क्या है महाराष्ट्र के कोल्हापुर में घरों को तोड़े जाने का पूरा विवाद?
कोल्हापुर में विशालगढ़ क़िले के आसपास हिंसक भीड़ ने कई मुसलमानों के घरों को निशाना बनाया है. अतिक्रमण हटाने के नाम पर कई लोगों के घर तोड़ दिए गए.
रिपोर्ट: प्राची कुलकर्णी
कांवड़ यात्रा से संबंधित फैसले को वापस लिया जाएः जमीअत उलमा-ए-हिंद
महात्माबुद्ध, चिश्ती, नानक और गांधी के देश में इसे कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता
नई दिल्ली, 19 जुलाई। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा के रूट पर धार्मिक पहचान उजागर करने वाले आदेश की कठोर शब्दों में निंदा की है। मौलाना मदनी ने इस फैसले को अनुचित, पूर्वाग्रह पर आधारित और भेदभावपूर्ण बताया है।
मौलाना मदनी ने कहा कि जिस तरह से सदियों तक दलित वर्ग को छुआछूत का शिकार बनाया गया, उनके अस्तित्व को अपवित्र बनाकर प्रस्तुत किया गया, अब मुसलमानों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करने और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की घिनौनी साजिश की जा रही है। इस कार्रवाई से इस देश की सांस्कृतिक पहचान, इसके नक्शे, इसकी बनावट और इसकी महानता को अपवित्र किया जा रहा है जिसे महात्मा बुद्ध, चिश्ती, नानक और गांधी के देश में कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। मौलाना मदनी ने तर्क दिया कि हालांकि यह निर्णय व्यवहारिक रूप से एक विशिष्ट क्षेत्र में लागू किया जा रहा है, लेकिन इसके प्रभाव दूरगामी होंगे और उन शक्तियों को ताकत मिलेगी जो मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार चाहते हैं। साथ ही देश के दुश्मनों को इससे अपने हित साधने का अवसर मिलेगा।
मौलाना मदनी ने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि जिन क्षेत्रों से कांवड़ यात्रा गुजरती है, वहां मुसलमानों की बड़ी आबादी रहती है। मुसलमानों ने हमेशा उनकी आस्था और मान्यतओं का सम्मान किया है और कभी उनको ठेस नहीं पहुंचाई है। लेकिन इस तरह के आदेश से सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुंचेगा और लोगों के बीच दूरी और गलतफहमी पैदा होगी।
मौलाना मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि वह इस निंदनीय फैसले को तुरंत वापस ले और सभी समुदायों के बीच एकता और सद्भाव स्थापित करने की राह अपनाए। उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद ने हमेशा देश के सभी वर्गों को एकजुट किया है। वह इस अवसर पर सभी धर्मों के लोगों से भी अपील करती है कि वह इस निर्णय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाएं।
78 दिनों से लापता 19 वर्षीय सैयद सारा अली 13 जुलाई को इंदौर के महू के पास एक जंगल में मृत पाई गई। उसकी हत्या उसके दोस्त से धोखा खा चुके प्रेमी गौरव सुभाष सरकार (23) ने की थी, जिसमें स्निग्धा मिश्रा (18) की मदद भी शामिल थी। सारा के अवशेष, जिसमें हड्डियाँ और सामान शामिल हैं, मिलने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सारा के परिवार ने न्याय और सीबीआई जांच की मांग की है, उन्होंने पहले की शिकायतों के बावजूद मामले के समाधान में देरी के लिए पुलिस की लापरवाही की आलोचना की है। उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यभार संभालने का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप संदिग्धों ने अपना कबूलनामा पेश किया और सबूत बरामद किए।
मोदी योगी होश में आओ, मोबलिंचिंग और बुल्डोजर के खिलाफ कानून बनाओ...
@aimim_national उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने राज्य के हर जिले में बुल्डोजर नीति और मोबलिंचिंग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया👆
मुरादाबाद
⏩AIMIM ने DM कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ किया प्रदर्शन
⏩देश में हो रही मोब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने की सरकार से की मांग
⏩आदिवासी मुस्लिम दलित का उत्पीड़न का लगाया सरकार पर आरोप
⏩महानगर अध्यक्ष वकी रशीद ने कहा- 'सबका साथ सबका विकास के तहत होना चाहिए इंसाफ'
⏩'गरीबों के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई बंद करने की मांग'
#up #hindikhabar #moradabad @moradabadpolice@Uppolice
पत्रकार ज़ाकिर अली त्यागी के समर्थन में उतरे श्रीनगर के सांसद रुहुल्लाह मेंहदी, बोले- यह देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां मॉब लिंचिंग नहीं बल्कि इसके खिलाफ़ रिपोर्ट करना और बोलना अपराध हो गया है.
@RuhullahMehdi@ZakirAliTyagi#India
मुस्लिम पत्रकारों के समर्थन में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने बयान ज़ारी किया, बोला- संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) का सीधा उल्लंघन करते हुए पत्रकारों को डराया और धमकाया जा रहा है. हम स्पष्ट रूप से दोनों पत्रकारों के खिलाफ दर्ज़ FIR वापस लेने की मांग करते हैं.
@PCITweets@ZakirAliTyagi@WasimAkramTyagi
मुसलामानों का भारत में 60% से ज्यादा योगदान रहा है!!
आज उन्हीं मुसलमानो को अल्पसंख्यक और पाकिस्तान जाने को बोला जा रहा है!!
कानपुर से फर्रुखाबाद के बीच सभी पेड़ो पर मुसलामानों की लाश लटकायी गई थी।
#अल्पसंख्यक_नहीं_मुस्लिम_बोलो
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