बिहार विधानपरिषद में शुक्रवार को महिला शिक्षकों, ट्रांसफर नीति और शिक्षकों के वेतनमान को लेकर कई अहम मुद्दे उठे, जिस पर सरकार ने जवाब और आश्वासन दोनों दिए. सदन में मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन भुगतान का मामला उठा. इस मुद्दे को सदन में आरजेडी एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने उठाया. जवाब में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि नियम बदल दिया गया है. अब महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश के दौरान ही हर महीने नियमित वेतन मिलेगा, जबकि पहले अवकाश समाप्त होने के बाद भुगतान किया जाता था. साथ ही चिकित्सा अवकाश सहित अन्य देय भुगतान भी जारी रहेगा.
@BiharEducation_ से शिक्षक समाज की ओर से अनुरोध है,कृपया पारदर्शी तरीके से अंतर जिला,जिला के अंदर बचे हुए शिक्षकों का स्थानांतरण कर दें ताकि शिक्षक मानसिक शांति के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए पारिवारिक जिम्मेवारियों का भी निर्वहन कर सके।
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10–10 ब्लॉक और 3–3 जिले चुनने के बाद भी हमारा ट्रांसफर नहीं हुआ। जो शिक्षक पहले से 10 किमी पर थे उनका 2 किमी कर दिया गया, लेकिन जो 500 किमी दूर हैं वे आज भी इंतज़ार में हैं। यह कैसी प्रक्रिया है?
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सीट vacant होने के बाद भी कुछ शिक्षकों के अन्तर जिला स्थांतरण नहीं होना समझ से पड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी कृपया कर के आप न्याय कीजिए 🙏🙏
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महिला शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानपरिषद में माननीया नेता विरोधी दल श्रीमती Rabri Devi जी ने सदन में उठाया सवाल. कहा- दूरदराज तबादलों से हो रही परेशानी. सरकार से नीति पर पुनर्विचार की मांग.
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बिना कोई सूचना के अचानक ट्रांसफर बंद कर देना कहा का न्याय है, 16 से अधिक शिक्षक आज अंतर जिला ट्रांसफर की उम्मीद में जी रहे है,उनके उम्मीदों को रौंध देना क्या उचित है,जब आवेदन लिया गया है तो उसको पूरा करना चाहिए ऐसे ही बीच मझधार में नहीं छोड़ना चाहिए