मदुरंतकम में निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. जी. मूर्ति ने बूथ नंबर 11 की EVM कंट्रोल यूनिट में खराबी का आरोप लगाया
उन्होंने VVPAT मशीन दिखाने की मांग की, लेकिन उनके मुताबिक लिखित अनुरोध पर सुनवाई नहीं हुई
काउंटिंग सेंटर के बाहर मीडिया से बात करने के दौरान पुलिस और CAPF कर्मियों द्वारा उन्हें पीछे धकेले जाने का भी आरोप है
#evm #vvpat #चुनाव #मदुरंतकम #चुनावपारदर्शिता
An Adivasi woman worker was allegedly assaulted inside a jaggery factory in Sankarapuram, Kallakurichi district, Tamil Nadu. A case has been registered under the SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, yet the accused had reportedly not been arrested as of October 8, 2026.
@TVKVijayHQ , why is your government failing to ensure swift justice for Adivasi women?
Are the dignity and safety of Adivasi women not a priority for your government? Will the law remain confined to paper, or will it be enforced on the ground?
We demand the immediate arrest of the accused, a fair investigation, and justice for the victim.
@actorvijay@TVKPartyHQ@CMOTamilnadu@jualoram@mkstalin@Udhaystalin@Suriya_offl@rashtrapatibhvn
"India has no compassion for dalits." 💔
It's hard to see Sahil Wakode's parents sitting on hunger strike for justice. Today is the 9th day, yet their voices remain unheard.
साहिल वकोडे का सरनेम केवल 10 मिनट के लिए बदल दिया जाए.
साहिल शर्मा ?
साहिल गुप्ता ?
साहिल अग्रवाल ?
साहिल उपाध्याय ?
न्यूज़ चैनलों पर खबरों की भरमार लग जाएगी. न्यूज़ डिबेट होने लगेगी. न्यूज़ एंकर उछल उछल कर साहिल के समर्थन में बोलेगा.
आमरण अनशन के मंच पर मीडिया की OB वैन खड़ी होकर लाइव कवरेज दिखाएगी.
पूरा इंडिया केवल साहिल साहिल साहिल के नाम पर चर्चा करेगा. यह होती है सरनेम के विशेष अधिकार की ताकत.
साहिल वकोडे के माता पिता 9 दिनों से अनशन पर बैठे हैं कहीं कोई चर्चा या शोर नही ?
महाराष्ट्र के चंद्रपुर की जांभुलघाट आदिवासी आश्रमशाला में 82 विद्यार्थियों के बाल आधे काटकर अपमानित किए जाने के गंभीर आरोप बेहद शर्मनाक हैं। आदिवासी बच्चों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार और जनजातीय विकास विभाग जवाब दें! तत्काल निष्पक्ष जाँच हो, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित बच्चों को न्याय मिले। शिक्षा के मंदिरों को प्रताड़ना के अड्डे बनाने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
“जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” का नारा देकर सोए हुए समाज को जगाने वाले और “वोट हमारा, राज तुम्हारा नहीं चलेगा” के नारे से शोषित समाज में राजनीतिक चेतना पैदा करने वाले बहुजन नायक, मान्यवर साहब कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें कृतज्ञता पूर्ण नमन एवं विनम्र आदरांजलि। हम संकल्प लेते हैं कि आपके “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के अधूरे सपने को मंजिल तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।
अगर ऐसा ही चलना है, तो मोदी जी आज रात आठ बजे लाइव आकर अघोषित इमरजेंसी को घोषित ही कर दें। कम से कम देश का एक भ्रम तो दूर होगा कि लोकतंत्र अभी चल रहा है!
अब ये देखिए। बिहार में जिनके नाम काटे गए, उनके जोड़े जाएंगे। यह काम पहले क्यों नहीं हुआ? इसका मतलब है नाम ग़लत आधार पर कटे। चोरी पकड़ी गई। लोगों को कहना चाहिए कि हमारा वोट पिछले चुनाव में काटा, हमारा वोट अब क्यों लौटा रहे हो? बिहार का चुनाव अवैध हो जाता है। इसी आधार पर बंगाल का चुनाव देखिए तो कितना कुछ हुआ होगा। फिर भी कैसे कोई SIR का बचाव कर रहा है।
तेलंगाना के नालगोंडा जिले की देवरकोंडा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता द्वारा सरेआम
दलित समुदाय की महिला ग्राम संगठन सहायक को थप्पड़ मारने और उसके बाल पकड़कर घसीटने की घटना बेहद शर्मनाक, पीड़ादायक और गंभीर है। बताया जा रहा है कि स्वयं सहायता समूह के फंड को लेकर हुए विवाद के दौरान यह घटना हुई।
@TelanganaCMO से मांग है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी के खिलाफ सभी संबंधित धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
साथ ही पीड़िता को तत्काल सुरक्षा, उचित कानूनी सहायता और न्याय मिले। किसी भी राजनीतिक प्रभाव या दबाव के कारण कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
@revanth_anumula
पुणे, महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली, कथित पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से आंदोलन के चौथे दिन, 4 अक्टूबर को फोन पर बातचीत की। उनकी समस्याओं और मांगों को विस्तार से जाना।
छात्रों के भविष्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों को लेकर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी आवाज़ मजबूती से उठाई जाएगी। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों पर 72 घण्टे में सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो मैं स्वयं पुणे पहुंचकर उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ा रहूँगा।
छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़े सवालों पर हम मजबूती से लोकतांत्रिक संघर्ष करेंगे।
जय भीम! जय भारत! जय संविधान!
"56" इंची की सरकार इतना कायर निकलेगी ये कभी नहीं सोचा था।
दिल्ली में आजतक न जाने कितने बड़े-बड़े आंदोलन हुए लेकिन कभी इस तरह से आम ट्रेनों को कभी रद्द नहीं किया गया।
सोचिए जो व्यक्ति इलाज के लिए, अपने पढ़ाई के लिए दिल्ली जा रहा होगा उसके साथ कितनी बड़ी परेशानी उत्पन्न हो गई होगी।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े से ही इस आंदोलन को रोका जा सकता है। उम्मीद है जल्द ही इनका इस्तीफ़ा होकर रहेगा।
जिस देश का राजा अनपढ़ हो वहां सबसे पहले विद्यालय तबाह किए जाते हैं।
और हमारे देश में विद्यालयों की प्रगति किसी से छुपी नहीं है इतनी तरक्की कर रहे हैं विद्यालय की बिके हुए अखबार भी उनकी तरक्की को छापने के लिए समय समय पर विवश हो गए हैं।
‘अब लौटकर नहीं आऊंगा, मेरे दोस्त…’ अप्रैल 2026 में सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रिकॉर्ड हुए एक वीडियो की यह पंक्ति लाखों प्रवासी मजदूरों की पीड़ा का प्रतीक बन गई थी.
वही सूरत एक बार फिर मजदूरों के आंदोलन की वजह से चर्चा में है.
कुशल पंड्या की रिपोर्ट.
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