सेक्युलर जातिवादी #Secular_Casteist लोगों को पहचानने के लिए इन विषयों पर उनके विचार जान लें।
1. शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण
2. बहुजन महापुरुषों पर उनकी राय
3. जाति जनगणना
4. एससी लिस्ट में मुसलमानों और ईसाइयों का प्रवेश
5. एससी-एसटी एक्ट
6. कोलिजियम सिस्टम पर उनके विचार
अगर इन मुद्दों पर वो सही राय नहीं रखता तो वह आपके किसी काम का नहीं है।
इस जाँच विधि को जन-जन तक पहुँचाएँ। धोखाधड़ी से बचें।
@KraantiKumar
के.कामराज जब 1954 में मद्रास स्टेट के मुख्यमंत्री बने तब राज्य की साक्षरता दर 7% थी. अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में 18,000 नए स्कूल खोले. उनके शासनकाल में साक्षरता दर बढ़कर 37% तक पहुंच गई. उन्होंने केवल छठी कक्षा तक पढाई की थी. मृत्यु के समय उनके पास केवल 130 रुपए और 4 धोती थी.
भारत का मुसलमान संसद और विधान सभाओं में जानें में पूरी तरह फैल हुआ है। अब इनको SC कोटे में शामिल होकर वहां तक जाने का रास्ता दिखा है।
देखो मुस्लिम साथियों! ये तो दलित होने नहीं देंगे। दूसरा, तुम दलितों से लड़कर, तुम्हारे शोषण के विरुद्ध बोलने वाले ally खो रहे हो।
इसलिए समझो।
जिस राष्ट्रपति आदेश से एससी यानी अनुसूचित जाति की लिस्ट बनती है, वह आदेश क़ानून मंत्रालय ने 11 अगस्त 1950 को जारी किया। उस समय भारत के क़ानून मंत्री बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर थे।
पंडित नेहरू प्रधानमंत्री थे और गृह मंत्री सरदार पटेल। अबुल कलाम आज़ाद शिक्षा और रफ़ी अहमद किदवई संचार मंत्रालय देख रहे थे। राजेंद्र प्रसाद कृषि, श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग और सरदार बलदेव सिंह रक्षा मंत्री थे।
कैबिनेट की सहमति के बाद जारी कानून मंत्रालय का 1950 का आदेश है कि हिंदू और सिखों को ही एससी दर्जा मिलेगा।
इसमें एकमात्र संशोधन 1990 में हुआ ताकि जो हिंदू 1950 में SC थे और उसके बाद बौद्ध बने यानी नव बौद्ध, उनको एससी दर्जा दिया जाए।
मुसलमान और ईसाई लोगों को लेकर कभी विचार तक नहीं हुआ। किसी ने माँग तक नहीं की। संविधान सभा में इस पर फ़ैसला हो चुका था। कोई विवाद नहीं था।
ये विवाद अभी किसी मक़सद से लाया गया है।
एल. आर. बाली साहब नही रहे। बाबासाहब अम्बेडकर के सच्चे सेनानी, 'भीम पत्रिका' के संपादक, आंबेडकरवाद के प्रचारक, समता सैनिक दल के जांबाज सिपाही एल. आर. बाली साहब को आंबेडकरवादी आंदोलन और देश के इतिहास में अग्रणी नेता के रूप में याद किया जाएगा। मैं और मेरे परिवार की ओर से बाली साहब को भावपूर्ण आदरांजली।
मानवता के कल्याण का रास्ता:
बुद्धम शरणं गच्छामि
धम्मम शरणं गच्छामि
संघम शरणं गच्छामि।
आप सभी का बुद्ध की दुनिया में स्वागत है। बुद्ध जयंती की कोटि कोटि शुभकामनाएं।
भगवान गौतम बुद्ध द्वारा दिखाया गया सत्य, अहिंसा और तपस्या का मार्ग संपूर्ण विश्व को शांति, प्रेम और सद्भाव की दिशा में चलने के लिए प्रेरित करता है।
समस्त देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।
कस्बें के अम्बेडकर पार्क में आज भारतीय संविधान एवं आधुनिक भारत के निर्माता, भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जी की 132वीं जयंती मनाई गई। अम्बेडकर जागृति मंच के साथियों एवं उपस्थित लोगों के साथ अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर बाबासाहेब को याद किया।
Equality, liberty, fraternity & justice - the universal values Babasaheb Ambedkar championed, will always remain our guiding light & strength!
Tributes to the Architect of India’s Constitution on his birth anniversary.
आधुनिक भारत के संविधान निर्माता,महिलाओं को अधिकार दिलाने वाले, शोषित, वंचितों, तथा गरीबों के मसीहा भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर शत्-शत् नमन !! 🙏🙏
#JaiBhim#AmbedkarJayanti
@Sauravmeena_