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Indian BJP supported terrorist beating brutally a Muslim man,,, and demanding to chant Their god name, its shameful for the world, not taken any action on terrorist supporting government...
मुसलमानों को पाकिस्तान के नाम पर आसानी से फंसाया जा सकता है ये बात अब अनपढ़ गुंडे मवाली भी अच्छे से समझते हैं।
बरेली में हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव में कल मुहर्रम का जुलूस निकलता है, उसी दौरान गांव के ही इंद्रपाल और भुवनेश ने 12 वर्षीय मुस्लिम बच्चे को पकड़ा और उससे वीडियो में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाये, बाद में वीडियो वायरल कर मुहर्रम जुलूस और बच्चे और मुसलमानों पर कार्रवाई की मांग की जाने लगी। बरेली पुलिस तत्परता दिखाते हुए वीडियो की जांच की तो पाया माहौल ख़राब करने की नियत से इंद्रपाल और भुवनेश ने ही बच्चे से नारे लगवाए थे, अब पुलिस ने इंद्रपाल और भुवनेश को गिरफ्तार कर लिया हैं। इस खुलासे के लिए बरेली पुलिस बधाई की पात्र हैं, अगर खुलासा नहीं होता तो दर्जनों मुसलमान जेल में सड़ाने के लिए डाल दिए जाते और मेनस्ट्रीम मीडिया में बहस ही नहीं बल्कि ट्रायल भी चल रहा होता, लेकिन अब खुलासे पर मेनस्ट्रीम तो क्या बल्कि जिले के पोर्टल अख़बार भी ख़बर प्रकाशित करने से परहेज कर रहे हैं, अब सोचिए अगर वाकई बच्चे ने पाकिस्तान के नारे होते तो कहा कहा तांडव होता।
एक परेशान करने वाले वीडियो में कुछ हिंदू चरमपंथी कथित तौर पर एक युवा मुस्लिम लड़की के साथ मारपीट करते और उसे "JSR" का नारा लगाने के लिए मजबूर करते हुए दिख रहे हैं।
इसे कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है? किसी की बेटी की उम्र की लड़की को इस तरह पीटा जा रहा है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
सोनू पासवान ने फैज की हत्या कर दी लेकिन मीडिया खामोश प्रशासन खामोश ओर न्यायालय भी खामोश ना सोनू के घर पर बुलडोजर चला ना मीडिया का विधवा विलाप हुआ क्यों हत्या मुस्लिम की हुई है अगर हत्या हिंदू की होती ओर हत्यारा मुसलमान होता तो मीडिया प्रशासन सब जाग जाते और कठोर कार्यवाही होती।
मुस्लिम नौजवान होशियार,
देखो किस तरह मुस्लिम युवकों को झूठे मामलों में फंसाने और उनका भविष्य बर्बाद करने के लिए सुनियोजित साजिशें रची जाती हैं इस वीडियो सुनिए
आईडीएफ के सैनिकों ने एक फ़िलिस्तीनी बच्चे को बेरहमी से यातनाएँ दीं और फिर उसे छत से नीचे फेंक दिया।
और यही लोग खुद को “दुनिया की सबसे नैतिक सेना” कहते हैं—इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है।
🇵🇸💔 #Palestine दिल को झकझोर देने वाले एक दृश्य में, कैमरे ने उन क्षणों को कैद किया।
एक फिलिस्तीनी बच्चे की पीड़ा का वर्णन, जिसे एक इजरायली #sniper ने बेरहमी से निशाना बनाया था।
बच्चा धीरे-धीरे खून से लथपथ है, अकेला है, दुनिया की खामोशी के सामने मासूमियत की एक चीख दब गई।💔
अंतरात्मा के जागने से पहले कितने बच्चों को मरना पड़ेगा?
वाराणसी की उसी गंगा में DJ के साथ बियर पार्टी चल रही है जिसमें इफ़्तार पार्टी करने की वजह से दर्जन भर मुस्लिम युवकों को धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया।
वीडियो वायरल हुई तो वाराणसी ने कहा "ये नवरात्रि के मौक़े पर मांझी समाज द्वारा पारंपरिक रूप से यात्रा निकाली जाती है जो कि मिर्जापुर तक निकलती हैं, वीडियो की जांच की जा रही हैं।"
अब सवाल हैं क्या पवित्र गंगा में बियर पीना DJ पार्टी होने से भी उसी तरह भावनाएं आहत हो रही है जैसे इफ़्तार करने से हुई थी? अगर भावनाएं हैं तो यहां भी आहट होनी चाहिए।
वीडियो: @Benarasiyaa
फिलिस्तीनी क़ैदियों के लिए आवाज़ उठाइए..
आज अगर हम चुप रहे, तो यह अन्याय के साथ खड़े होने जैसा होगा.
इस मुहिम में आप भी उठाओ और मौजूदगी दर्ज़ कराएं.! 🇵🇸
#Free_palestini 💔 #Free_palestine
🚨🇵🇸 उत्तरी गाजा के पत्रकारों ने दुनिया को सीधे संबोधित किया: “फिलिस्तीनियों को फांसी पर लटकाने का इजरायली कानून नाज़ियों से भी बदतर है।”
अगर आप यह वीडियो देखें, तो कृपया जागरूकता के लिए इसे दोबारा पोस्ट करें।
दरिंदा किशन रावत गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन सवाल यह यूपी पुलिस इस दुर्दांत अपराधियों का एनकाउंटर क्यों नहीं करती? क्यों नहीं! ऐसे दुर्दांत अपराधियों की संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाया जाता? अगर एनकाउंटर और बुलडोज़र न्याय सम्मत ही है तब यह ‘दूसरों’ के लिए ही क्यों है?
सड़क पर होली मना सकते है ,
सड़क पर दिवाली मना सकते है ,
सड़क पर कावड़ यात्रा निकाल सकते है ,
सड़क पर शोभायात्रा निकाल सकते है ,
सड़क पर नवरात्रा में रामलीला हो सकती है ,
लेकिन जब मुसलमान मस्जिद या ईदगाह पूरी भरी होने की वजह से सड़क पर नमाज पढ़ ले तो उन पर FIR दर्ज हो जाती है,
सरकार कावड़ियों पर हेलीकाप्टर से फूल बरसाती है और जब मुसलमान सड़क पर मस्जिद में जगह ना होने की वजह से पढ़ ले तो उन पर लाठियाँ चलाई जाती है ,
पुलिस प्रशासन तो घर में नमाज पढ़ने वालो पर भी FIR दर्ज कर देती है , किसी मकान में दोस्त रिश्तेदार 8 - 10 लोग मिलकर नमाज पढ़ ले तो उनपर FIR दर्ज कर लीं जाती है ,
अगर भारत का लोकतंत्र समानता का अधिकार देता है तो मुसलमानो के लिए कानून अलग क्यों ?
मुसलमानो के साथ भेदभाव क्यों ?
दिल्ली का मोहम्मद अरीब,
6 दिन बाद नहीं सौंपी लाश।
परिजनों का कहना है कि राहुल और बाबू को और पैसे चाहिए होते तो हम दे देते।
अरीब को इंसाफ कौन दिलायेगा। क्या न्यूज चैनल वाले तरुण की तरह इस न्यूज को भी दिखायेंगे।
क्या इस मामले में बुलडोजर एक्शन होगा?