@ChandreshSadya3 कांग्रेसी काम के कम फालतू की बात बहुत करता है। आज बस इस कारण से एक वंशवादी प्रधानमंत्री आम जनता की नजर में "पप्पू" बन गया है। फिर भी क्या मजाल है कि इनमें लेश मात्र भी शर्म का अहसास दिख जाए।
"राज चला गया, ठाठ चला गया, सोच में आज भी शौच भरा पड़ा है।"
थूककर चाटना इसे कहते हैं 👇
अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों के एनकाउंटर पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने बहाए घड़ियाली आंसू,, बोले पुलिस को एनकाउंटर नहीं करना चाहिए था, यह गलत हुआ
कल तक यही मोटा टिड्डा सरकार को कोस रहा था और आज सरकार ने एनकाउंटर कर दिया तो बदमाशों के प्रति आंसू बहा रहा है।
सभी जाट समाज को इसकी खबर लेनी चाहिए
ऐसे ही कुछ भड़वे नेताओं की वजह से हमारी पुलिस और एसटीएफ का मनोबल गिरता है। #shamli
मित्रों,,,,, मेरी गलती के कारण मै बहुत ही शर्मिंदा हुं ! मैने अनजाने में या कहें जानबूझकर ही मेरे कुछ सपा और rjd के भाईयों का दिल दुखाया है,,
मुझे यदमुल्ला जैसा शब्द उनके लिए उपयोग नहीं करना था! कुछ लोगों के बहकावे में आकर मैने ये गलत शब्द लिखता रहता था
और आज अखिलेश जी की कसम खाता हुं कि यदमुल्ला नहीं कहूंगा!
समाप्तवादी पार्टी के #बंधुआ #मज़दूर कहूंगा 🫣
क्योंकि ऐसे जातिवादी कीड़े मेरी दृष्टि में बंधुआ मज़दूर ही हैं! जो किसी पार्टी की गुलामी में अपना अस्तित्व भूलकर खुद को क्षत्रिय की जगह शूद्र मान बैठे हैं!
उनके नेता के अपमान पर मोर्चा खोल देते हैं ,लेकिन सनातन धर्म और धर्मग्रंथों के अपमान करने वाले का समर्थन कर देते हैं! आतंकवाद का mjhb बता नहीं सकते, लेकिन बाकी जातियों को गरियाते रहते हैं!
और अब सुनो बे सरपंडों,, #यदमुल्ला शब्द तुम्हारे कुकर्मों से निकलकर ही आया है,, इसलिए जीते रहो, सुनते रहो!
कैसा लगा मेरा मज़ाक? 🤣
क्या समझे थे? मै डर गया ,भक्क बे सरपंडों 😍
जय सनातन धर्म 🚩
जय श्रीकृष्ण 🚩
✍️
“नूपुर शर्मा की ज़बरदस्त वापसी 🔥
नूपुर शर्मा ने महिलाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये पर पलटवार किया:
“भंवरी देवी, नैना साहनी, MMS… ‘डेंटेड-पेंटेड’, ‘टंच माल’ (सस्ती चीज़), ‘आइटम’—ऐसे बयानों की लिस्ट कभी खत्म नहीं होती।”
“मेरे पास कांग्रेस के उन नेताओं की छह पेज की लिस्ट है जिन पर यौन उत्पीड़न और अश्लील टिप्पणी करने के आरोप हैं।”
“माफ़ी माँगना इतना मुश्किल क्यों है? कमलनाथ की माफ़ी तो बस ‘अगर-मगर’ वाली थी।”
“‘हम खुद को इससे अलग करते हैं’—इतना काफ़ी नहीं है। अगर यह गलत है, तो कार्रवाई कीजिए!”
“एक ही साल में महिलाओं से जुड़ी तीन बड़ी घटनाएँ। क्या यह सामान्य बात है?”
“खुशबू जी कहती हैं, ‘मैं सही साबित हुई। इसीलिए मैंने पार्टी छोड़ी।’”
“यह आपका दोहरा रवैया है—हाथरस के लिए हमदर्दी, लेकिन राजस्थान के मामले में दोष दूसरों पर मढ़ना। देश सब देख रहा है।”
“क्या इमरती देवी आपकी दलित बेटी नहीं हैं?”
“जाति, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का राजनीतिकरण बंद कीजिए। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए!” 🔥”
@noone1177105@ChandanSharmaG Pappu ke bare likh rahe ho kya?
