सुरजेवाला जी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रहे हैं, मुख्य प्रवक्ता रहे नेता के मुँह से निकली हुई बात को अगर कांग्रेस के लोग नज़रअंदाज़ करने की बात करें तो यह आश्चर्य की बात है, वैसे सुरजेवाला जी अपनी बातचीत में बहुत नापतोल बोलते हैं फिर भी अगर बोला गया है तो इसका मतलब यही है कि पार्टी से नाप तौल के ही बुलवाया गया होगा। हममें और इनमें यही फ़र्क है हम जनता को जनार्दन कहते हैं जिनके सामने PM श्री @narendramodi जी भी नतमस्तक रहते हैं, पाँव तक धो चुके हैं।
मगर आज जो कांग्रेस के लोग अपने शासन काल में रामायण और महाभारत को पुस्तकों में काल्पनिक लिखते नहीं थकते थे जो न्यायालय में हलफ़नामा देकर राम को और रामायण को काल्पनिक कहते थे।
वो कहते हैं कि मैं महाभारत की धरती से श्राप दे रहा हूँ। वो पार्टी जिस समय विभाजन की विभीषिका में मारे गये और लाखों लोग और बर्बाद हुए करोड़ों लोगों की क़ुर्बानी का मज़ाक बनाया जिन्होंने गोरक्षक संतों पर बोलियों चढ़वाई जिन्होने सिक्कों का नुक़सान भार करवाया जिन्होंने ये कार सेवकों पर गोली चलाने वालों का समर्थन किया, ऐसी पार्टी के कर्म दैवीय है या राक्षसी और उनके साथ जो कुछ हुआ है पिछले कुछ वर्षों में वो वरदान है या श्राप यह में जनता के विवेक पर छोड़ता हूँ।
Legal view on Raghav Chadda’s case. Forgery for the purpose of cheating (464, 467, 471 of IPC).
The crime is good enough to bring his political career to an end.
लालू यादव - परिवारवादी
शरद पवार - परिवारवादी
अखिलेश यादव - परिवारवादी
ममता - परिवारवादी
कांग्रेस पार्टी -परिवारवादी
शिवसेना - परिवारवादी
स्टालिन - परिवारवादी
उमर अब्दुल्ला - परिवारवादी
और फिर उसी परिवारिवादी पार्टियों के गोद में जाकर बैठ भी जाएंगे !! वाह।
विपक्ष यह कहता है कि विगत 78 दिनों से वो तो मणिपुर की घटना पर गंभीर था सरकार को आगाह कर रहा थे तो इन्हीं 78 दिनों में इन लोगों की अपनी ऑल पार्टी मीटिंग पटना और बंगलुरु में हुई ।कोई एक वक्तव्य या एक प्रेस विज्ञप्ति बता दें जिसमें इन्हें मणिपुर की कहीं भी ज़िक्र हो। वहाँ तो चर्चा केवल आपसी उठापटक और मोदी जी के प्रति विरोध की ही रही।
संसद सत्र शुरू होने पर भी इनके के मन में मणिपुर के लिए कोई गंभीरता नहीं है इनके लिए इस दुखद घटना पर संवेदनशीलता के साथ चर्चा से अधिक महत्व किस नियम के तहत चर्चा हो उसका लगता है।
अतः साफ़ है कि ये मणिपुर के संवेदनशील विषय पर अपनी राजनीतिक की संभावनाएं तलाश रहे है चर्चा नहीं चाह रहे हैं।
પ્લાસ્ટિક ની થેલી સાથે જમવાની વસ્તુઓ રસ્તા પર ન ફેંકો પ્લીઝ.. એક પહેલ હું કરું છું અને બીજી પહેલ તમે કરો આ પોસ્ટ દરેક નાં ગ્રુપ માં સેન્ડ કરવાં વિનંતી જય ગૌમાતા👏👏👏