जब हमने Tik Tok को उसका औकात बता दिया फिर यह Make My Trip कौन से खेत का मूली हैं? #UninstallMakeMyTrip
दिखाइए अपना ताकत और झुका दीजिए Make My Trip कंपनी को, माफी मांगने पर मजबुर कर दीजिए
मालदीव की ऐसी तैसी
ठोको REPOST
विश्व हिन्दू परिषद या संघ या मंदिर समिति के जिन लोगों ने अखिलेश को निमंत्रण भेजा उन्होंने क्या सोचा होगा? जिसके बाप ने कारसेवकों के शवों से सरयू पाट दी थी, आपने किस आधार पर उस पार्टी को निमंत्रण भेजा?
और आ जाते तो कहाँ बिठाते? उन्हीं कारसेवकों के आगे, जिनकी छवियों को छाती से लगाए परिजन वहीं उपस्थित कहीं पीछे की पंक्ति में होंगे?
थोड़ी भी लज्जा नहीं आई? यह कह कर मत बचो कि सारी पार्टियों के अध्यक्षों को बुलाया है। इतनी बुद्धि होनी चाहिए कि हत्यारे और पीड़ित परिजनों को साथ नहीं बिठाया जाता!
अब यह कह कर झेंप मत छुपाना कि ‘हमें पता था वो नहीं आएगा’। बात वही है कि विरोधियों से स्वीकार्यता का ऐसा नशा है इनके मन में कि ‘ये तो आपका बड़प्पन है’ सुनने के लिए ये उन सारे बलिदानियों पर थूक रहे हैं जो आंदोलन का हिस्सा थे।
आपने नेतृत्व दिया, बहुत अच्छी बात है। पर आप जीवित हैं, वो मर गए। उनकी मृत्यु का सम्मान कीजिए। आपका वैयक्तिक बड़प्पन धेले भर का महत्व नहीं रखता।
पूरे समाज को शत्रुबोध की स्मृति बारम्बार कराने वाले स्वयं ही भूल गए हैं कि शत्रु कौन थे, और कौन है। घिन आती है मुझे इस सोच पर जहाँ राम मंदिर के उद्घाटन हेतु, जहाँ कोई राजनैतिक या संवैधानिक बाध्यता नहीं है, वहाँ इन हत्यारों को, और उन लोगों को भी निमंत्रण भेजा जा रहा है जिन्होंने राम भगवान के अस्तित्व को काल्पनिक कह कर नकार दिया था।
👉🏾मोदीजी का दूसरा झटका ये होना चाहिए..
#एक्ट_30-ए समाप्त हो..
मोदी जी हिन्दुओं के साथ किये हुये विश्वासघात को सुधारने के लिए पूरी तरंह से तैयार भी हैं।
आपने "कानून 30" और "30 ए" सुना ही होगा..
अधिक जानने के लिए ⬇️
30-A संविधान जब लेहरू ने इस कानून को
@SakshamGV@AnyanyaBG👇🏾👇🏾
अपामार्ग या चिरचिटा का पौधा पेट की लटकती चर्बी, सड़े हुए दाँत, गठिया, आस्थमा, बवासीर, मोटापा, गंजापन, किडनी आदि 20 रोगों के लिए किसी वरदान से कम नही...
आज हम आपको ऐसे पौधे के बारे में बताएँगे जिसका तना, पत्ती, बीज, फूल, और जड़ पौधे का हर हिस्सा औषधि है, इस पौधे को अपामार्ग या चिरचिटा (Chaff Tree), लटजीरा कहते है। अपामार्ग या चिरचिटा (Chaff Tree) का पौधा भारत के सभी सूखे क्षेत्रों में उत्पन्न होता है यह गांवों में अधिक मिलता है खेतों के आसपास घास के साथ आमतौर पाया जाता है इसे बोलचाल की भाषा में आंधीझाड़ा या चिरचिटा (Chaff Tree) भी कहते हैं-अपामार्ग की ऊंचाई लगभग 60 से 120 सेमी होती है आमतौर पर लाल और सफेद दो प्रकार के अपामार्ग देखने को मिलते हैं-सफेद अपामार्ग के डंठल व पत्ते हरे रंग के, भूरे और सफेद रंग के दाग युक्त होते हैं इसके अलावा फल चपटे होते हैं जबकि लाल अपामार्ग (RedChaff Tree) का डंठल लाल रंग का और पत्तों पर लाल-लाल रंग के दाग होते हैं।
इस पर बीज नुकीले कांटे के समान लगते है इसके फल चपटे और कुछ गोल होते हैं दोनों प्रकार के अपामार्ग के गुणों में समानता होती है फिर भी सफेद अपामार्ग(White chaff tree) श्रेष्ठ माना जाता है इनके पत्ते गोलाई लिए हुए 1 से 5 इंच लंबे होते हैं चौड़ाई आधे इंच से ढाई इंच तक होती है- पुष्प मंजरी की लंबाई लगभग एक फुट होती है, जिस पर फूल लगते हैं, फल शीतकाल में लगते हैं और गर्मी में पककर सूख जाते हैं इनमें से चावल के दानों के समान बीज निकलते हैं इसका पौधा वर्षा ऋतु में पैदा होकर गर्मी में सूख जाता है।
अपामार्ग तीखा, कडुवा तथा प्रकृति में गर्म होता है। यह पाचनशक्तिवर्द्धक, दस्तावर (दस्त लाने वाला), रुचिकारक, दर्द-निवारक, विष, कृमि व पथरी नाशक, रक्तशोधक (खून को साफ करने वाला), बुखारनाशक, श्वास रोग नाशक, भूख को नियंत्रित करने वाला होता है तथा सुखपूर्वक प्रसव हेतु एवं गर्भधारण में उपयोगी है।