Pappu pta nahi kitni bar mafi mang chuka lekin galti karna kabhi nahi chhoda.
Aviksit yuwa me bahut dum hai.
@ajeetbharti इन तथाकथित दलित ने ब्राह्मणों से शादी की लेकिन उनके बच्चे आज भी दलित है, पता है क्यों?
क्योंकि फायदा दलित होने में है..ब्राह्मण होने में नहीं..
मैं आज चिराग जी की जाति लेने के लिए तैयार हूं क्या वह मेरी जाति में आने के लिए तैयार हैं?
श्री चिराग पासवान जी, आपने कहा आरक्षण पर समीक्षा तो छोड़िए, चर्चा भी नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ को इतने लोग सड़कों पर आ जाएँगे कि सँभालना कठिन हो जाएगा।
मुझे नहीं लगता कि आपको ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का अर्थ भी पता है। नौ बार के सांसद और विधायक पिता के पुत्र, आज भी आरक्षित सीट से राजनीति कर रहे हैं। और दुर्भाग्य कि आज भी अपने समर्थकों को आप आगजनी-दंगा करने वाले गुंडों की तरह ही देखते हैं कि इन्हें सँभालना मुश्किल हो जाएगा।
आप ऑप्रेस्ड हैं, दलित हैं, पीड़ित हैं और आप सड़कों पर आने की धमकी भी दे देते हैं, ये विरोधाभास कैसे बाँच लेते हैं आप?
और हाँ, आपके चाहने, न चाहने से कुछ नहीं होता। घर में टीवी है तो एकाध बार डिबेट देखिए कि ‘चर्चा’ किस विषय पर हो रही है। और @JPNadda जी आरक्षण पर सोच रहे हैं या नहीं, यह भी आपको पता चल जाएगा।
वैसे यह भी ठीक है कि जब आपको ही ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का नहीं पता, तो जिन्हें आप सड़कों पर लाना चाह रहे हैं, वो कितना ही समझ पाएँगे। आपकी जाति SC का सबसे बड़ा हिस्सा ले जाती है। पासवान, चमार, धोबी और पासी 95% आरक्षण ले रहे हैं।
तो देखिए, युवा बिहारी @iChiragPaswan जी, चर्चा तो आरंभ हो चुकी है और @BJP4India ने एक कदम आधिकारिक रूप में बढ़ाया है, एक कदम अनाधिकारिक रूप से अन्य लोगों से रीच आउट कर के।
आप ‘बिहारी फर्स्ट’ की बात करते थे, ये अचानक से माफिया की भाषा क्यों बोल रहे हैं। आप तो मोदी जी के हनुमान हैं, मोदी जी पर विश्वास रखिए। वो चर्चा करवा रहे हैं, वरना आपको लगता है कि अनिल बेलूनी जी की कृपादृष्टि के बिना कोई भी टॉपिक चर्चा में आ सकता है?
गेम समझिए। परिस्थिति बदल रही है। महबूबा ने भी धमकी दी थी। वीपी सिंह को भी लगा था कि वो अनंत काल पीएम रहेगा। जनता से उसी पार्टी को चुना जिसके नेता ने संसद में खड़े हो कर ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था।
नेहरू ने OBC को 1955 में ही कोटा देने का विरोध किया था। 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। पर वो लगातार चुनाव जीतते रहे। तो ऐसा तो है नहीं कि यदि @narendramodi आज इस पर समीक्षा करें, और वह चुनाव हार जाएँगे!
