राजस्थान सरकार के तबादला आदेश अब प्रशासनिक दस्तावेज़ कम और मज़ाक ज़्यादा बनते जा रहे हैं।
पहले तबादला सूची में एक दिवंगत पुलिसकर्मी का नाम सम्मिलित कर दिया ,उसके बाद सत्ता पक्ष के एक विधायक का नाम पटवारी के रूप में दर्ज कर उनका नाम भी तबादला सूची में शामिल कर दिया गया।
क्या सरकार बिना किसी जांच-पड़ताल के सिर्फ़ फाइलों पर मुहर लगा रही है ?
क्या अधिकारियों को यह तक पता नहीं कि कर्मचारी जीवित है या नहीं ?
यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता है। ऐसी गलतियाँ लाखों कर्मचारियों के भविष्य और सरकार की विश्वसनीयता दोनों पर सवाल खड़े करती हैं।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी बताएं,क्या यही आपका "सुशासन" और "गुड गवर्नेंस" है, जहाँ तबादला सूची भी बिना सत्यापन के जारी कर दी जाती है ?
खींवसर से RLP के मजबूत साथी, प्रिय मित्र मनीष बेनीवाल को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई !! 🎂🫂💗
ईश्वर से आपके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ। वीर तेजाजी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
@mansabeniwaljat
खींवसर के पूर्व विधायक बड़े भाई श्री नारायण बेनीवाल जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ। वीर तेजाजी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
@NarayanBeniwal7
खींवसर से RLP के मजबूत साथी, प्रिय मित्र मनीष बेनीवाल को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई !! 🎂🫂💗
ईश्वर से आपके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ। वीर तेजाजी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
@mansabeniwaljat
खींवसर के पूर्व विधायक बड़े भाई श्री नारायण बेनीवाल जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ। वीर तेजाजी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
@NarayanBeniwal7
श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे राजस्थान को शर्मसार कर दिया है। एक मासूम को कई दिनों तक हैवानियत का शिकार बनाया गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस प्रकार का प्रकरण प्रदेश में जंगलराज होने का प्रमाण है साथ ही प्रशासनिक विफलता का भी सबसे भयावह उदाहरण है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
जी से पूछना चाहता हूं कि होटलों में इस तरह का संगठित अपराध चल रहा था, तो पुलिस, स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार क्या कर रहे थे ?
दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा दिलाने के साथ-साथ इस पूरे गिरोह को संरक्षण देने वाले, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और इस मामले में मिलीभगत रखने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाए तथा इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करे।
मैंने लोक सभा में भी यह मांग उठाई थी और कई बार सार्वजनिक रूप से भी यह बात कही और पुन: दोहरा रहा हूं कि मासूमों के साथ दरिंदगी करने वाले अपराधियों को चौराहे पर फांसी देने का कानून सरकार को बनाना अत्यंत आवश्यक है |
@PMOIndia@RajCMO
खींवसर के पूर्व विधायक बड़े भाई श्री नारायण बेनीवाल जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ। वीर तेजाजी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
@NarayanBeniwal7
खींवसर के पूर्व विधायक बड़े भाई श्री नारायण बेनीवाल जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ। वीर तेजाजी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
@NarayanBeniwal7
रालोपामय होते शेखावटी के कॉलेज! 💚📚
श्री सेठ केदारनाथ मोदी महाविद्यालय, गुढ़ा गोरजी में छात्र-छात्राओं का RLP छात्र विंग से जुड़ना इस बात का संकेत है कि शेखावटी का युवा अब बदलाव की राजनीति के साथ खड़ा है।
युवा शक्ति का बढ़ता विश्वास ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।
आप सभी नए साथियों का RLP परिवार में हार्दिक स्वागत।
कल मैंने केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल जी को पत्र प्रेषित करके राजस्थान में ट्रांसमिशन लाइनों के लिए राइट ऑफ वे (Right of Way - RoW) के तहत किसानों को दिए जा रहे मुआवजे में गंभीर अनियमितताओं से उन्हें अवगत करवाया,इस संदर्भ में मैने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन राज्यों में डीएलसी (सर्किल रेट) वास्तविक बाजार मूल्य से कम है, वहां जिला स्तर पर मार्केट रेट कमेटी (MRC) का गठन कर स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के माध्यम से वास्तविक बाजार दर तय कर उसी आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए लेकिन राजस्थान के अधिकांश जिलों में आज तक न तो एमआरसी का गठन किया गया है और न ही किसानों को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा मिल रहा है।
नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों के किसानों ने मुझे ऐसे मामलों को लेकर ज्ञापन देते हुए अवगत करवाया कि ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर अत्यंत कम डीएलसी दरों के आधार पर मुआवजा देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे हजारों किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तथा कई स्थानों पर विवाद और आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मैंने पत्र में मंत्री जी को यह भी अवगत करवाया कि राजस्थान में निजी विद्युत कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे ट्रांसमिशन कॉरिडोर में कई स्थानों पर किसानों को उचित मुआवजा दिए बिना ही पुलिस-प्रशासन से मिलीभगत करके जबरन टावर स्थापित किए जा रहे हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उनके अधिकारों का गंभीर हनन हो रहा है इसलिए राजस्थान सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग करते हुए मैने लिखा कि राज्य के सभी जिलों में शीघ्र मार्केट रेट कमेटी (MRC) का गठन कराया जाए, स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के माध्यम से वास्तविक बाजार दर निर्धारित कर उसी आधार पर किसानों को मुआवजा दिलाया जाए तथा टॉवर बेस का मुआवजा बाजार दर का चार गुना और राइट ऑफ वे (RoW) कॉरिडोर का मुआवजा वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जब तक एमआरसी द्वारा बाजार दर निर्धारित नहीं हो जाती, तब तक किसानों के हितों की रक्षा के लिए अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
किसानों की भूमि पर विकास परियोजनाएं तभी स्वीकार्य होंगी जब उन्हें उनकी भूमि के उचित मूल्य का न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा।
इस मामले से पत्र के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री जी ,भारत सरकार के ऊर्जा सचिव व राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री सचिव व ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव को भी अवगत करवाया है |
@mlkhattar@BhajanlalBjp@RajCMO
क्या राजस्थान में अब गाँव की समस्याएँ उठाना भी गुनाह हो गया है ? मैं मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी और राजस्थान सरकार से पूछना चाहता हूँ।
हमारा परिवार प्रवासी राजस्थानी है, लेकिन अपनी जन्मभूमि लाछड़सर से लगाव की वजह से मेरे पिताजी आज भी अधिकतर समय गाँव में रहकर लोगों की समस्याओं और विकास के मुद्दों के लिए आवाज़ उठाते हैं।
हाल ही में गाँव में आयोजित कैम्प के दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में जलभराव, गौरव पथ के कथित गलत निर्माण और एक निजी उद्योग के लिए पूरे गाँव की बिजली काटे जाने जैसे जनहित के मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। लेकिन समस्याओं का समाधान करने के बजाय, खुद को सरपंच प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने खुलेआम "काम तमाम कर दूँगा" जैसी धमकी दी।
सबसे दुखद बात यह है कि जिस व्यक्ति ने सरकारी स्कूलों के उत्थान, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और लैपटॉप वितरण जैसे सामाजिक कार्य किए हों, और जिन्हें इन कार्यों के लिए तीन बार जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया जा चुका हो, आज उसी व्यक्ति को सच बोलने और गाँव की समस्याएँ उठाने की कीमत जान से मारने की धमकियों के रूप में चुकानी पड़ रही है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, क्या आपकी सरकार में जनहित के मुद्दे उठाना अपराध है ? क्या एक आम नागरिक को अधिकारियों के सामने अपने गाँव की समस्याएँ रखने का अधिकार भी नहीं है ? यदि खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जाती है, तो कानून का भय आखिर किसे है ?
मैं @PoliceRajasthan और @RajPoliceHelp से आग्रह करता हूँ कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जाँच कर दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मेरे पिताजी की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित की जाए।
यह सिर्फ मेरे परिवार का मामला नहीं है, बल्कि हर उस नागरिक की आवाज़ का सवाल है जो अपने गाँव, अपने समाज और अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने का साहस करता है। लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, धमकियाँ नहीं।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं कि राजस्थान में भाजपा सरकार ने किसानों के लिए नया कानून बना दिया है क्या ? —"मुआवजा मांगोगे तो घसीटे जाओगे!"
बिना पुलिस कप्तान वाले जिले नागौर के जारोड़ा में 732 केवी बिजली लाइन के लिए पोल लगाने वाली एक कंपनी दौरान से उचित मुआवजे की मांग कर रहे किसान को पुलिस द्वारा घसीटकर थाने ले जाना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और किसान विरोधी कृत्य है।
जिस अन्नदाता के दम पर सरकारें सत्ता तक पहुंचती हैं, उसी अन्नदाता को आज निजी कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए अपराधियों की तरह घसीटा जा रहा है। ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार में प्रशासन किसानों का नहीं, बल्कि कंपनियों का चौकीदार बन गया है।
अपनी जमीन बचाने और न्यायसंगत मुआवजा मांग रहे किसान को अपराधी की तरह घसीटकर थाने ले जाना लोकतंत्र नहीं, बल्कि औपनिवेशिक मानसिकता का परिचायक है।
मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या राजस्थान में अब किसानों को अपनी जमीन बचाने और उचित मुआवजा मांगने का भी अधिकार नहीं रहा ? क्या पुलिस का काम किसानों को न्याय दिलाना है या कंपनियों के लिए रास्ता साफ करना ?
