🔥 एक पत्रकार ने सवाल उठाया कि अस्पताल बनाने के लिए पैसा कहाँ से आता है?
खान सर का जवाब सुनिए...
उन्होंने बताया कि राज शमानी के प्लेटफॉर्म पर लोगों ने सहयोग राशि दी थी। जब वह राशि उन्हें भेजने की बात हुई, तो उन्होंने कहा—"ये पैसे मुझे मत भेजिए, इन्हें किसी ज़रूरतमंद के काम में लगा दीजिए।"
आज के समय में, जहाँ लोग हर अवसर को कमाई का साधन बना लेते हैं, वहाँ किसी व्यक्ति का अपने लिए आई सहायता को भी ज़रूरतमंदों के नाम कर देना बहुत बड़ी बात है।
यही वजह है कि लाखों छात्र खान सर को सिर्फ़ एक शिक्षक नहीं मानते। उन्होंने शिक्षा को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों तक पहुँचाया, कम फीस में पढ़ाया और बार-बार यह साबित किया कि समाज के लिए कुछ करने की नीयत सबसे बड़ी पूंजी होती है।
आरोप लगाना आसान है, सवाल उठाना भी आसान है। लेकिन वर्षों से लाखों छात्रों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता।
बाकी जो भी आरोप-प्रत्यारोप हैं, उनका फैसला अदालत और कानून करेंगे। लेकिन किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों और समाज के लिए किए गए योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए।
इसीलिए लाखों छात्र आज भी खान सर के साथ खड़े हैं। ❤️🔥
Pune youth, students, the employed and the unemployed, the lazy and the not so lazy - all are invited on 11th June!
We will demand the resignation of Dharmendra Pradhan together.
Location: Dr Babasaheb Ambedkar Statue, Savitribai Phule Pune University
Time: 4 PM
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया। उनका पूरा जीवन जनजातीय समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा को समर्पित रहा। मातृभूमि के लिए सर्वस्व त्याग करने की उनकी गाथा देश की हर पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करती रहेगी।
SSC Stenographer Exam में आज फिर भारी लापरवाही सामने आई — syllabus में ना होने के बावजूद Maths के सवाल पूछे गए, कुछ questions में सिर्फ़ 3 options दिखे, और कई centres पर invigilators खुद appearing students थे। ये परीक्षा है या व्यवस्था का मज़ाक? DoPT की मीटिंग में सुधार और जवाबदेही के जो वादे किए गए थे, वो सिर्फ़ बातों तक ही सीमित दिखते हैं।
लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। छात्र अब सिर्फ़ परीक्षा नहीं, अपने हक़, सम्मान और भरोसे के लिए लड़ रहे हैं। अगर अब भी आवाज़ नहीं उठी, तो आने वाले बड़े exams जैसे SSC CGL भी इसी बर्बादी की ओर बढ़ेंगे।
#SSCReforms
आलोक राज जी,
आपको बोर्ड के अध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए लगभग दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। आपको यह जिम्मेदारी इसलिए सौंपी गई थी कि आप बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय को रोकें, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाएँ, और चयन प्रक्रिया को समयबद्ध एवं निष्पक्ष बनाएं।
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से आपके कार्यकाल में जो कुछ हुआ है, उसने न केवल युवाओं का भरोसा तोड़ा है, बल्कि बोर्ड की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कुछ प्रमुख उदाहरण—
1.जूनियर अकाउंटेंट परीक्षा में 23 प्रश्न डिलीट करने पड़े।
2.JEN सिविल (डिग्री) में एक पेपर से 10 प्रश्न, दूसरे से 7 प्रश्न हटाने पड़े।
3.JEN डिप्लोमा में 4 प्रश्न हटाए गए और 6 प्रश्नों के उत्तर बदले गए।
4.JTA परीक्षा में तो OMR शीट पर सिग्नेचर कॉलम ही नहीं था।
5.लाइब्रेरियन परीक्षा में तो और भी लापरवाही—रोल नंबर 6 अंकों के थे, लेकिन OMR पर कॉलम सिर्फ 5!
इन मामलों में बार-बार यही दिखा कि या तो पेपर सही तरीके से नहीं बनते, या फिर आपत्ति लगाने वाले छात्रों को FIR की धमकियाँ दी जाती हैं। यह रवैया न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि दमनकारी भी है।
क्या बोर्ड के पास इतने भी संसाधन नहीं हैं कि एक सही प्रश्नपत्र तैयार किया जा सके?
क्या यही आपका “नवाचार” है कि हर परीक्षा के बाद प्रश्न हटाओ, जवाब बदलो, और फिर वर्षों तक रिजल्ट लटकाओ?
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि हर भर्ती परीक्षा को 6 महीने में पूरा किया जाए। लेकिन आपकी कार्यशैली यह है कि 6 महीने तो सिर्फ प्राथमिक रिजल्ट में ही लग जाते हैं।
आख़िर आपने कौनसी एक भर्ती परीक्षा को समय पर पूरा किया है?
आपका ट्विटर प्रेम भी किसी से छिपा नहीं है —
यदि आपने ट्विटर पर प्रचार-प्रसार में समय बर्बाद करने की बजाय उसी ऊर्जा से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया होता, तो आज लाखों युवाओं को न्याय के लिए आंदोलन नहीं करना पड़ता।
अगर आप इस ज़िम्मेदारी को संभाल नहीं पा रहे हैं,
तो कृपया त्यागपत्र दें —
कम से कम युवा पीढ़ी का भविष्य तो और बर्बाद न हो।
इंकलाब जिंदाबाद।
न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। @BhajanlalBjp@alokrajRSSB@RajCMO
ڈاکٹر ماہ رنگ بلوچ کی گرفتاری اور ان کے ساتھ جیل میں ہونے والا سلوک #بلوچستان میں جاری انسانی حقوق کی سنگین خلاف ورزیوں کی علامت ہے۔آج ماہ رنگ جیل میں ہیں، مگر ان کے الفاظ، ان کے خواب، ان کی مزاحمت آزاد ہے
#ReleaseMahrangBaloch#Balochistan
ये है राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा। इनका काम है मंदिर जाना, कुंभ में डुबकी लगाना, स्वजातीय सम्मेलनो में भाग लेना, हेलीकॉप्टर में घूमना, अच्छा खाना खाना और सोशल मीडिया पर फोटो डालना। अगर आज राजस्थान में चुनाव हो जाए तो इनकी जमानत जब्त होना तय है। #भजनलाल_हटाओ_राजस्थान_बचाओ
Vice Chairman of @VBMP5 Mama Qadir's condition is extremely critical. He is currently in the ICU at Ziauddin Hospital, Karachi. I humbly request everyone to please keep him in your prayers during this difficult time. we cannot bear to lose Mama, nor can we afford to.
وہ قوم جس نے اپنے نوجوانوں کو زندانوں میں، اپنے دانشوروں کو سولی پر، اور اپنی بیٹیوں کو اذیت گاہوں میں دیکھا ہو، وہ مظلوم نہیں رہتی، بلکہ جدوجہد کی ایک طاقتور قوت بن جاتی ہے۔
#BalochFightForHumanRights#Balochistan#Baloch