संभव है कि सवर्ण और अनरिप्रेजेंटेड ओबीसी, एससी एकमुश्त वोट दे दे! इसीलिए, चर्चा और समीक्षा दोनों हो रही है, और हम रिफॉर्म भी करवा लेंगे।
ये लड़की office में जोब करती है, कल दोपहर को भूख लगी तो, swiggy से ₹189 रुपए का chicken rice नाश्ते में ऑर्डर किया।
10 मिनट बाद डिलीवरी बॉय आया ऑर्डर लाया, लड़की ने जैसे ही ऑर्डर खोला तो हैरान रह गई, खाना अंदर से पूरा बिखरा हुआ, खाने के लायक नहीं था।
लड़की ने तुरंत डिलीवरी बॉय को कॉल लगाया कोई रिस्पांस नहीं, फिर swiggy support से संपर्क किया तो, वहां से भी कोई संतुष्टि जवाब नहीं मिला।
लड़की बोली रात घंटों तक office में काम करके पैसे कमाती हूं, लेकिन आज ₹190 रुपए का नुकसान हो गया, Swiggy कंपनी चोर कंपनी है।
@CMOfficeUP@myogiadityanath जी के हिंदू बहनों को रक्षाबंधन की मुफ्त यात्रा उपहार का दुरुपयोग अनास्थावान् मुस्लिम महिलाएं प्रचुरता से करती हैं।इससे@UPSRTCHQ@UPGovt को राजस्व हानि व हिन्दू बहनों को असुविधा होती है।हिंदू पर्वों का लाभ केवल हिन्दुओं को मिले
#जिसकात्यौहार_उसकाउपहार
मोदी क्यों जरूरी है?
1-- जेवर एयरपोर्ट का निर्माण।
2-- 5 राज्यों में UCC लागू करना।
3-मिस काल पर गैस सिलेंडर;
4-आनलाईन बिलों का भुगतान;
5-यू पी आई पेमेंट;
6-डी जी लोकर
7-जन औषधि केंद्र
8-आयुष्मान कार्ड
9-नयी संसद भवन
10-फ्री वैक्सीनेशन
11-जन धन योजना
12-सर्जिकल स्ट्राईक
13-आप्रेशन सिंदूर
14-तीन तलाक़ बिल
15-आधार लिंक
16-फास्ट टैग
17-चिनाब ब्रिज
18-जम्बू की सुरंग
19- गंगा एक्सप्रेस-वे
20-काशी कोरीडोर
21-विश्वनाथ कोरीडोर
22-केदारनाथ पुनर्निर्माण
23-श्री राम मंदिर निर्माण
24-सुकन्या समृद्धि योजना
25-शौचालयों का निर्माण
26-रेलवे पटरियों का दोहरीकरण
27-टिकट बुकिंग में दिन कम
28-टिकट कैंसिलेशन सुविधा
29-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना
30-भारत माला प्रोजेक्ट
31-18 एम्स का निर्माण
32-S I R
33-महात्मा गांधी सेतु पुनर्निर्माण
34-भूपेन हजारिका सेतु
35-सेना का आधुनिकीकरण
36-मेक इन इंडिया
37-ड्रोन क्रांति
38-किसानों के खाते में सीधे पैसे
39-राशन डिजिटलाईजेशन
40-फ्री राशन
41-नोटबंदी
42-G S T लागू करना
43-G S T में भारी कटौती
44-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण
45-हर घर नल से जल
44-अभूतपूर्व बिजली उत्पादन
45-इनकम टैक्स में अभूतपूर्व छूट।
46-धारा 370 का हटाना।
47-553 नये रेलवे स्टेशन।
48-1500 नये ओवर ब्रिज।
49-200 से अधिक बेकार कानून हटाना।
50-E D के रिकार्ड तोड भ्रष्टाचारियों पर छापे।
51-3000 रु में फास्ट टैग की वर्षभर की छूट।
52-E V M में VV pad लागू करना।
53-कर्तव्य पथ मार्ग।
54-नोटों में सांस्कृतिक धरोहरों के चित्र।
55-नांलदा यूनिवर्सिटी का पुनर्निमाण।
56-तेजस का उत्पादन।
57-मोबाइल निर्माण में दुनियां में दूसरे नंबर पर।
58-मुद्रा योजना।
59-उज्ज्वला योजना।
60-सुरक्षा बीमा।
61-390 नये विश्वविद्यालय
62-7 नये IIT
63-7 नये IIM
64-300 नये मेडिकल कालेज।
65-पंबन ब्रिज का निर्माण।
66-ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट।
67-उत्तराखंड चारधाम सड़क निर्माण।
68-ब्रह्मोस उत्पादन फैक्ट्री।
69-असाल्ट रायफल निर्माण अमेठी।
70-वंदे भारत आधुनिक ट्रेनें।
71-वक्फ बोर्ड प्रापर्टी पर कानून।
72-रेलवे में बायोट्वायलेट।
73-G RAM जी योजना लागू करना।
74-सड़कों के निर्माण में भारत चीन को पीछे छोड़ चुका है।
75- 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां।
76- 8 लाख से अधिक कार्मिशियल लाइसेंस आवंटन।
77-80,000 नये पैट्रोल पंप।
78-शौर्य स्थल का निर्माण।
79-रेल बजट का आम बजट में विलय।
80-9000 से अधिक नये स्कूल।
81-बार्डर पर फैन्सिंग।
82-आर्मी को आतंक के विरुद्ध खुली छूट।
83-विकास कौशल योजना।
84-विमुद्रीकरण।
85-टोल नाके समाप्त करके फास्ट टैग सुविधा।
86--चंद्रयान।
87-मंगल मिशन।
88-मल्टी सैटेलाईट स्टैबिलाइजेशन।
89-बिहार में बाढ प्रभावित क्षेत्रों को कम करना।
90-- स्मार्ट सिटी विस्तार।
91--P F निकालना सुविधाजनक
92--निजी और घरेलू क्षेत्रों में 5 करोड़ से अधिक नये रोजगार का सृजन।
93-- निर्भया जैसे जघन्य अपराधों पर फांसी की सजा का कानून बनाना, वर्ना कांग्रेस के राज में तो बलात्कारियों को जमानत भी तुरंत मिल जाती थी!
