कैलाश अस्पताल के डॉक्टरों ने ग्रीन सिटी की रिपोर्टों को गलत बताया और कहा कि ऐसी रिपोर्ट उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।
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AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, "काल का पहिया दोबारा घूम गया है और हम दोबारा 1975 के समय में आ गए हैं। इंदिरा गांधी की राजनीतिक अस्थिरता थी। उनके चुनाव में धांधली के आरोप लगे थे। युवाओं और छात्रों के आंदोलन हो रहे थे। अर्थव्यवस्था ठीक नहीं थी। वैसा ही आज है। चुनाव प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। युवा और छात्र सड़क पर हैं। देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। जो नेता सरकार पर सवाल उठा रहे हैं उनकी गिरफ्तारियां सरकार ने शुरू कर दी हैं। पिछले 1 महीने में मुझ पर ही 1 दर्जन मुकदमे किए गए हैं, गैर जमानती हैं जिस दिन चाहे पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। तमाम बड़े नेताओं पर ऐसे मामले बनाएं जा रहे हैं ताकि जिस दिन जरूरत पड़ेगी उनको रातों-रात गिरफ्तार करके तिहाड़ जेल में डाला जा सके। बहुत चिंता का समय है।"
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "जब ऐसे विषय आते हैं तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के नेताओं के मुंह पर जिप लग जाती है। आज कोई भी कुछ क्यों नहीं बोल रहा? आज उनके ही एक सांसद द्वारा देश की राजधानी में, JNU जैसे परिसर में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तब वे लोग चुप रहते हैं। मुझे और मेरे साथ देश की 140 करोड़ की जनता को इस बात का जवाब चाहिए।"
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लगभग तीस हजार से ज्यादा युवाओं ने ज्ञानेश कुमार के समर्थन में उतर कर असम की सड़क को भर दिया |
लेकिन इंटरनेशनल मीडिया इस खबर को नहीं चलेगा क्योंकि खबर चला दी तो जार्स सोरोस का नैरेटिव ध्वस्त हो जाएगा |
“मैं राहुल गांधी और उनके साथियों को बताना चाहता हूँ की 2029 में प्रचंड हार के लिए फिर से एक बार तैयार रहिए” - मा• केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी
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"अगर देश में इमरजेंसी लगानी है, तो ऑफिशियली लगाओ... जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कब से इतना बड़ा गुनाह हो गया?"
CJP प्रोटेस्ट मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद अभिजीत दीपके और शिंदे का तीखा रुख सामने आया है. उन्होंने इसे अघोषित तानाशाही करार देते हुए कड़े सवाल खड़े किए हैं.
अब समय आ गया है
इस पूरे घमासान के बाद अब रणनीति बनाने का समय आ गया है, सुप्रीम कोर्ट के अंदर भी कुछ रणनीति बनाई जा रही हैं और रणनीति चुनाव आयोग में भी बन रही है, और रणनीति विपक्ष के अंदर भी बन रही है।
आने वाले समय में क्या होगा यह सब इस रणनीति के बाद सामने देखने को मिलेगा
लेकिन एक रणनीति है आम जनता की जिनकी रणनीति पूरी तरह से ओपन है, मतलब एक स्वर में इनकी रणनीति कहती है इस्तीफा, इस्तीफा और इस्तीफा
और जनता की रणनीति ही फाइनल रणनीति मानी जाती है
देश भ्रष्ट हो चुका है। अपने ही देश में तिरंगा फहराना अपराध है।
अब भी आपको इस देश की व्यवस्था में भरोसा है तो आप महामूर्ख हैं।
लोगों के साथ मारपीट करने, लड़कियों को रेप की धमकी देने, उन्हें अश्लील गालियां देने, हाथ में Knuckle पहनकर लोगों को घायल करने से बड़ा अपराध अब अपने ही देश के अंदर राष्ट्रध्वज फहराना है।
आप राष्ट्रध्वज फहरायेंगे तो पांच दिन के लिए जेल भेज दिए जाएंगे। लेकिन अगर सड़कों पर हिंसा फैलाकर खुलेआम धमकियां देंगे तो एक ही दिन में जमानत लेकर बाहर आ सकते हैं।
आज सीजेपी के मामले में वही पैटर्न देख रहा हूं। हिंसा फैलाने से बड़ा अपराध देश में राष्ट्रध्वज फहराना हो गया है। दिल्ली दंगों के समय भी यही हुआ था। शुरुआत में कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा जैसे भाजपा नेताओं ने ही हिंसा का आह्वान किया था।
प्रधानमंत्री की भाषा में कहूं तो हिंसा के इस आह्वान की ‘क्रिया’ पर जब ‘प्रतिक्रिया’ हुई तो हिंसा के लिए उकसाने वाले तो सांसद और मंत्री बनकर बैठे हैं, जबकि अहिंसा के सहारे बदलाव की बात करने वाले बिना ट्रायल ही जेल में हैं।
सरकार से लेकर न्यायपालिका तक पर अब इस देश में भरोसा नहीं किया जा सकता है। जज साहब भी जस्टिस वर्मा या जस्टिस गोगोई बनना चाहते हैं। कुछ ईमानदार हैं तो उन्हें जस्टिस लोया का हश्र दिखा दिया जाता है।
आशुतोष, सौरभ, आजिंक्य और अन्य सीजेपी कार्यकर्ताओं की पांच दिन की हिरासत असली देशद्रोहियों का चेहरा बेनकाब कर देती है।
देशद्रोही वो हैं जिनकी नज़र में तिरंगा फहराना बड़ा अपराध है, जबकि हिंसा फैलाना छोटा अपराध। देशद्रोही दिल्ली पुलिस है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "हमारी सबसे बड़ी सफलता तो यही है कि अमित शाह जो बहुत दिनों से खामोश थे, चुप्पी साध रखी थी, विवश हो गए कि कल उनको आना पड़ा, ये हमारी सफलता है। उनको शायद लंबा इतिहास नहीं मालूम है। 1985 में मैंने अपनी आंखों से संसद में दो सांसद भाजपा के बैठे देखे हैं। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में डबल डिजिट में नहीं पहुंच पाते थे। कांग्रेस अब तो वापसी की राह पर है, 4 राज्य हमारे पास हैं। उत्तर-प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब में जिस दिन चुनाव होगा वहां कांग्रेस के नेतृत्व में तिरंगा लहराएगा।"
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