चिरचिटा या अपामार्ग (Chaff Tree) के 20 अद्भुत फ़ायदे -:
1. गठिया रोग :-
अपामार्ग (चिचड़ा) के पत्ते को पीसकर, गर्म करके गठिया में बांधने से दर्द व सूजन दूर होती है।
2. पित्त की पथरी :-
पित्त की पथरी में चिरचिटा की जड़ आधा से 10 ग्राम कालीमिर्च के साथ या जड़ का काढ़ा कालीमिर्च के साथ 15 ग्राम से 50 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम खाने से पूरा लाभ होता है। काढ़ा अगर गर्म-गर्म ही खायें तो लाभ होगा।
3. यकृत का बढ़ना :-
अपामार्ग का क्षार मठ्ठे के साथ एक चुटकी की मात्रा से बच्चे को देने से बच्चे की यकृत रोग के मिट जाते हैं।
4. लकवा :-
एक ग्राम कालीमिर्च के साथ चिरचिटा की जड़ को दूध में पीसकर नाक में टपकाने से लकवा या पक्षाघात ठीक हो जाता है।
5. पेट का बढ़ा होना या लटकना :-
चिरचिटा (अपामार्ग) की जड़ 5 ग्राम से लेकर 10 ग्राम या जड़ का काढ़ा 15 ग्राम से 50 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम कालीमिर्च के साथ खाना खाने से पहले पीने से आमाशय का ढीलापन में कमी आकर पेट का आकार कम हो जाता है।
6. बवासीर :-
अपामार्ग की 6 पत्तियां, कालीमिर्च 5 पीस को जल के साथ पीस छानकर सुबह-शाम सेवन करने से बवासीर में लाभ हो जाता है और उसमें बहने वाला रक्त रुक जाता है। खूनी बवासीर पर अपामार्ग की 10 से 20 ग्राम जड़ को चावल के पानी के साथ पीस-छानकर 2 चम्मच शहद मिलाकर पिलाना गुणकारी हैं।
7. मोटापा :-
अधिक भोजन करने के कारण जिनका वजन बढ़ रहा हो, उन्हें भूख कम करने के लिए अपामार्ग के बीजों को चावलों के समान भात या खीर बनाकर नियमित सेवन करना चाहिए। इसके प्रयोग से शरीर की चर्बी धीरे-धीरे घटने भी लगेगी।
8. कमजोरी :-
अपामार्ग के बीजों को भूनकर इसमें बराबर की मात्रा में मिश्री मिलाकर पीस लें। 1 कप दूध के साथ 2 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित सेवन करने से शरीर में पुष्टता आती है।
9. सिर में दर्द :-
अपामार्ग की जड़ को पानी में घिसकर बनाए लेप को मस्तक पर लगाने से सिर दर्द दूर होता है।
10. संतान प्राप्ति :-
अपामार्ग की जड़ के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में दूध के साथ मासिक-स्राव के बाद नियमित रूप से 21 दिन तक सेवन करने से गर्मधारण होता है। दूसरे प्रयोग के रूप में ताजे पत्तों के 2 चम्मच रस को 1 कप दूध के साथ मासिक-स्राव के बाद नियमित सेवन से भी गर्भ स्थिति की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
11. मलेरिया :-
अपामार्ग के पत्ते और कालीमिर्च बराबर की मात्रा में लेकर पीस लें, फिर इसमें थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर मटर के दानों के बराबर की गोलियां तैयार कर लें। जब मलेरिया फैल रहा हो, उन दिनों एक-एक गोली सुबह-शाम भोजन के बाद नियमित रूप से सेवन करने से इस ज्वर का शरीर पर आक्रमण नहीं होगा। इन गोलियों का दो-चार दिन सेवन पर्याप्त होता है।
आज हम यह तय कर लेंगे की आप पंडित नाथूराम गोडसे जी को मानते हैं या मोहनदास करमचंद गांधी को मानते हैं?
गोडसे जी के लिए : रिपोस्ट ( RP )
गांधी जी के लिए : लाइक
देखते हैं, आज इस ट्विटर ( X ) पर गोडसे जी को मानने वाला ज्यादा है या महात्मा गांधी को मानने वाला ज्यादा है?
#नाथूराम_गोडसे_अमर_रहे
साथ ही सभी लोग इस हैशटैग का इस्तेमाल करें
कल यह हैशटैग नंबर वन पर होना चाहिए
पूरे भारत के साथ-साथ दुनिया को भी यह मालूम चलना चाहिए कि भारत में कौन सबसे ज्यादा हमारे दिल में बसते हैं?
बरेली की सड़को पर जो अवैध मजारे है उन पर बुलडोजर से कार्यवाही की जानी चाहिए
सनातनियों आपके हाथ में जो मोबाइल है , उसी से इन अवैध मजारों पर कार्यवाही हो सकती है
प्रशासन को टैग करके कार्यवाही की मांग कीजिए