राहुल जी, पंजाब सरकार नशे के विरुध्द निर्णायक युद्ध लड़ रही है।
पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी।
पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है।
मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है। इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए कल आपके विधायक भी जब उस गांव में गये तो गाँव वालों ने उन्हें निकाल दिया। ये विडियो देखिए। वो इसलिए क्योंकि जो आपने लिखा है वो सरासर झूठ है। मेरा आपसे निवेदन है कि आप भी एक चक्कर इस गाँव का लगाकर आ जाइए।
हमारी सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और आप इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए।
राहुल गांधी जी, लाशों ऊपर राजनीति ना करो, पंजाबी इस तरह की राजनीति को पसंद नहीं करते।
ये देखिए काँग्रेस के नेता जब पीड़ित के गाँव जाकर भी यही गंदी राजनीति करने का प्रयास कर रहे थे, तो लोगों ने उन्हें वहाँ से भगा दिया।
इस मामले में सभी आरोपियों को परिवार की निशानदेही पर पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया है। पंजाब में नशा फैलाने की ज़िम्मेदार अकाली, बीजेपी और कांग्रेसी सरकारें रही हैं। मेरी सरकार में किसी भी नशा तस्कर को बख़्शा नहीं जाएगा।
राहुल जी,
काँग्रेस के नेता पीड़ित के गाँव जाकर भी यही गंदी राजनीति करने का प्रयास कर रहे थे, लोगों ने उन्हें वहाँ से भगा दिया। सभी आरोपियों को परिवार की निशानदेही पर पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया है।
पंजाब में नशा फैलाने की ज़िम्मेदार अकाली बीजेपी और कांग्रेसी सरकारें रही हैं। AAP सरकार में किसी नशा तस्कर को बख़्शा नहीं जाता।
राहुल गांधी जी, झूठ बोलने से पहले मृतक के बेटे का ये वीडियो तो देख लेते।
मृतक का बेटा साफ़ शब्दों में बोल रहा है कि उसके परिवार पर मंत्री द्वारा कोई दबाव नहीं डाला गया। अफ़वाह उड़ाना बंद करें।
दोषी पकड़े गए हैं और भगवंत मान सरकार उन्हें फाँसी के फंदे तक पहुँचाएगी।
@SachinPilot Cheema ji ke nirdesh par police ne turant action liya aur aaropi aaj salakhon ke peeche hain. Phir bhi Congress gandi rajneeti se baaz nahi aa rahi.
एक व्यक्ति ने मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी और उसके शिकायत रखने के तुरंत बाद परिवार की शिकायत पर सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
लेकिन जिस व्यक्ति का पहला वीडियो सामने आया, उसमें उसने कहीं भी किसी मंत्री का नाम नहीं लिया था।
जब उसने ज़हर खा लिया, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय कथित तौर पर मंत्री का नाम लेकर वीडियो बनवाने का दबाव डाला गया और कहा गया कि अगर वह वीडियो नहीं बनाएगा, तो उसे अस्पताल नहीं ले जाया जाएगा।
क्या बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल की राजनीति इतनी गिर चुकी है कि अब लाशों पर भी राजनीति की जा रही है?
-@anuragdhanda, National Media In-charge, AAP