@bstvlive वन विभाग की लापरवाही है ठेकेदारों का शोषण पार्किंग के साथ साथ प्रति व्यक्ति 5रुपये का ठेका देत��� है विभाग और ठेकेदारों को सिर्फ पार्किंग वसूली का निर्देश कहाँ का न्याय है
@gyanu999 ऐसी हरकत पर तो स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर को तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन क्या होगी कार्यवाही यही गरीब आदिवासी के जगह कोई और होता तो कार्यवाही हो गई होती 🤔
यूँ तो आम नागरिकों ग़रीबों वंचि���ों के लिए सरकारी अस्पताल ही एकमात्र सहारा होते हैं, निःशुल्क इलाज के लिए सरकारी ख़ज़ाने से भरपूर बजट भी दिया जाता है पर तंत्र के धनलोलुपों को रकम चाहिए ही चाहिए!
एक वायरल वीडियो पोस्ट कर रहा हूँ जो मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का है। जहां मुसहर जनजाति के एक निर्धन व्यक्ति के बच्चे की टूटी हड्डी का ऑपरेशन होना था पर डॉक्टर साहेब ने रकम माँगी। चूँकि डॉक���टर ‘महादयालु’ थे तो चौदह हज़ार बताकर जबराना चार हज़ार कर दिया। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कार्रवाई की रस्म अदायगी की गई, पर ऐसी कार्रवाइयों का हश्र क्या होता है पब्लिक जानती है। जो ग़रीब भुगतते हैं उनके पास इतनी ताक़त व हैसियत नहीं होती है कि लखनऊ या दिल्ली जंतर मंतर जाकर विरोध दर्ज कर सकें!😢
@brajeshpathakup जी गहन जांच करवाकर नजीर लायक ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कर दें🙏
@ashvani11111@brajeshpathakup@Sen2Partha@sanjaychapps1@DM_MIRZAPUR@asmcmirzapur चिकित्सक जी के ऊपर मेहरबानो कि मेहरबानी कुछ ज्यादा ही है ऐसे मे कार्यवाही नहीं हो सकती है इतना अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि जो चिकित्सक आदिवासी मरीज से धन उगाही कर सकता है वह आम जनता के साथ क्या क्या कैसे कैसे करता होगा भगवान भला करें
@PankajSonk40524@UPPCLLKO@aksharmaBharat@CMOfficeUP@PuVVNLHQ@UPGovt यह विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से ही हो रहा होगा क्योंकि अभी तक इस प्रकार का कोई भी नया आदेश हमारी ओर आपकी सरकार द्वारा नियम नहीं लगाया गया की बिना सहमति के छत के ऊपर से हाई टेंशन तार का विस्तार किया जाए ।