@Yogeshkherli@Fight4RightTeem मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है.
की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है
में अमन पसंद हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो…
लाल और हरे में मत बांटो, मेरी छत पर तिरंगा रहने दो. #नफरत_छोड़ो_देश_जोड़ो
मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जी से पूछना चाहती हूं कि क्या ज़रूरत थी मासूम बच्चों का इस तरह दमन करने की? क्या ज़रूरत थी नौजवान छात्रों पर आसूँ गैस चलवाने की, लाठियाँ बरसाने की, water-cannons चलवाने की? क्या ज़रूरत थी जवान लड़कियों को ज़लील करने की, उनके कपड़े फाड़ने की, उन्हें गंदे तरीके से पिटवाने की? युवाओं पर pellet guns और AK-47 चलवाने की क्या जरूरत थी? क्या वे आतंकवादी हैं? कौन जवाब देगा? आज पूरा देश जवाब मांग रहा है कि ऐसी बर्बरता करने का आदेश किसने दिया?
असम में आई विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूं। इस आपदा से प्रभावित लाखों लोगों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है।
अपेक्षा है कि राज्य और केंद्र सरकार प्रभावित लोगों के राहत और बचाव में कोई कसर न छोड़े।
हर साल बाढ़ आती है, जान-माल का भारी नुकसान होता है और कई परिवार उजड़ जाते हैं। अब वक्त आ गया है कि हम बाढ़ से निपटने के लिए एक मज़बूत और स्थायी व्यवस्था बनाएं।
एक ऐसी व्यवस्था जो वैज्ञानिक रूप से रोकथाम, पूर्व चेतावनी समेत मज़बूत बुनियादी ढांचे और पुनर्वास को प्राथमिकता दें - ताकि हर साल लोगों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
रिजजू जी - अखिलेश जी हमने मांगे मानी ये अच्छा है या इमरजेंसी जो लगाई थी वो अच्छा है?
अखिलेश जी - मैंने इमरजेंसी तो नहीं देखा मगर इमरजेंसी में क्या जुल्म होता है वो दिल्ली की सड़कों पर देखने को मिल गया। आंसू गैस, लकड़ी में लगी हुई किले और करेंट तक लगाया गया..
बाकी चढ़ावा चोरी तक आपने की.. ये महापाप है।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
भारत का शिक्षा मंत्री कितना पढ़ा लिखा है ?
दूसराकम से कम शिक्षा मंत्री के लिए तो एग्जाम होना चाहिए , की सांसद होना अकेला काफ़ी नहीं एग्जाम दो जो सांसद पास होगा वो बनेगा .
छोटी से छोटी पोस्ट के लिए एग्जाम होता , जज का एग्जाम क्लियर करने के बाद भी इंटरव्यू होता है तो शिक्षा मंत्री के लिए एग्जाम होना चाहिए के नहीं मित्रो अपने विचार दो
इसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं... 🔥
2018 में, जब Rahul Gandhi ने यह भाषण दिया था, तब कांग्रेस के पास सिर्फ़ 44 सांसद थे:
"आप मुझसे नफ़रत कर सकते हैं या मुझे 'पप्पू' कह सकते हैं, लेकिन एक दिन मैं आपको झुकने पर मजबूर कर दूँगा.."
BJP के सभी सांसद और मोदी यह सोचकर हँस रहे थे कि वह मज़ाक कर रहे हैं। 😭
अब उनमें से कोई भी राहुल गांधी पर कभी नहीं हँसेगा। RaGa भारतीय राजनीति के नोस्त्रेदमस हैं।
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
जंतर मंत्र पर हुए लाठीचार्ज की हवा अब पंजाब में फ़ैल रही है . पंजाब के पटियाला में लाठीचार्ज के विरोध में हज़ारो लोग कांग्रेस के झंडे लेकर हाथ में कैंडल ले कर सड़को पर उतरे
क्या बंदा है ये विनोद जाखड़
वैसे ये करना तो नहीं चाहिए लेकिन ये बताना जरूरी है मेरी और विनोद भाई की बात हुई
मैं : क्या लगता है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा करवा लोगे
विनोद जाखड़ : चाहे घर में घुस कर ना लिखवाना पड़े
मैं : लाठी डंडे वाटर कैनन का प्रेशर कौन खायेगा
विनोद जाखड़ : सबसे आगे खड़े हो कर आपका भाई खाएगा, जिस दिन पीछे खड़ा मिलू बाक़ी नेताओ की तरह उस दिन भाईचारा ख़त्म कर देना
ये वीडियोज देखिए जहाँ भी कुछ हो रहा है सबसे आगे विनोद जाखड़ ही खड़ा है किसी और नेता की ऐसे डंडे और water canon खाते की तस्वीर है तो दिखाओ .
असम में बीजेपी मंत्री केशब महंता की बेटी Neet प्रोटेस्ट में शामिल थी और नारा लगा रही थी
नीम का पत्ता कड़वा है, मोदी…..
उस पर सफ़ाई देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा कह रहे हैं कि हो सकता है कि उसको बीजेपी की आइडियोलॉजी पसंद ना हो,
मैं उससे मिलूँगा तो ज़रूर समझाऊँगा कि वो जो कर रही है वह सही नहीं है,
क्या इतनी उदारता वो बाक़ी छात्रों पर दिखायेंगे जो प्रोटेस्ट कर रहे हैं?