महाराष्ट्राच्या जनतेचे आभार!
दिल्लीतील विद्यार्थ्यांवर झालेल्या अत्याचारा विरोधात फक्त 48 तासात महाराष्ट्र बंदच्या आवाहनाला प्रचंड प्रतिसाद राज्यातील जनतेने दिला, त्याबद्दल आभार.
मुंबई, नागपूर, पुणे, नांदेड, लातूर, कोल्हापूर, उस्मानाबाद, गोंदिया, गडचिरोली, भंडारा, जळगाव, नाशिक या जिल्ह्यांसह राज्यातील सर्व जिल्ह्यांनी सरकार विरोधात आपला राग व्यक्त केला. यातून केंद्र सरकार बोध घेईल ही अपेक्षा!
या महाराष्ट्र बंदला पाठिंबा देणारे काँग्रेस, डावे पक्ष, सामाजिक संघटना यातील लोकं सहभागी झाले. त्यांनीही यात मेहनत घेतली.
#महाराष्ट्र_बंद #Delhi #StudentsVoice
@thatPunekar भाषा नीट वापरायला पाहिजे. डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर यांचे पणातू आहेत. सुजात दादा आंबेडकर. आपन कसली भाषा वापरतो यावरून स्वतः चि पात्रता समजते. डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या मुळेच मुंबई महाराष्ट्रा मध्ये सामील झाली आहे. हे विसरता कामा नये. VBA जिंकणार. मराठी माणसाला आता बदल हवा आहे.
The IndiGo crisis is a big proof that what happens when two companies run an entire market. One glitch and the whole system collapses. Consumers get trapped, prices shoot up, and the economy takes the hit.
And it’s not just aviation sector. India is slowly turning into a country of duopolies —
Telecom market — Airtel and Jio
E-commerce — Amazon and Flipkart
Internet Broadband — Airtel and Jio
Airports management — GMR and Adani
Ports management — JSW and Adani
Cabs — Uber and Ola
Food delivery — Zomato and Swiggy
When competition dies, vulnerability rises. Today it is IndiGo. Tomorrow it could be any of these sectors.
India needs more players, more choices, and real competition before the next crisis lands and affects the consumers and the economy.
राकट देशा, कणखर देशा, दगडांच्या देशा
आपल्याच जातीचा धर्माचा म्हणून मत देऊन दर निवडणुकीत त्याच प्रस्थापित दगडांना नवीन शेंदूर फासून देव बनवण्याच्या भिकार मानसिकतेमुळे आपल्या राज्याची ही अवस्था झाली आहे.
बाटली आणि मटण पायी तुमच्या पोरांच्या नशीबी चिखल आलाय !
सरकार अग्निवीर मुरली नाइक को शहीद सैनिक का दर्जा दें! सरकार एक करोड़ की सहायता और पुनर्वास की गारंटी दे - नहीं तो वंचित बहुजन आघाड़ी हाईकोर्ट जाएगी!
◆ लाइफ इन्फेंट्री में कार्यरत अग्निवीर जवान मुरली नाइक, जो रमाबाई अंबेडकर नगर, घाटकोपर के निवासी थे, अपनी सेवा के दौरान शहीद हो गए। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उनके परिवार के लिए अभी तक कोई ठोस सहायता की घोषणा नहीं की गई है। यह मामला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। सरकार मुरली नाइक के परिवार को एक करोड़ रुपये प्रदान करे और उनके परिवार का पुनर्वास करे। अन्यथा हमें हाईकोर्ट जाना पड़ेगा।
"सैनिकों को दिए जाने वाले समान लाभ, सहायता और सम्मान अग्निवीर सैनिकों को भी दिए जाने चाहिए। महाराष्ट्र सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि सेवा के दौरान शहीद होने पर सहायता का प्रावधान है। तो मुरली नाइक के मामले में अपवाद क्यों?"
"मैंने व्यक्तिगत रूप से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है और जल्द ही उनसे मिलकर इस मुद्दे को उठाऊंगा। अगर सरकार इस पर कोई ठोस रुख नहीं अपनाती है तो हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से नहीं हिचकिचाएंगे।"
◆ वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा की गई मांगें -
1. अग्निवीर जवान मुरली नाइक को आधिकारिक शहीद का दर्जा दिया जाए।
2. उनके परिवार को तत्काल एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
3. राज्य सरकार परिवार के पुनर्वास की गारंटी दे।
4. शहीद के परिवार को सभी सम्मान और सरकारी लाभ दिए जाएं।
जनता को अग्निवीर और उनके परिवारों के लिए न्याय के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आवाज उठानी चाहिए ताकि अग्निवीर जवानों को भी सैनिकों का दर्जा और सुविधाएं दी जा सकें!
भारतीय सशस्त्र बलों ने करारा जवाब दिया। भारत को भारतीय सशस्त्र बलों पर गर्व है!
जय भारत!
Indian Armed Forces gave a befitting reply. India is proud of Indian Armed Forces!
Jai Bharat!
#MissionSindoor
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट मिडिल क्लास को लॉलीपॉप है!
• उद्योगपतियों के हाथ में खेती देने का काम चल रहा है
• बेरोजगारी को बढ़ावा देने वाला बजट है; बेरोजगारी दूर करने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है
• भारतीय अर्थव्यवस्था तीन-चार महीनों में ढहने की आशंका है
• बजट में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी, दालों की कीमतों में बढ़ोतरी, खाद्य तेलों की कमी पर ध्यान नहीं दिया गया है
• एसी-एसटी का बजट कम कर दिया गया है
निर्मला सीतारमण ने पत्रकारों को बस एक अच्छी हेडलाइन दी है, मिडिल क्लास को कुछ नहीं दिया है!
@anod_zote@Sujat_Ambedkar@VBAforIndia तेव्हा पण आंबेडकर आता पण आंबेडकर जिथे अन्याय, अत्याचार, दडपशाही होते, तिथे फक्त बाबासाहेब आंबेडकर यांचे रक्त मदतीला धावून येते बाकी कुणी नाही, सुजाता दादा आप आगे बढो हम आपके साथ है.
हीच नालायक लोक जेव्हा करून, मैत्री, शिलाची गोष्ट करतात तेव्हा यांचं तोंड फोडावेसे वाटते. सरोदेनी मालकाला खुश करण्यासाठी एवढं नालायक वागायला नव्हतं पाहिजे !!