Delhi has a majority General Category population, and they voted for Aam Aadmi Party twice. Today, the same party is betraying them.
I hope the people of Delhi never vote them back into power again.
डॉ. अंबेडकर जी को शिक्षा में सबसे अधिक सहयोग किसने दिया? एक ब्राह्मण ने और एक राजपूत ने। सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय बड़ौदा (वर्तमान वडोदरा, गुजरात) रियासत के महाराजा थे और 1875 से 1939 तक शासक रहे। उन्होंने अम्बेडकर की उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग दिया था।
* उन्होंने अंबेडकर को छात्रवृत्ति दी।
* इसी छात्रवृत्ति के सहारे अंबेडकर 1913 में Columbia University, अमेरिका उच्च शिक्षा के लिए गए।
* बड़ौदा राज्य की छात्रवृत्ति तीन वर्षों के लिए थी।
उसी तरह उनका दूसरा विवाह भी एक ब्राह्मण महिला से हुआ।
तो भाई, ब्राह्मण महिला से विवाह भी हो गया। उस समय आरक्षण भी नहीं था, फिर वे आपके समाज के सबसे अच्छे पढ़े-लिखे व्यक्ति बने। किस कारण से बने? दिमाग के कारण।
भगवान ने या बुद्धिजीवियों ने उनको इतनी बुद्धि दी, जितनी हमको-आपको दी। उसी दिमाग से उन्होंने इतनी डिग्रियाँ हासिल कीं। यह हीनता का भाव है कि आरक्षण के कारण इन्हें जातियों में डाल दिया गया और एक साइकोलॉजी डाल दी गई कि तुम बैकवर्ड ही हो!
A protest is happening right in the capital where thousands are on the streets demanding merit.
And not a single political party or politician is standing with them.
Imagine a country's future without merit.
If this doesn't alarm you, nothing will !
संघ को समझना सच में किसी के वश की बात नहीं। यह वक्तव्य भागवत जी के समक्ष एक समन्वय बैठक में आया, इनका नहीं है। फिर भी, इन्होंने स्वयं 3000 वर्षों के फर्जी शोषण की वामपंथी बकलोली के अपने मुखारविंद से बोला है।
इसलिए, अब संघ की स्थिति थाली के बैंगन की हो गई है। ये बोलते कुछ हैं, करते कुछ हैं और विश्वास किसी और बात में रखते हैं। कभी वामपंथी हो जाते हैं, कभी घनघोर जातिवादी, कभी हिन्दू हित रक्षक जो समाज को साथ ले कर चलना चाहते हैं।
तर्क: हमारे साथ 5000 वर्षों से डिस्क्रिमिनेशन हुआ। अतः आरक्षण सकारात्मक डिस्क्रिमिनेशन है और उचित है।
उत्तर: हिन्दुओं का नरसंहार मुगलों के समय में हुआ, बलात्कार हुआ, गाँव जलाए गए। यह 4-500 वर्ष पहले की ही बात है। तो क्या वर्तमान मुसलमानों का, उपरिलिखित तर्क से, नरसंहार उचित हो जाएगा?
—
इस पर तुरंत भीम वाले पगला जाएँगे कि ऐसे कैसे तुम आरक्षण के डिबेट में लॉजिकल बातें ले आते हो। आज तक ये 5,000 वर्ष का कोई भी प्राइमरी सोर्स ले कर आए नहीं। और उस समय किसने किया, क्या किया, मैं उसका लोड क्यों लेता फिरूँ?