94-- डिजिटल खसरा - खतौनी भू लेख
95-- कृर्षि कानून पारित हुए होते तो दलाली भी खत्म होती और मंडियों पर बहुत से बांग्लादेशियों के अवैध कब्जे भी खत्म हुए होते।
96-- स्टैच्यू आफ यूनिटी!
97-- 90 नये एयरपोर्ट !
98-- 500 किमी रेलवे सुरंगे जिनसे रेलवे की यात्रा की दूरी कम हुई है!
99 -- स्वर्णिम चतुर्भुज योजना!
100- अटल आदर्श ग्राम योजना!
101-- मुद्रा योजना!
102- नमामि गंगे!
103- स्वच्छ भारत!
104-- वन रैंक वन पेंशन!
105-- तीनों सेनाओं के प्रमुख CDS की नियुक्ति!
106- जन सेवा केंद्र!
107-- जोजिला सुरंग !
108-- 52,000 अमृत सरोवर बन चुके हैं!
109-- प्रधानमंत्री आवास योजना!
110--सैल्फ अटैस्टेड डाक्यूमेंटेशन!
111-- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ!
112--कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क स्थापित करना!
113--प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना!
114-- सिनेमाघरों में राष्ट्रगान!
115-- पूर्ण वंदे मातरम्
116-- अटल सेतु का निर्माण!
117-- सुरक्षा बीमा योजना!
118-- दिव्यांगों के लिए विशेष योजनाएं!
119- A I के 124 डाटा सैंटर मोदी ने बनवा दिए!
भा ज पा के साथ डटकर खड़े रहो ---
एक देश एक चुनाव;
जनसंख्या नियंत्रण कानून;
ये भी लागू होने हैं -----
आपने भाजपा को वोट दिया इसीलिए काश्मीर में पत्थरबाजी में 90% गिरावट आई।
और भी काम गिनवा सकते हैं -----
कांग्रेस झूठ और अफवाहें फैलाने की मशीन है! बचें।
प्रयागराज महाकुंभ में राज्य सरकार ने 7000 करोड रुपए खर्च किए थे जिसमें 2000 करोड़ केंद्र से अनुदान मिला था।
कुंभ मेले में देश-विदेश से मिलकर 61 करोड लोग प्रयागराज पहुंचे थे।
CII के अनुसार राज्य सरकार को एक दशमलव दो लाख करोड़ की कमाई हुई थी। किराया और अन्य टैक्सों से सरकार को 25000 करोड़ की आमदनी हुई।
कुल: 6 लाख से ज्यादा कामगारों के लिए रोजगार पैदा हुआ।
• सेक्टर-वाइज: ◦
हॉस्पिटैलिटी: 2.5 लाख
◦ एयरलाइंस/एयरपोर्ट: 1.5 लाख ◦ टूर ऑपरेटर्स: 45 हजार
◦ इको टूरिज्म + मेडिकल टूरिज्म: 85 हजार
◦ टूर गाइड, टैक्सी ड्राइवर, असंगठित क्षेत्र: 50-55 हजार
खर्च vs कमाई: सरकार ने 4200 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 1.2 लाख करोड़ का रिवेन्यू जेनरेट हुआ - यानी खर्च का करीब 28 गुना।
इसका अर्थ यह हुआ कि अगर धार्मिक कार्यक्रमों में सरकार खर्च करती है तो उसका 28 गुना उसे वापस मिलता है।
नासिक में भी महाकुंभ होने जा रहा है अनुमान है कि वहां 9000 करोड रुपए राज्य सरकार खर्च करेगी। प्रयागराज का उदाहरण ले ले तो महाराष्ट्र सरकार को भी खर्चे से कई गुना ज्यादा आमदनी होने वाली है।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीशको इसमें बुराई दिखाई दिया है एक निजी कार्यक्रम में उन्होंने इस खर्च को शिक्षा से जोड़ दिया और कहा कि इसका थोड़ा सा विभाग अगर शिक्षा पर खर्च होता तो स्कूल बंद नहीं होते।
समझ में नहीं आता कि उनकी चिंता स्कूलों के लिए थी या धार्मिक आयोजन पर होने वाले खर्च की। आज तक के किसी न्यायाधीश ने हज पर मिल रही सब्सिडी, इफ्तार आयोजनों पर सरकारी खर्च को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की
फिर सनातन धर्म से जुड़े आयोजनों, आस्था, परंपरा पर ही क्यों टिप्पणी की जाती है?
भारत के नास्तिक हिंदू बुद्धिजीवी क्यों भूल जाते हैं कि इस देश की पहचान सनातन धर्म से ही है?
आपको सनातन धर्म से अलग रहना है तो अलग रहिए लेकिन सरकार की आलोचना कुंभ के लिए नहीं करनी चाहिए क्योंकि भारत के मूल सनातनियों के प्रति भी सरकारों की जिम्मेदारी है।
वह भी तब जब खर्च के बदले 28 गुना ज्यादा आमदनी हो रही होm अगर व्यापार की दृष्टि से भी देख लिया जाए तो भी यह सरकारों के लिए मुनाफे का सौदा है।
तिलचट्टों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी है इसलिए वह 5 सितंबर को इंडिया गेट से पुलिस हैडक्वाटर तक मार्च करेंगे।
अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो उन्हें इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन, संसद भवन या प्रधानमंत्री निवास की तरफ मार्च करना चाहिए।
उन्होंने पुलिस हैडक्वाटर ही क्यों चुना? उनका मकसद है पुलिस से भिड़ना, ताकि पुलिस उन पर लाठी चार्ज करें या अन्य कोई बड़ी कार्रवाई करें।
दरअसल उनका इरादा है, बड़ा दंगा करना और 12-13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत को विश्व पटल पर बदनाम करना।
यह है दिमागी नक्सलियों का इरादा जिन्होंने तिलचट्टों को पैदा किया है।
@grok@Pradeepkdubey95@Ambhrni@ajeetbharti हग पिछे से किया जाता है। पहली बार समझने की कोशिश कर रहा हूं।
ओह सॉरी! अब समझा सब चिपक कर मल त्याग कर रहे हैं।
मतलब पहला दुसरे के आगे।
दुसरा तीसरे के आगे।
और चौथा व्यक्ति तीसरे के आगे मल त्याग कर रहा है।
यहां कोई किसी के आगे पाद भी देता है तो महाभारत होते होते बचता है। और ये 🤬
कुछ FAQs के उत्तर:
१. ठीक है भाजपा को हरा कर कॉन्ग्रेस ले आओ, तब देखना…
उत्तर: मुझे यह नहीं पता था कि नई पार्टी बनाने पर प्रतिबंध है और जनता की हथेली पर भाजपा के नाम का ब्लड पैक्ट हो रखा है!
२. अजीत भारती अपनी राजनीति चमका रहा है…
उत्तर: तो क्या यह अधिकार केवल नरेन्द्र मोदी, राहुल गाँधी, केजरीवाल को ही है?
३. अजीत भारती सपा अजेंट है, सोरोस अजेंट है, कॉन्ग्रेस का प्लांटेड है, वामपंथी है…
उत्तर: साबित करो, केवल बकलोली मत करो! और यदि तुम सपा-कॉन्ग्रेस का कुछ नहीं कर पा रहे, तो अजेंट से क्या समस्या है?
४. एक पंचायत का चुनाव नहीं जीत सकते…
उत्तर: फिर तुम्हारी और तुम्हारे अनेक बापों की क्यों फटी हुई है इस आंदोलन को देख कर?