अंग्रेज भी किसानों की आवाज़ दबाने के लिए लाठी चलाते थे, आज राजस्थान की भाजपा सरकार पुलिस के दम पर वही तस्वीर दोहरा रही है । फर्क सिर्फ इतना है कि तब विदेशी हुकूमत थी, आज जनता के द्वारा चुनी गई सरकार ही किसानों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है।
@RajCMO इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर कम्पनियों के मुनीम बनकर बैठे मेड़ता के उपखंड अधिकारी व किसान के साथ दुर्व्यवहार करने वाले
@NagaurPolice के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें और किसानों को उचित मुआवजा दिलवाया जाए तथा किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का कार्य वहां नहीं किया जाए |
@PMOIndia@HMOIndia@RajGovOfficial
विगत दिनों जयपुर स्थित सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के अध्यक्ष (HOD) और सीनियर प्रोफेसर डॉ. नंदलाल जी डिसानिया ने आत्महत्या कर ली थी ,डॉ डिसानिया जी का ऐसे चला जाना हम सभी के लिए अत्यंत दुःखद क्षण था | एक जिम्मेदार और वरिष्ठ चिकित्सक द्वारा ऐसे आत्महत्या कर लेना अपने आप में बहुत बड़ा सवालिया निशान भी है, मैं @RajGovOfficial
से मांग करता हूं कि इस प्रकरण की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच करवाते हुए कारणों का खुलासा किया जाए |
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत डॉ. नंदलाल जी डिसानिया की आत्मा को शांति प्रदान करें,मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है |
@jaipur_police
राजस्थान की बदहाल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार माताओं की जान ले रही है। पहले कोटा, फिर बीकानेर और अब भीलवाड़ा के सरकारी अस्पताल में 6 दिनों में 5 प्रसूताओं की मौत की खबर बेहद भयावह और शर्मनाक है।
यदि ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका थी, उपकरणों की कमी थी और फिर भी लगातार सीजेरियन किए जाते रहे, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था की घोर विफलता है। आखिर इन माताओं की मौत का जिम्मेदार कौन है ?
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूँ कि आखिर कब तक सरकारी अस्पतालों में माताओं की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ होता रहेगा ?
क्या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ बयान देने तक सीमित रह गई है ?
राजस्थान के गैर जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री की नाकामी के कारण
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में है और सरकार संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पर खड़ी है।
माताओं की मौत पर जवाबदेही तय होना ही चाहिए।
@JPNadda@PMOIndia@MoHFW_INDIA@RajCMO@RajGovOfficial
थोड़े दिन पहले बावरी समाज के गरीब परिवार की दो भेड़ो की मृत्यु ज़मीन पर झूलते 11 KV के बिजली के तारों की वजह से हो गई थी... क्योंकि LT बिजली लाइन और HT बिजली लाइन एक साथ लगाई हुई है...
रास्ते जाती उन भेड़ो की मौत का जिम्मेदार बिजली विभाग है और पिताजी ने इसी मुद्दे को पंचायत में लगे कैम्प में उठाया कि “जब गरीब व्यक्ति की दो भेड़े मरती है तो उसकी आँखों के आगे अंधेरा आ जाता है” लेकिन किसी ने उस गरीब परिवार की सुध नहीं ली...
स्थानीय प्रशासन के साथ सांठगांट करके सरपंच प्रतिनिधि ने मामले को दबाया लेकिन जब पिताजी ने मामला उठाया तो भेद खुलने के डर से तिलमिला उठे और काम तमाम करने की धमकी दी.....
मैं @ccc_jdvvnl से आग्रह करता हूँ कि बावरी समाज के उस गरीब परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करे....
@PoliceRajasthan@BhajanlalBjp
@8PMnoCM जो व्यक्ति पार्टी में नहीं है, इस्तीफा दे दिया उनकी पार्टी से जवाबदेही मांगना ही साबित करता है कि मंदबुद्धि लोगों की कोई कमी नहीं है,
ऐसे तो आप डांगा के 40 % का भी जिम्मेदार RLP पार्टी को मानने लग जाएंगे ! जवाब उनसे मांगो जिस पार्टी में वे लोग अभी है? पिछली पार्टी का क्या औचित्य
बिजली विभाग के अधिकारी खुद मान रहे है कि बिजली के तार इतने नीचे थे कि ट्रक की वजह से टूट गए....
