जिंदों को मुर्दा कर दो, मुर्दों को ज़िंदा कर दो।
VIP को नोटिस भेजो, मामला तूल पकड़े तो नाम जोड़ दो। गरीब मजदूर को नोटिस भेजो, कई दिनों तक लाइनों में खड़ा करके नाम काट दो। ये मोदी-अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के SIR घोटाले की हक़ीक़त है। देखिए @Saurabh_Unmute की ये रिपोर्ट। 👇
CJP की मांग
CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो . उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मुकदमा चलाया जाए.
ज्ञानेश कुमार ने किसके आदेश पर काम किया , बताया जाए .
48 घंटे में अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो CJP देश भर आंदोलन करेगी . बिना इस्तीफे के अपनी माँग से पीछे नहीं हटेगी .
SIR को फ़्रीज़ किया जाए .
चुनाव आयुक्तों को नियुक्ति के लिए बने लिए क़ानून को वापस बदला जाए .
ये है भाजपा सरकार द्वारा पोषित अपराधियों का हाल, ख़ुद कैमरे पर बता रहा है कि जिस अपराध में इसे 307 में जेल में होना चाहिये था उसमें ये बाहर घूम रहा है।
@DelhiPolice आप सुन रहे हैं ??
चढ़ावा चोरी का मुद्दा आपने देखा ही है, अब आप हज यात्रा में होने जा रहा घोटाला देखिए। हज-2027 के लिए भारतीय हज यात्रियों के पैकेज का टेंडर 11 अगस्त 2026 को भारतीय हज यात्रियों के कार्यालय, मक्का की ओर से जारी किया गया था।
आधिकारिक ई-प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के मुताबिक टेंडर की अनुमानित कीमत ₹200 करोड़ दर्ज है और इसमें भारतीय हज यात्रियों के लिए व्यापक सेवा पैकेज और उससे जुड़ी संचालन सेवाएं शामिल हैं।
टेंडर प्रक्रिया में M/S Mashareq Al Mutamayza ने प्रति हाजी 8,717.01 सऊदी रियाल (करीब ₹2.14 लाख) की सबसे कम बोली लगाई और तकनीकी मूल्यांकन में 92.13 का सर्वोच्च स्कोर हासिल किया। इसके विपरीत M/S Ithra Al Khair की बोली प्रति हाजी 9,777 सऊदी रियाल (करीब ₹2.49 लाख) बताई गई है। दोनों दरों के बीच अंतर प्रति हाजी 1,059.99 सऊदी रियाल (करीब ₹ 27 हजार) है।
यदि करीब 1.22 लाख हाजियों पर यह अंतर लागू होता है तो अतिरिक्त राशि लगभग 12.93 करोड़ सऊदी रियाल बैठती है, जो भारतीय मुद्रा में ₹300 करोड़ से अधिक हो सकती है। हालांकि, यह गणना और इसका वास्तविक भार इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम अनुबंध, हाजियों की संख्या और सेवा पैकेज की शर्तें क्या रहती हैं।
विवाद का एक बड़ा बिंदु यह भी है कि आरोप लगाने वालों के मुताबिक Ithra Al Khair को लगातार चौथी बार सर्विस मुहैया कराने का ठेका मिला है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद @SanjayAzadSln ने भी इस चयन पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि दूसरी कंपनी को तकनीकी समिति की ओर से बेहतर माना गया था तो अंततः दूसरी कंपनी को ठेका क्यों दिया गया? @KirenRijiju जवाब देंगे?
@murtazazaigham1 के ✍️से
प्रभु श्रीराम का मंदिर लूटने के बाद अब हज यात्रियों को भी लूटा जायेगा।
एथरा अल ख़ैर कंपनी और मोदी सरकार के बीच क्या रिश्ता है?
पिछले वर्ष की ख़बर में इसी कंपनी को ठेका दिया गया, जिससे प्रति हज यात्री 6 हज़ार का बोझ पड़ा इस वर्ष फिर कंपनी को ठेका मिल रहा है, जिससे प्रति हज यात्री 30 हज़ार रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
आख़िर तकनीकी समिति की मंज़ूरी के बावजूद L-1 की जगह L-3 कंपनी को ठेका क्यों दिया गया?
