@bhardwaj2509@HardeepSPuri जो ऊपर के पायदान पर है। उनके चश्मे में एक ही चीज दिखती है पैसा पावर।
बाकी सब इन्हें सब गंदी नाली में भरा हुआ बदबूदार कीचड़ नजर आता।
भले ही करोड़ों लोग इंसानियत और मानवता की दुहाई दे।
पर इनका चश्मा ऐसा है जो कभी उतर नही सकता।
@MrigendraSpeaks ये सब भाजपा पोषित गुंडे है।
मुम्बई में को 1990 जैसा बनाना चाहती है भाजपा।
देश को तो बर्बाद कर ही दिया है।
भाजपा हफ्ता वसूली के लिए ये सब प्रपंच कर रही है।
कुछ दिनों बाद सभी एक्टर से फिरौती मांगी जाने लगेगी डर दिखा कर
UPI से भुगतान करते हो तो 23.60 दो।
दूसरे किसी तरीके से करते हो तो 34.40 दो।
लेना तुम्हे हर हाल में है ही तो सीधा लिख दो हफ्ता है।
20-20 एम्प्लोयी खिड़की पर बैठते थे टिकट के लिए इतने पैसे बचा रहे हम, कागज बचा रहे है।
ऑनलाइन टिकट का तो उल्टा 2 रुपये वापस होना चाहिए
यह भाजपा है 10 साल से लगातार विकास की जगह हिन्दू मुस्लिम किया और आज भी वोट मांगने के लिए यह करना पड़ रहा है।
सच्चाई जनता को पता है हर गांव में छात्रों के पास लैपटॉप पहुँचा था। बहुत से लोगो के यंहा आज भी चल रहा है।
छात्रों में भेदभाव की राजनीति कौन करता है। यह सभी को पता है।
@AbhinayWithYou कोई भी संगठन किसी भी समाज के लिए नही बना।
सारे संगठन राजनैतिक दलों द्वारा उनके हित के लिए होते है।
जिस दिन कोई भी संगठन सत्ता के विरोध में खड़ा हो जाता है। संगठन कुचल दिया जाता है।
@free_thinker@shinjineemjmdr अब आज बहुत से पत्रकार दुखड़ा रो रहे है पत्रकार-पत्रकार का रोना रो रहे है।
सबसे पहले आप पत्रकारिता में अपनी रैंक देखो। फिर आप को पता चलेगा कि आप पत्रकार हो ही नही/बचे ही नही।
कहते है व्यक्ति परिस्थितियों के लिए खुद ही जिम्मेदार होता है।
पत्रकारों पर यह कहावत 100% सच है