"2024 विधानसभेला अजित पवार बरोबर हवेत आणि मनसे बरोबर नको..
एकनाथ शिंदे फार विश्वासू मित्रपक्ष नाहीत, राज ठाकरे कधीही पलटू शकतात शिवाय त्यांना राज्यात कुणी विचारतही नाही त्यामुळे किमान ४० आमदार आणू शकणारे अजित पवार गरजेचे आहेत."
अशा पोस्ट करणारा मी आणि अगदी हाताच्या बोटावर मोजता येतील इतकेच भाजपा समर्थक होते.
एकनाथ शिंदे आणि राज ठाकरे म्हणजे जणू कुणी देव आहेत असे वाटणाऱ्या काही भाजपा समर्थक लोकांकडून आमची यथेच्छ टिंगल उडवली गेली, ट्रोल केले गेले. अजित पवारांची ४० आमदार आणायची क्षमता नाही... ते कधीही पलटू शकतात असेही म्हटले गेले.
आम्ही तरीही लिहित राहिलो... कुठल्याही व्यक्तिगत स्वार्थाशिवाय फक्त भाजपाच्या भल्यासाठी लिहित राहिलो..
दोन वर्षे झाली त्या गोष्टीला...
आजची परिस्थिती बघता आम्ही जे जे लिहित होतो ते ते शंभर टक्के सत्य ठरले आहे.
अभिमान आहे.
भाजप आणि काॅग्रेस यांची आघाडी होणे,ही एक गोष्ट सोडली तर कोणीही कोणाबरोबरही निवडणूक आघाडी करु शकतो.
शिंदे पुन्हा ठाकरेंसोबत जाऊ शकतात,ठाकरे पुन्हा भाजपसोबत येऊ शकतात,सुनेत्रा पवार आणि शरद पवार एकत्र येऊ शकतात, राज ठाकरे तर सुरुवातीपासूनच फिरता करंडक आहे,तो तर कोणाबरोबरही जाऊ शकतो.
मला धंगेकर बद्दल वाईट वाटत... मला धंगेकरबद्दल पर्सनल जावं वाटत नाही. आणि जायला पण नाही पाहिजे.. पण मला काळजी वाटत आहे म्हणून बोलतोय पोटतिडकीने..
धंगेकरांनी ड्रिंक करने थांबवावे त्यांच्या तब्बेतीसाठी.. दोन्ही किडनीज डॅमेज झालेत पण, ड्रिंक करने सोडत नाहीत.
कदाचित मागील 3 वर्षात सर्वच निवडणुकीत पराभव झाल्यामुळे कदाचित दारूच्या जास्ती आहारी गेले असतील. पण त्यांनी काळजी घ्यावी आणि ड्रिंक करने थांबवावे आणि शरीरावर मनावर परिणाम होईल असे दारूच्या नशेत बोलू नये..
@DhangekarRavii ड्रिंक कमी कर भाई..
दिल्ली और काशी के बीच रेल यात्रा करने वालों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है।
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से समय की बचत के साथ ही उनका अनुभव बेहतर होने वाला है।
आधुनिक सुविधाओं और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से सुसज्जित यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।
Congratulations to our scientists and engineers at ISRO on the successful launch of GSLV-F18 carrying NVS-03.
This mission marks an important step in strengthening NavIC, our indigenous satellite navigation system. Equipped with enhanced capabilities, NVS-03 will further our pursuit of self-reliance in critical technologies and support navigation services that benefit our people.
The dedication and ingenuity of our space scientists continue to make our nation proud.
@isro
Undoubtedly! But he is not getting place after showing god gifted talent in t20 , in ODI he will play after 10 years from now.
Sick Indian cricketing politics. Talent is suppressed by security, seniority and fraud management
अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है।
Same timing, identical messaging across Whatsapp groups and the same keywords recycled with slightly different captions.