कितना कमीशन खाया गया
@narendramodi जी
ये यूपी के शिक्षा मंत्री @thisissanjubjp हैं। इनके दादा यूपी के मुख्यमंत्री थे। इनके पिता यूपी सरकार में मंत्री रहे, और सांसद रहे। जब इनके दादा मुख्यमंत्री थे तब भाजपा का प्रचारतंत्र गली-गली में कहता घूमकर प्रचार करता था कि कल्याण सरकार ने नकल पर रोक लगा दी है।
खैर! अब आप यूपी के शिक्षा मंत्री का संबोधन सुनिए। वो इस तरह हिंदी पढ़ रहे हैं, जैसे कोई दूसरी कक्षा का छात्र क्लासरूम में हिंदी का पाठ पढ़ रहा हो, और मास्टर साहब उसे बार-बार करेक्ट कर रहे हों। फिर दोहराता हूँ, संदीप सिंह यूपी के शिक्षा मंत्री हैं। शिक्षा मंत्री समझते हैं ना आप!
संदीप सिंह का यह संबोधन साल भर पहले का है। उत्तर प्रदेश के Gen-Z में अगर शिक्षा के प्रति ज़रा भी बेहतरी की ललक होती तो, भाजपा सरकार ने शिक्षा मंत्रालय ऐसे शख्स को बिल्कुल ना सौंपा होता जिसे ढंग से हिंदी पढ़ना भी नहीं आता। बुलडोज़र के ‘मज़े’ और ‘दूसरों’ को ‘ठीक’ करने की लालसा ने शिक्षा के नाम पर ऐसे लोगों को शिक्षा मंत्रालय में बैठाया है।
Imagine this treatment being meted out to the biggest opposition leader of India, the Leader of the Opposition, a Gandhi.
Now you know why the police were so brutal to the young protesters.
As @SanjayAzadSln would say Modi-Shahi
प्रदर्शन जब लगातार और लंबे समय तक चलता है तब जाकर वह आंदोलन का रूप लेता है… और जब लंबे समय तक आंदोलन चलता है तब जा कर क्रान्ति होती है… इस क्रोनोलॉजी को समझिए
Truck loaded with stones have been parked at Jantar Mantar.
What are the police authorities upto? Are they orchestrating stone-pelting on the peaceful CJP protesters?
Grateful 🙏 We have 4 demands
* Availability of E0 E5, E10 & E20 blended fuels !
* all documents wrt E20 including ARAI report in Public domain
* solution for pre 2023 vehicles damged
* no future rollout without 360°infrastructure being ready.
@news24tvchannel#EthanolScam
@pvvnlamroha @dmamroha
Hi, sir there are almost 3 days since we are suffering in this scorching heat without electricity at Lal Bagh, Retiyaan Hasanpur due to failure of transformer. please take appropriate action to change transformer after several complaint no action taken
“इथेनॉल का माइलेज 30 फ़ीसदी कम होता है”
तेल कंपनी BPCL के बड़े अधिकारी अनुराग सरावगी का ये बयान ANI हैंडल से डिलीट करा दिया गया है!
किस लॉबी ने डिलीट कराया @nitin_gadkari जी?
(Video posted by @AjitSinghRathi)
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
इटली की मिटेनी नामक केमिकल फैक्ट्री है। उस केमिकल का नाम पीएफएएस है। इस केमिकल को नष्ट नहीं किया जा सकता। इटली की सरकार ने इसे बैन कर दिया है और इस कंपनी के सभी लोग जेल में हैं। इस कंपनी को एक भारतीय कंपनी, विवा लाईफ सायन्स लिमिटेड ने दोबारा खरीदा है और महाराष्ट्र के रत्नागिरी में इसका निर्माण होने वाला है।
भारत की ओर से इजरायल को जो मिलिट्री ग्रेडेड स्टील दिया जा रहा है, उसमें लक्ष्मी ऑरगॅनिक इंडस्ट्रीज इस कंपनी की सब्सिडी है।
प्रधानमंत्री मोदी की जो नीति है और उनकी जो छवि बनी है, उससे भारत की आज कि परिस्थिति खराब हुई है। भाजपा वालों से मैं पूछना चाहता हूं, क्या आप यह कबूल करेंगे कि मोदी दिक्कत में आ चुके हैं? इसी वजह से उन पर दबाव डाला जा रहा है।
मिटेनी केस के पेपर किसी भी भारतीय के हाथ में न लगें, इसकी पैरवी करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी इटली गए थे। चोरी-छिपे इजरायल को मिलिट्री ग्रेडेड स्टील भेजा जा रहा था। उसे छुपाने के लिए और लक्ष्मी ऑरगॅनिक इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने जो कंपनी खरीदी है और रत्नागिरी में जो प्लांट खुलने जा रहा है, उसके पेपर किसी भी भारतीय को न मिलें, यही मोदी का सीधा मकसद था। इसीलिए वे इटली दौरे पर गए थे।
#ItalyVisit #MujaraModi