अयोध्या मे CMOद्वारा AMS App में 2 या अधिक मोबाइल डिवाइस दिखने के आधार पर CHO से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है
जबकि CHO को न भारत सरकार,न @nhm_up न जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा AMS हेतु कोई सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराया गया है सभी कर्मचारी अपने निजी मोबाइल से उपस्थिति दर्ज करते है।
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की सेवा, लाखों मरीजों का विश्वास और स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनने के बाद भी #CHOs अस्थायी क्यों?
सेवा पूरी, जिम्मेदारी पूरी, लक्ष्य पूरे— फिर अधिकार अधूरा क्यों?
मांग: कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण।
#permanentCHOs
DVDMS से दवा लाने के लिए CHO को 80–100 किमी खुद जाना पड़ता है और ₹2000–₹3000 खर्च भी अपनी जेब से करना पड़ता है।
न ट्रांसपोर्ट सुविधा
न खर्च की प्रतिपूर्ति
वेतन भी समय से नहीं
जल्द समाधान नहीं हुआ तो CHO दवा लाना बंद करेंगे। @nhm_up@brajeshpathakup#CHO#NHM#UttarPradesh
एक तरफ राजस्थान की सरकार है जहां भारत सरकार के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए #NHM के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित कर रही है
वहीं @BJP4UP की @UPGovt के
डिप्टी सीएम @brajeshpathakup कहते है कि मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है |