@ajeetbharti ब्रजेश पाठक..हर्ष दुबे कब से #ReservationReformआंदोलन के प्रवक्ता बन गए भाई?यही ब्रिजेश पाठक था जिससे जब सवाल पूछा था UGC ACT के बारे में तो ये फालतू जवाब दिया था इसने👇और हर्ष दुबे कौन होता है सबके लिए निर्णय लेने वाला.. हर्ष दुबे की किसी भी बात से सवर्णो का लेना देना नहीं है..
एक सड़ी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है
वह काम हर्ष दुबे ने किया, इस छपरी को नेता बनने का बड़ा शौख था, इसको कुछ ज्यादा नेम फेम मिल गया था, लेकिन इसके गाँव में इतना ही दम ही था की पुलिस को देखकर मंच छोड़कर भाग गया।
बेटा तुम नेता बनने का सपना भूल ही जाओ, तुम बस कण्डोम बनकर रह जाओगे।
#ReservationReformआंदोलन
ये ब्रजेश पाठक कभी भी समाज के किसी मुद्दे पर समाज के साथ खड़ा नहीं हुआ। आज जब सवर्ण समाज संगठित हुआ और इतना बड़ा जनसमूह सड़क पर उतरा, तो ऊपर से आदेश मिला और ये लॉलीपॉप लेकर आ गए। हर्ष दुबे को अपना छोटा भाई बनाने से आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं हो जाता।
ये आंदोलन न हर्ष दुबे का है, न किसी एक व्यक्ति का ये देश के करोड़ों नागरिकों का आंदोलन है, जो आरक्षण जैसी व्यवस्था से प्रभावित और प्रताड़ित हैं। इस व्यवस्था में रिफॉर्म होकर रहेगा।
#reservationfreeindia
हर्ष दुबे इस आंदोलन का नेता नहीं , ये आंदोलन समस्त सवर्ण समाज के लोग कर रहे हैं , भाजपा इस आंदोलन को नष्ट करना चाहती है , ब्रजेश पाठक कभी ब्राह्मणों के समर्थन में खड़े नहीं होते ।
ब्रजेश पाठक एक बार बोल दें की जातिगत आरक्षण , एससी एसटी एक्ट और यूजीसी एक्ट ग़लत है मैं मान लूंगा की वो हमारे शुभ चिंतक हैं ।
जो व्यक्ति एक शब्द बोल नहीं सकता वो कैसे हमारी बात मोदी तक पहुँचा सकता है , हर्ष को फ्लाइट से लखनऊ बुला कर और बिना सबकी सहमति लिए इस तरह से प्रेस करना पीठ में छुरा मारने जैसा है अब हम इसको भूलेंगे नहीं ।
#यूजीसी_रोलबैक
#एससी_एसटी_एक्ट_रोलबैक
#जातिगत_आरक्षण_वापस_लो
सामान्य वर्ग की मुख्य मांगें:
>UGC के नियमों को तत्काल वापस लिया जाए,
>सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाए।
>SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए,
>सामान्य को उम्र और परीक्षा शुल्क में छूट दी जाए
>आरक्षण को आधार आर्थिक पर किया जाए।
इस आंदोलन में हर्ष दुबे एक चेहरा हो सकते हैं, लेकिन इस आंदोलन के लिए सबसे अधिक प्रयास ठाकुर शिवम सिंह, सर्वेश पांडेय, पंकज धवरैया, अजीत भारती, स्वामी आनंद स्वरूप जी और करणी सेना के युवा अध्यक्ष ओकेंद्र राणा, वीरू सिंह, रघुराज प्रताप सिंह और दिल्ली के कई संगठन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आरक्षण सुधार आंदोलन के साथी हर्ष दुबे से कहा कि हम अगले दो दिनों के भीतर छात्रों की मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखेंगे। और छात्रों की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात भी कराई जाएगी?
‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ का हर्ष दुबे के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को कोई समर्थन नहीं है। चूँकि हम इस आंदोलन से वैचारिक रूप से जुड़े थे, इसलिए कल मेरी उपस्थिति वहाँ थी। हमने ना तो यह आंदोलन बुलाया था, ना प्रेस कॉन्फ्रेंस।
जो लोग हर्ष या अन्य लोगों के बुलाने पर जंतर मंतर आए थे, उनसे विनम्र निवेदन है कि वो अपने घरों को प्रस्थान करें। कोई तो कारण रहा होगा कि मैंने ऐसे किसी आंदोलन के लिए लोगों को इतनी शीघ्रता से बुलाने से मना किया था।
कोई भी पार्टी इसे यह ना समझे कि आंदोलन समाप्त हो चुका है। हम चर्चा करेंगे, लोगों को बताएँगे और हम शीघ्र ही वापस आएँगे और इस संख्या से बहुत बड़ी संख्या में आएँगे।
साथ ही, हर्ष दुबे के पिताजी को विधायक टिकट हेतु शुभकामनाएँ। आपके माध्यम से एक सवर्ण विधानसभा में पहुँचेगा। आशा है आप वहाँ आरक्षण की वर्तमान नीतियों का विरोध करेंगे।
@neha_laldas@talk2anuradha
डॉक्टर अजीत भारती ने आईटी सेल सभी सवालों का जवाब देकर तगड़ा रोस्ट कर दिया 🔥🔥
प्रश्न:- ठीक है भाजपा को हरा कर कॉन्ग्रेस ले आओ, तब देखना…
अजीत भारती : मुझे यह नहीं पता था कि नई पार्टी बनाने पर प्रतिबंध है और जनता की हथेली पर भाजपा के नाम का ब्लड पैक्ट हो रखा है!
प्रश्न:- अजीत भारती अपनी राजनीति चमका रहा है…
Ajeet Bharti : तो क्या यह अधिकार केवल नरेन्द्र मोदी, राहुल गाँधी, केजरीवाल को ही है?
प्रश्न:- अजीत भारती सपा अजेंट है, सोरोस अजेंट है, कॉन्ग्रेस का प्लांटेड है, वामपंथी है…
अजीत भारती : साबित करो, केवल बकलोली मत करो! और यदि तुम सपा-कॉन्ग्रेस का कुछ नहीं कर पा रहे, तो अजेंट से क्या समस्या है?
प्रश्न:- एक पंचायत का चुनाव नहीं जीत सकते…
अजित भारती:-- फिर तुम्हारी और तुम्हारे अनेक बापों की क्यों फटी हुई है इस आंदोलन को देख कर?
अब ajeet bharti का जबाब सुनकर आईटी सेलिया बिलबिलाते नजर आ रहें है।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काट्जू जी का UGC,SC/ST और आरक्षण पर ,अभी तक का सबसे बड़ा बयान
गज़ब का संविधान है कलेक्टर अपने बेटे कि फीस नहीं भरेगा क्योंकि वह SC/ST और OBC है ,और चपरासी तीन गुना फीस भरेगा क्योंकि वह सवर्ण समाज से आता हैं
ऐसे जातिवादी संविधान की ,अब हमे जरूरत नहीं हैं
आरक्षण दलितों-पिछड़ों को आगे बढ़ाने के लिए नई दिशा देने के लिए 10 शालों के लिए लाया गया था
और अब सब जागरूक और शिक्षित हो गए है ,अब ऐसे जातिवादी भेदभाव वाले आरक्षण की जरूरत नहीं है
जब हाथ बराबर, पैर बराबर, शिक्षा बराबर, कोचिंग भी बराबर तो फिर आरक्षण क्यों ?
नौकरियाँ टैलेंट के आधार पर तय होनी चाहिए, जाती के आधार पर नहीं।
मोदी सरकार से मांग हैं तुरंत देश में सवर्ण आयोग बनाया जाए।
और ओबीसी आयोग कि तरह संवैधानिक दर्जा दिया जाए
तिलक तराजू और तलवार संगठित होकर मांगो अपना अधिकार
अगर आप लोग, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काट्जू के बातो से सहमत है तो ,कमेंट में जरूर बताए 🗣️
इस बार NEET PG में SC/ST/OBC की कटऑफ - 40 है, अरे हां भाई ठीक सुना आपने ,, माइनस 40 😐
अगर OBC/SC/ST वर्ग का व्यक्ति 800 में - 40 अंक भी लाता है तो वो मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन के योग्य है !
यानी वो 'विशेषज्ञ डॉक्टर' बनने के योग्य होगा !
इस कट ऑफ पर आपत्ति जताते हुए राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी जी ने निडरता से अपनी बात रखते हुए कहा की
हमारी शिक्षा प्रणाली से इस कमी को दूर करने के लिए वास्तव में कुछ बेहतर करने की जरूरत है।
-40/800 अंक लाकर भी Post graduation डिग्री हासिल हो सकती है, देश को किस स्तर के विशेषज्ञों की जरूरत है ?