क्या गारंटी कि ये RAF वाले हैं
Half पैंट और काली टोपी वाले भी तो हो सकते हैं?
अगर इन लोगों ने हुड़दंग कर तो इल्ज़ाम उनपर डाल दोगे।
पहले इनसे निपट लो भाइयों जाल में मत फंस जाना।
इसकी मुस्कान बता रही है कि पुलिस तो नहीं है।
निराशा में आँख का पानी
जब समुंदर बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
कोई अपनी ताक़त पर
जब सर उठा इठलाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
हुक़ूमतों का घमंड-गुरूर
जब पर्वत सा बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
दौर जब नाइंसाफ़ी का
हद ही पार कर जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
जब-जब देश का भविष्य
पूरा दांव पर लग जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
जंतर-मंतर पर देश का सारा युवा लाखों की संख्या में जमा हो गया है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उनपे लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है।
मैं सरकार से appeal करता हूँ कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। अहंकार छोड़िये और इनकी बात सुनिए।
पत्रकार:- सर जंतर मंतर पर छात्रो पर लाठी चार्ज हुआ
अखिलेश यादव🔥:- दुख है कि आज लाठी चली है
मै अपने युवा सासंदो से कहुंगा कि जिन बच्चो पर लाठी पडी है अगर वे उनसे मिलने जाना चाहते है...
..तो जाए मिलकर आए और पार्टी का संदेश दें कि हम सब उनके साथ है !!
ये सरकार नही अहंकार है !!
संसद के सामने युवाओं पर आँसू गैस छोड़ना बंद कीजिए।
सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता चुने। अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात सुने।
#DharmendraPradhanResign#StudentsProtest#Sansad
जंतर मंतर दिल्ली, लोकतंत्र के एक मंच पर देश के भाई चंद्रशेखर आजाद और एक्टर प्रकाश राज, जो फिल्मों में विलेन का रोल करते हैं लेकिन जब देश की बात आई तो हीरो से आगे खड़े हैं। #ChaloSansad
भाजपाई साजिश
दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने के लिए भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस खुद टूटी गाड़ियां, पत्थर, डंपर इत्यादि ला कर मौके पर रख रही है
जिससे किसी भी पुलिसिया उपद्रव को छात्रों पर डाल का छात्र आंदोलन को बदनाम किया जाए और दमन चक्र चलाकर भाजपा के इशारे पर पुलिस छात्रों की आवाज को दबाया जा सके
योगी जी के बेहद करीबी महंत राजू दास को राम मंदिर में हुई चोरी पर जनता के विरोध का सामना करना पड़ा
एक कार्यक्रम के दौरान राजू दास से राम मंदिर में चोरी के मामले पर सवाल पूछा गया
तो राजू दास सवाल को गोल-गोल घूमाने लगे और सरकार की तारीफ करने लगे, इसी पर उनका विरोध हो गया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से किसान पहुंचना शुरू हो गए हैं। राकेश टिकैत ने भी सभी राज्यों के किसानों से दिल्ली आने की अपील की है।
अब सवाल सिर्फ किसानों का नहीं, जनता की आवाज़ का है। अगर लाखों किसान एकजुट होकर मैदान में उतर गए,तो सरकार जनआंदोलन को नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।