They think they can fool the youth of this nation
थोड़ी देर पहले राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेताओं ने एक प्रेस वार्ता की थी और 1 नवंबर (फर्स्ट नवंबर) को रामलीला मैदान में होने वाली रैली के संबंध में कुछ झूठी बातें भी कही थीं।
उनका मॉक पार्लियामेंट नहीं हो पाया, उस विषय में भी राहुल गांधी जी ने अपनी बात कही।
समाजवादी पार्टी ने एमएलसी चुनाव और विपक्ष की एकता को लेकर भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी है।
कहीं न कहीं यह देखने को मिल रहा है कि विपक्षी पार्टियों के अंदर एकता की कमी है और शायद यही कारण रहा कि मॉक पार्लियामेंट भी उन्हें टालना (डेफर करना) पड़ा। उनकी मॉक पार्लियामेंट हो नहीं पाई।
वैसे लोकतंत्र के साथ तो मॉक कर ही रहे हैं, मगर जो मॉक पार्लियामेंट आज उन्हें करनी थी, उसे भविष्य में करेंगे, इस प्रकार का ऐलान किया है।
एक बात स्पष्ट है कि संगठनात्मक रूप से जिस प्रकार का संगठन होना चाहिए और जो अरेंजमेंट्स होने चाहिए, वे उनसे हो नहीं पा रहे हैं और यही कारण रहा कि आज राहुल गांधी जी ने एक झूठा आरोप लगाया है।
राहुल जी का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों को गृह मंत्री जी रोक रहे हैं, सरकार बाहर से आने वाले लोगों को रोक रही है और उन्हें रामलीला मैदान तक पहुंचने नहीं दे रही है।
आज 30 तारीख है। कौन-सा आदमी बाहर से आ रहा है और किसको कहां, किस मोड़ पर, किस सड़क पर, किस नुक्कड़ पर रोका गया है, यह आप मुझे बताइए।
आप तो मीडिया हैं, आपके कैमरे तो कहीं भी जा सकते हैं और आजकल मीडिया तो क्या, मोबाइल के माध्यम से लोग रिकॉर्डिंग भी कर लेते हैं। आपको क्या लगता है? इनके पास अगर ऐसे सबूत होते कि लोगों को रोका जा रहा है, सड़कें बंद कर दी गई हैं और किसी को आने नहीं दिया जा रहा, तो क्या आज वे वीडियो नहीं दिखाते?
कहीं न कहीं इनसे वे अरेंजमेंट्स नहीं हो पा रहे हैं, जिस प्रकार की इनकी कल्पना थी। इसलिए यह झूठ गढ़ा जा रहा है कि लोगों को आने से रोका जा रहा है। कहीं भी लोगों को आने से रोका नहीं जा रहा है।
मैं आज राहुल गांधी जी से पूछना चाहता हूं कि आपने कहा कि गृह मंत्री जी और भारत सरकार ने लोगों को रोका है; तेलंगाना से आने वाले लोगों को, बिहार से आने वाले लोगों को और सभी राज्यों से आने वाले लोगों को रोका है।
आप सबूत दिखाइए कि कहां पर लोगों को रोका गया है और किसने उन्हें रोका है?
देश में इस प्रकार से झूठ और भ्रम का वातावरण मत फैलाइए।
समाजवादी पार्टी के नेता कह रहे हैं कि विपक्ष में बड़ी एकता है और सभी दल एक साथ रैली में शामिल हो रहे हैं। लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। ये सभी परिवारवादी पार्टियां हैं और इन्हें लगता है कि भारत इनकी निजी संपत्ति है।
पिछले 12 वर्षों में जब भी उत्तर प्रदेश या लोकसभा के चुनाव आए हैं, इन दलों के नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर इसी तरह का दिखावा किया है। लेकिन इससे कुछ हासिल होने वाला नहीं है।
हमने ऐसी तस्वीरें 2013 में, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले और उत्तर प्रदेश के चुनावों से पहले भी देखी हैं। ये नेता एक-दूसरे का हाथ तो थाम लेते हैं, लेकिन दिल नहीं मिला पाते।
हाथ तो मिलाते हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर आपस में ही लड़ते हैं। उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में भी सीटों के बंटवारे को लेकर इनके बीच खींचतान होगी और अंत में चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ ही इनका फ्रेंडली मैच देखने को मिलेगा।
यह पूरा जो वोट चोरी का मामला है, सुप्रीम कोर्ट तक गया। दूध का दूध, पानी का पानी कई बार होने के पश्चात भी अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
मार्च के विषय में बात करना और कहीं न कहीं माहौल बिगाड़ने की कोशिश करना, यही राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और कुछ विपक्षी नेता कर रहे हैं, क्योंकि वे भली-भांति जानते हैं कि जनता से सही तरीके से वे कभी जीत नहीं सकते हैं। इसलिए अराजकता फैलाओ और किसी भी प्रकार Regime Change (सत्ता परिवर्तन) का प्रयत्न करो।
मगर जनता है, ठीक जवाब सही समय पर जरूर देगी।
- डॉ. @sambitswaraj
India has won the series against NZ. But Gambhir will not try out Kuldeep, Varun. He will not rotate Abhishek, but drop Vaibhav. It's clear his ego, not vision, that is driving this team. #Gambhir#Varun#Kuldeep#Vaibhav#Abhishek@pra0902@SunilWarrier1
Am 100% sure that eventually Vaibhav Sooryavanshi's time will come and blah blah blah.
But by then he will be older. I want to see him in action now.
Because there is a joy in seeing a 15-year old thulp international bowlers.
But no. We don't want to be "unfair" to seniors. Instead we'll be unfair to the millions of fans who are desperate to see Vaibhav play more.
Usual story of grown-up men fearing the rise of youth.
The Ladla is gone!
Worlds most inconsist player, cricket has ever seen! Sanju samson need to walk off and give way for Vaibhav Sooryavanshi to conquer T20
#indvsnz