@dabangkidangai
आदरणीय प्रधानमंत्री जी करबद्ध निवेदन है कि " निर्मल लाइफ़स्टाइल कल्याण"मुम्बई का प्रोजेक्ट पिछले 15 -20 सालों सेअटका है । आप इस प्रोजेक्ट को शीघ्र चालू करा के होमवायर्स को हक दिलाएं तो सभी 2100 होमवायर्स आपके बहुत बहुत आभारी रहेंगे ।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री महोदय
आपसे निवेदन है कि " निर्मल लाइफ़स्टाइल कल्याण" का प्रोजेक्ट पिछले 20 सालों सेअटका है। पूरी जिंदगी की पूंजी होमबायर्स ने लगा रखी है। आप दखल देकर इसको शीघ्र चालू करा के होमवायर्स को हक दिलाएं सभी 2100 होमवायर्स आपके बहुत बहुत आभारी रहेंगे।
माननीय एकनाथ शिंदे जी
@Eaknath
आप हमारी पीड़ा समझिए " निर्मललाइफ़स्टाइल कल्याण" का प्रोजेक्ट 16 सालों सेअटका है।कल्याण आपका क्षेत्र है, इस प्रोजेक्ट को शीघ्र चालू करा के होमवायर्स को हक दिलाएं तो सभी 2100 होमवायर्स आपके बहुत बहुत आभारी रहेंगे।
@Mkjain_111@mieknathshinde@CMOMaharashtra माननीय एकनाथ शिंदे जी
आपसे करबद्ध निवेदन है कि " निर्मललाइफ़स्टा��ल कल्याण" का प्रोजेक्ट 15 सालों सेअटका पड़ा है। आप यदि बीच में दखल देकर इस प्रोजेक्ट को शीघ्र चालू करा के होमवायर्स को हक दिलाएं तो सभी 2100 होमवायर्स आपके बहुत बहुत आभारी रहेंगे। @mieknathshinde
@CMOMaharashtra
माननीय एकनाथ शिंदे जी
आपसे करबद्ध निवेदन है कि " निर्मललाइफ़स्टाइल कल्याण" का प्रोजेक्ट 15 सालों सेअटका पड़ा है। आप यदि बीच में दखल देकर इस प्रोजेक्ट को शीघ्र चालू करा के होमवायर्स को हक दिलाएं तो सभी 2100 होमवायर्स आपके बहुत बहुत आभारी रहेंगे। @mieknathshinde@CMOMaharashtra
सन्यासी से चित्त ध्यान
एकाग्रचित्त गाथा अपार
तुम धरा पुत्र हो होनहार
भरत भू के भाल तिलक
तुमसे जननी है मालदार
हे शांति दूत आकाश द्वार
उत्तुंग शिखा छाया उदार
हे प्राण वायु के उत्कर्षक
हे शीतलता के ह्रदय द्वार
हे तरुवर हे गुण अपार
है आर्यपुत्र का नमस्कार।
2/4/18/8.15
हे तरुवर"
हे चीड़ , हे देवदार
हे बांस , बरगद सुमार
हे नारिकेल, हे गुलमोहर
हे अशोक तुम शोक हार
हे सागवान , हे ताड़ वृक्ष
तुम ध्यानमग्न हो प्रत्यक्ष
पीपल अर्जुन नीम साल
गुल बबूल कदम सेमल
शीशम चंदन सजे सुश्रृंग
नीलगिरी उत्तुंग श्रृंग
गिरिपर्वत के तुम वितान
उद्गमंडलं,कुर्ग एवं मडिकेरी के घने जंगल प्रकृति की रंग बिरंगी छटा बिखेरते ,सुरम्य सुवासित बयार से प्रकृति प्रमियों को अपनी ओर खींचते ,पृथ्वी के हरे स्वर्ण को साकार करते, भू और अम्बर को मिलाने वाले दूत की तरह खड़े ध्रुव, अचल ,शांति पहरुओं, तरुओं के साथ लेखनी का वार्तालाप