ट्रक की हाइट भारत में मैक्सिमम 15 फ़ीट होती है लेकिन 11 KV लाइन कम से कम रास्ते से 18 फ़ीट ऊपर होनी चाहिए.... इसका मतलब साफ है कि बिजली के तार झूल रहे थे और वो इतने नीचे थे कि 3 जानवरों की मृत्यु हो गई जिनमे एक गाय और बावरी समाज के गरीब परिवार की दो भेड़ थी .... उनको मुआवजा कौन देगा @ccc_jdvvnl ? @hanumanbeniwal@BhajanlalBjp
राजस्थान राम भरोसे चल रहा है .......!
राजस्थान में सरकार कैसे चल रही है आपको खुद पता लग जाएगा......
हनुमान बेनीवाल जी ने कुछ समय पहले ही बोला था कि वर्तमान सरकार में ज्यादातर मंत्री नौसिखिए है जिनको किसी भी चीज का कुछ भी पता नहीं है.....
प्रमाण देख लों कि मंत्री कह रहे है कि मुझे अख़बार में खबर आने के बाद आपके माध्यम से पता लगा है कि सुरेश ढाका के पिता को करोड़ों की बजरी लीज आवंटित हुई है.....
@hanumanbeniwal@narendramodi@AmitShah
पूरा मामला ये है....
हुआ यूँ कि थोड़े दिन पहले पिताजी जब पंजाब से गाँव पहुँचे तो हमारे घर के पास में बिजली का करंट उतरने से एक गाय की मृत्यु हो गई थी क्योंकि 11 KV बिजली लाइन इतनी नीचे थी कि करंट ज़मीन पर ख़डी गाय में चला गया और मौके पर ही मृत्यु हो गई.... उसके दो दिन बाद बावरी समाज के गरीब व्यक्ति की उसी वजह से दो भेड़ो की मृत्यु हो गई... रास्ते में चल रही भेड़ो की मौके पर ही मृत्यु हो गई लेकिन उस परिवार को @ccc_jdvvnl बिजली विभाग द्वारा कोई मुआवजा नहीं दिया गया....
इस समस्या के साथ साथ दो दिन पहले एक निजी उद्योग की वजह से 8 घंटे पुरे गाँव को बिना बिजली रखा और जिसमे से 200 घरों को उसी निजी उद्योग की वजह से 24 घंटे अँधेरे में रखा.. इन सब बातों को लेकर पिताजी “प्रशासन गाँवो संग” कैम्प में पधारे और अधिकारियों के सामने इसको लेकर अपनी बात रखी.... इसके अलावा उन्होंने सरकारी स्कूल में जल भराव और गौरव पथ के गलत निर्माण को लेकर बात रखी....
इतने में खुद को सरपंच प्रतिनिधि बताने वाले गोपालराम जी सऊ बीच में आए और बोले कि “तेरा काम तमाम कर दिया जाएगा....
अब पुरे गाँव के सामने सरपंच प्रतिनिधि जान से मारने की धमकी देता है सिर्फ इस लिए कि अधिकारियों के सामने पिताजी ने अपनी बात रखी लेकिन राजस्थान पुलिस और इनके अधिकारी सो रहे है और इतने घंटे बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाही नहीं कर रहे. .....?
मैं @Rajeev_ips जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या कोई सरेआम काम तमाम करने की धमकी दे सकता है क्या? समय रहते प्रशासन सरपंच प्रतिनिधि पर कार्रवाही करे और इस समस्या का समाधान करे और उस गरीब परिवार को @ccc_jdvvnl मुआवजा दे....... और पिताजी की सुरक्षा सुनिश्चित करे...
@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@RajCMO@BhajanlalBjp@hanumanbeniwal
ये है लाछड़सर(चूरू) गाँव में खुद को सरपंच प्रतिनिधि बताने वाले गोपालराम जी सऊ....
गाँव में कैम्प के दौरान मेरे पिताजी ने स्कूलों में पानी भराव, गौरव पथ के गलत निर्माण और एक निजी उद्योग के लिए पुरे गाँव की बिजली काटने को लेकर आवाज़ उठाई तो महोदय कहते कि “ ज्यादा बकवास करने की जरुरत नहीं है अन्यथा तेरा काम तमाम हो जाएगा”. ...
मैं राजस्थान का नागरिक होने के नाते @BhajanlalBjp जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या किसी नागरिक को गाँव की समस्या अधिकारियों को बताने का हक़ नहीं है...?
हमारा परिवार पंजाब में रहता है और मैं खुद कनाडा में रहता हूँ.... मेरे पिताजी अधिकतर समय गाँव में अकेले रहते है और सरपंच प्रतिनिधि खुलेआम काम तमाम करने की धमकी दे रहे है... @PoliceRajasthan@RajPoliceHelp
कृपया समय रहते धमकाने वाले सरपंच प्रतिनिधि के खिलाफ उचित कार्रवाही करे और पिताजी की सुरक्षा सुनिश्चित करे... @RajCMO@hanumanbeniwal@DmChuru@RahulKaswanMP@PusaramINC