यूपी के पंचायत सहायकों को भी सुनिए-
हर दिन की मेहनत की कीमत सिर्फ़ ₹200!
पूरे महीने काम करो और मिलें महज़ ₹6,000—वो भी कई-कई महीने तक अटके रहें!
सरकार बताए—क्या उसके मंत्री-विधायक अपने घर के बेटे-बेटियों से ₹200 रोज़ में इतना काम करवाएँगे?
दूसरों के बच्चों की मेहनत इतनी सस्ती क्यों?
पंचायत सहायक कर्मचारी हैं या सरकार ने उन्हें सस्ती मज़दूरी का साधन समझ लिया है?
₹6,000 में घर कैसे चलेगा? परिवार कैसे पलेगा? भविष्य कैसे बनेगा?
काम पूरा चाहिए तो मेहनत का सम्मान और उचित वेतन भी पूरा देना होगा।
गांव का टॉपर पंचायत सहायक मजबूरी में मात्र ₹6,000 की नौकरी कर रहा है। इनकी मांगें 100% जायज हैं और UP सरकार को इन्हें मानना ही होगा!
उत्तर प्रदेश के युवाओं को 'गोबर से रोजगार' देने की बात करने वाले, अमित शाह के बेटे को BCCI का चेयरमैन बना देते हैं।
इन्हें सिर्फ हिंदू-मुस्लिम से मतलब है, आपके स्कूल-अस्पताल और रोजगार से नहीं। जब तक इन बेशर्म लोगों से छुटकारा नहीं मिलेगा, युवाओं का भला नहीं होगा!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
UP में 57 हज़ार से ज्यादा पंचायत सहायक हैं जो सिर्फ 6 हज़ार महीने की सैलरी पर नौकरी कर रहे हैं,
अपना मानदेय बढ़ाने की मांग के साथ वो पिछले आठ दिन से लखनऊ में धरना दे रहे हैं,
महिलाएं तो अपने छोटे बच्चों और पति को साथ लेकर डटी हुई हैं,
7 सदस्य टीम को बुला कर किया गया बेइज्जत ये बेइज्ज़ती सिर्फ 7 की नहीं 570000 पंचायत सहायक की हुई है ये कतई बर्दाश्त नही अब हमारी अभी तक 30000 की थी पर अब हमें स्थायी का दर्जा भी चाहिए और केशव प्रसाद मौर्या का इतीफा भी
@psunionup@abhijeet_dipke
UP के 57 हज़ार पंचायत सहायकों के संघर्ष को समर्थन देने अपना दल की नेता पल्ल्वी पटेल भी संघर्षरत पंचायत सहायकों के बीच पहुँचीं,
और सरकार से इनकी सैलरी 6 हज़ार से बढ़ाका
तीस हज़ार करने की मांग की,
#WATCH लखनऊ (उत्तर प्रदेश): AAP सांसद संजय सिंह ने पंचायत सहायक कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा,"आठ दिनों से पंचायत सहायक जो हैं जिनकी संख्या 58 हजार है वो पंचायत सहायक यहां पर आंदोलन पर बैठे हुए हैं। उनकी बात कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार को इनकी मांग सुननी चाहिए और तीस हज़ार रुपये जो न्यूनतम मानदेय की ये लोग मांग कर रहे हैं उसको पूरा करना चाहिए। 6 हज़ार रुपये तो मतलब इनके साथ शोषण है मैं यही कह सकता हूं।"
2029 तक NDA-शासित 21 राज्यों में UCC लागू होने पर उन्होंने कहा," वो इसी सब में तो उलझा के रखा हुए हैं। रोजगार की स्कूल की अस्पताल की तरक्की की बात ही नहीं करते हैं।"
जितने भी बीजेपी के नेता, विधायक और मंत्री हैं उनको चैलेंज है- वो अपने बच्चों को 6000 रुपए में पंचायत सहायक बनाकर गांव में नौकरी कराके दिखाओ... सभी पंचायत सहायक अपनी नौकरी छोड़ देंगे!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
लखनऊ के इको गार्डन में 9दिनों से धरने पर बैठे हम पंचायत सहायकों को समर्थन दे माननीय @yadavakhilesh@PriyaSarojMP@dimpleyadav@RahulGandhi@Mayawati इस संघर्ष की घड़ी में आप सबको आमंत्रण पत्र है हम सभी पंचायत सहायकों की तरफ यह दिन भी याद रखा जाएगा 2027 मे!
यूपी में 58,000 पंचायत सहायक पिछले कई वर्षों से मात्र 6,000 रुपये प्रति माह में काम कर रहे हैं। 6,000 रुपये में कोई नौजवान अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे कर सकता है? इनकी मांग है कि मानदेय 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए। @myogiadityanath जी को इनकी मांगें तुरंत मान लेनी चाहिए। @AamAadmiParty सड़क से संसद तक पंचायत सहायकों की मांगों का समर्थन करती है।
उत्तर प्रदेश में लगातार धरनारद पंचायत सहायकों की मांग जायज है,
आप ऐसे बधुआ मजदूर की तरह उन्हें नहीं रख सकते हैं,
पंचायत सहायकों के सम्मान में उनकी सैलरी में तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए,
सरकार को जल्द यह सुनिश्चित करना चाहिए।
लखनऊ के ईको गार्डन में पंचायत सहायकों की जायज़ माँगों के समर्थन में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी ने ईको गार्डन से अंबेडकर पार्क तक कैंडल मार्च निकाला और परम पूज्य बाबा साहेब को नमन किया।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष