी इन्हीं भ्रष्टियों की है। स्टूडेंट्स की मेहनत की हिफ़ाज़त अब नियमों से नहीं, जवाबदेही से होगी।
#SSCScam #SSCMISMANAGEMENT
#cgl2025
'सेहत' के आज के एपिसोड में हम पहुंच गए हैं सेंटर फ़ॉर साइट ऑफ़ ग्रुप हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली. यहां हम जानेंगे कि कैसे की जाती है चश्मा हटाने वाली सिल्क सर्जरी. डॉक्टर से समझेंगे, किस नंबर तक का चश्मा इससे हटाया जा सकता है, इसके साइड इफ़ेक्ट क्या हैं, कौन से लोग ये सर्जरी नहीं करवा सकते हैं और कितना खर्चा आता है? तो देखिए!
Link: https://t.co/c6J8wvvCEz
@sarwat7fatima@mohankanojia2
#Sehat #Health #SilkEyeSurgery #CentreForSight
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा... आप सोच रहे होंगे कि आखिर यूपी की सत्ता से जुड़े ये दो नाम क्यों लिए हैं? तो हम आपको बता दें कि यह सिर्फ दो नाम नहीं हैं, बल्कि इन जैसे सत्ता से जुड़े 10 ताकतवर लोगों के नाम निकलकर सामने आए हैं, जिनके बेटे-बेटियों को लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नियुक्तियां दीं। इतना ही नहीं बैंक में 27 नियुक्तियां की। इनमें 55% यानी 15 ठाकुर बिरादरी के हैं। केवल 2 एससी-एसटी को नौकरी दी, जबकि 6 को देना था।
इस गड़बड़ी पर पर्दा इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां सिर्फ टेनी की बेटी को ही नहीं बल्कि मंत्री, सांसद, विधायक और अफसरों के रिश्तेदारों को भी कैशियर और बाबू बना दिया। इतना ही नहीं, इस गड़बड़ी की जांच करने आए अफसर के भतीजे को भी नौकरी दे दी। यह सब कैसे हुआ?
आज भास्कर इंवेस्टिगेशन में पढ़िए। यह रिपोर्ट @askravisri सर ने की है। यह लिंक हैः https://t.co/Gtr0hiMuGs
भाई @grok इस खबर की सच्चाई क्या है?
क्या रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी ने
Alder agro कंपनी में invest करके मोटा पैसा छापा है?
पिछले 6 साल में कंपनी ने कितना रेवेन्यू प्राप्त किया है?
मध्य प्रदेश की शिवराज-मोहन सरकार ने पटवारी भर्ती घोटाले की जांच रिपोर्ट को गोपनीय बता दिया। सवाल है – आखिर सरकार किससे डर रही है? जस्टिस राजेंद्र वर्मा आयोग ने 30 जनवरी 2024 को रिपोर्ट सौंप दी थी। लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सूचना के अधिकार (RTI) में धारा 8(1)(घ) और 8(1)(ड़) का हवाला देकर रिपोर्ट साझा करने से इनकार कर दिया।
धारा 8(1)(घ) का सहारा तब लिया जाता है जब किसी गवाह या शिकायतकर्ता की पहचान उजागर होने का खतरा हो। लेकिन पूरी रिपोर्ट दबा देना? ये साफ़ दिखाता है कि सरकार पारदर्शिता से भाग रही है। वहीं धारा 8(1)(ड़) तो और भी हास्यास्पद है। यह व्यापारिक गोपनीयता से जुड़ी है – सवाल है कि पटवारी भर्ती परीक्षा कब से कॉरपोरेट डील बन गई?
असलियत यह है कि रिपोर्ट में कुछ न कुछ ऐसा ज़रूर है जो सरकार को असहज कर सकता है। वरना इतनी साधारण सी भर्ती प्रक्रिया की जांच रिपोर्ट को छुपाने का औचित्य क्या है?
युवाओं के सपनों को बेचने वाले अब रिपोर्ट को तिजोरी में बंद करके बैठे हैं। जनता को जवाब चाहिए – क्या सरकार अभ्यर्थियों के हित में खड़ी है या घोटालेबाजों की ढाल बन गई है?
#पटवारी_घोटाला
#RTI_का_मजाक
#युवाओं_से_विश्वासघात
@CMMadhyaPradesh@JansamparkMP @digvijaya_28 @OfficeOfKNath@jitupatwari@dhruv_rathee@ReporterRavish
राजस्थान हाई कोर्ट ने SI भारती रद्द की और माना कि RPSC अध्यक्ष और मेंबर्स का भी योगदान रहा ,
कुमार विश्वास की पत्नी भी RPSC मेंबर है और कुमार विश्वास को हमारे पैसों से Y कैटेगरी सिक्योरिटी मिली हुई है ,
देख रहे हो विनोद कैसे कैसे खेल चलते हैं देश में ।