जिन जातियों को आरक्षण से हटाने के लिए 1960 के ही दशक में सिफारिश हुई, वो आज तक टिकी हुई हैं लिस्ट में, सबसे अधिक आरक्षण खा रही है। जिन जातियों को मुगलों के समय में जमींदारी दी गई, वो आज ओबीसी लिस्ट में हैं।
यदि सरकार को लगता है कि ये सारे डॉक्यूमेंट प्रधानमंत्रियों के तकिए की खोली में रखे होते हैं, तो वो भूल जाएँ। ये सब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आँकड़े और तथ्य हैं।
‘व्हाइट पेपर’ तो लाना ही होगा। नहीं लाओगे तो हम निकलवा लेंगे या ऐसे आँकड़े रख देंगे जो तुम्हें और भी असहज करेगा।
—
एक बात संघ के लिए भी है: मूर्ख बनाना बंद करो ये सब लीक करवा कर कि ‘UGC पर तो हमें न उगलते बन रहा, न निगलते’। यह ऐसा स्तरहीन तर्क है कि सामने मिले ऐसा आदमी तो पूछूँ कि तुम्हारी बुद्धि घास चरने चली गई?
इसमें ‘उगलना-निगलना’ क्या है? सीधा वक्तव्य यह दो: “आज के संदर्भ में, जब विश्वविद्यालयों की दीवारों पर सवर्णों के नरसंहार की बातें लिखी जाती हैं, हर सप्ताह कब्र खुदने के नारे लगते हैं, तो यह मानना अनुचित है कि उनको लेकर जातिगत घृणा नहीं है। अतः उन्हें भी इस लिस्ट का हिस्सा होना चाहिए।”
तत्पश्चात्, इसमें एक और बिन्दु जोड़ा जाए: यदि कोई भी शिकायत झूठी निकली, उस पर दोगुना जुर्माना और जेल का दंड होगा।
ऐसा कोई रॉकेट साइंस नहीं है।
इस देश में कुत्तों तक की समस्या सुनने हेतु व्यवस्था है पर अनारक्षित वर्ग हेतु कुछ नहीं, अपितु उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने हेतु सरकार उनके पैसे से ही असामाजिक तत्त्वों को बढ़ावा देगी - जगद्गुरु निग्रहाचार्य
#Nigrahacharya#निग्रहाचार्य#ReservationReformआंदोलन #reservationhataomovement #UGC_काला_कानून_वापस_लो
कौन-सा संघर्ष रहा रामविलास पासवान जी का? यही न कि कैसे UPA में भी मंत्री बनें और कैसे NDA का भी हिस्सा बन जाएँ?
पासवान और चमार, बिहार का सबसे अधिक SC आरक्षण पाते रहे हैं। आप स्वयं अपना विकास आरक्षित सीट से कर रहे हैं। आपने मुसहर, डोम, चंडाल, भुइयाँ के कितने नेताओं को आगे बढ़ाया है?
मैं भी बिहार से हूँ। हाँफ-हाँफ कर मोदी जी का नाम लेने से कुछ नहीं होता।
बकवास बंद कीजिए और महादलितों का हक दीजिए। अब बहुत हो गया। पर आपका सही है, सत्ता बदलेगी फिर भी आप मंत्री बन ही जाओगे! आपको कुछ भी कहना बेकार ही है।
“Reservation is neither a constitutional right nor a permanent entitlement.”
- Supreme Court
Facts don’t change just because they hurt your vote-bank politics.
Right.
My bad.
We should agree to 75% reservation and draconian SC/ST act misuse, so that Sanatan can survive!!
BTW, I am curious.
Saving Sanatan is the responsibility of only GCs?
@yadavakhilesh Aisa to samvidhan me bhi nahi likha hai. Kewal 10 saal ke liye tha. Sharam aani chahiye. Apni jati ke logo ka hak kha kar. Raat ko neend kaise aati hai
When we protested against MP 73% reservation, these ppl said-
"Bihar elections le liye kar rahe hain!"
When we protested against UGC, these ppl said-
"Bengal elections ke liye kar rahe hain!"
Now when we are protesting for reservation review, they say-
"UP election ke liye kar rahe hain!"
Matlab inko kya lagta hai-
Poori dunia BJP ke hi aas pas ghoomti hai?