अमेरिका और इज़राइल के सैनिक कैसे हैं,
मिसाइल लगने पर भी सिर्फ घायल हो रहे हैं, कोई मर नहीं रहा।
ये अंतरराष्ट्रीय मीडिया तो गोदी मीडिया से भी आगे है भाई।
फ़र्क़ बिल्कुल साफ़ दिखाई दे रहा है —
कुछ इज्जत के साथ शहीद हुए, जिनकी याद हमेशा दिलों में जिंदा रहेगी,
और कुछ जलील होकर जी रहे हैं, जिनकी ज़िंदगी शर्म और अपमान में कट रही है!!
Some people are saying that there was an attack on Mahdi Rasouli’s house.
I’m not sure how true this is, but I urge everyone to pray that Allah keeps him and all believers safe!!🤲🏻
कल तक सब सही था। फिर महामानव ने लोगो को बताया कि कोरोना जैसे हालात होने वाले है.
गुजरात के सूरत में पेट्रोल पंप के पास हजारों की भीड़, इस हालात को देखकर यह सभी अपनी टंकी फुल कराने का प्रयास करेंगे, करेंगे भले ही पेट्रोल पंप की टंकियां खाली हो जाएं।
इज़रायली सेना पर यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि एक मासूम दो साल के फ़लस्तीनी बच्चे को उसके पिता से पूछताछ के लिए ज़ुल्म का निशाना बनाया गया—उसके पैरों को सिगरेट से जलाया गया और कील तक धँसाई गई।
और फिर दावा किया जाता है कि यही दुनिया की “सबसे moral सेना” है।