देश ज्यादा बड़ा होता है किसी के इस्तीफे से तुम्हारी जान देश के लिए बहुत कीमती है एक मंत्री के इस्तीफ़े के लिए अपनी जान न दो ख़त्म कर दो अपना ये अनशन...
~ कवि सुरेंद्र शर्मा
सोनम वांगचुक जी के समर्थन में आए फिल्मी दुनिया के जाने माने अभिनेता सयाजी सिन्दे उन्होंने कहा👇
शांतिपूर्ण मार्ग से भी क्रांति लाई जा सकती है, यह एक बार फिर सिद्ध हो रहा है। उपवास कमजोरी की निशानी नहीं, बल्कि अपनी भूमिका पर दृढ़ विश्वास की भाषा है। जो खुद के लिए नहीं, बल्कि प्रकृति के लिए, हिमालय के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपवास करते हैं, उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए। सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण आंदोलन को मेरा मन से पूरा समर्थन।
इंसाफ दो, वरना जान से मार दो
चिता आंदोलन मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में आदिवासी समुदायों द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध प्रदर्शन है।
लोग अपनी जान जोखिम में डालकर लेटकर या बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों की ज़मीन, घर, संस्कृति और आजीविका का डूबना उनके लिए मौत से बदतर है।
केन-बेतवा परियोजना के तहत दौधन बांध बनने से लगभग 22 गांव प्रभावित, 7,000+ परिवारों का गांव डूब जाएगा
कभी ‘माँ गंगा के उद्धार के लिए’ अनशन पर बैठे श्री जी. डी. अग्रवाल जी ने निरंतर अपनी माँग बीजेपी सरकार के सामने रखी थी लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी और वो अपना जीवन खो बैठे थे।
श्री सोनम वांगचुक जी और केन-बेतवा के आदिवासी-किसान आंदोलनकारियों को भाजपा से किसी भी प्रकार की सहानुभूति और सहृदयता की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। इसीलिए आप अनशन के माध्यम से अपने बहुमूल्य जीवन को दाँव पर न लगाएं। आप सबके अदम्य संघर्ष और संकल्प की शक्ति जब भाजपा को हटाने के, हम सबके आंदोलन से जुड़ेगी, तो भाजपा हारेगी और हमेशा के लिए हट -मिट जाएगी।
जो भाजपाई और उनके संगी-साथी महात्मा गांधी जी में विश्वास नहीं करते हैं, वो उनके संघर्ष और विरोध के तरीकों में क्या विश्वास करेंगे।
बहुत ज्यादा निराश करने वाला और कड़वा सच है ये
जिन सेतानो ने इस बच्ची का रेप किया है उनको तो फांसी मिलनी ही चाहिए वो तो इसके गुनहगार है ही इसके माँ बाप भी इसके कम गुनहगार नहीं है ज़ब इस बच्ची अपने माँ बाप कि सबसे ज्यादा जरूरत थी उस वक़्त उन्होंने इसका साथ छोड़ा है
देर तो हो गयी है लेकिन अगर पुलिस और कोर्ट चाहे तो आज भी उन सेतानो को सजा मिल सकती है
भारत विरोधाभासों का देश है!
एक बार वीडियो में लोगों की आवाज़ सुनते हुए उनकी बेबसी और बस किसी भी तरह जी जाने की उम्मीद को लेकर किया जा रहा संघर्ष महसूस करिए!
एक तरफ़ डिजिटल क्रांति और बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी तरफ़ सरकार से एक अदद हैंड पंप लगवा देने की याचना; माँग भी नहीं!
गिरिडीह के कुंडीलवा गांव के लोगों की पूरी दुनिया एक हैंडपम्प की माँग तक सिमट कर रह गई है!
विकास आख़िर किसके लिए और किसके दम पर हो रहा है?
सरकार बहादुर के कागज़ों पर जो विकास सरपट दौड़ रहा है वह इन प्यासे कंठों तक क्यों नहीं पहुँच पा रहा?
“मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो, और फिर सोचो
कि इस के बाद भी दुनिया में कुछ, पाना ज़रूरी है!”
पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य तबाह हो रहा है। इसके ज़िम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए सोनम वांगचुक जी और छात्र 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। हम युवाओं के हक की इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। भाजपा की इस तानाशाह सरकार को झुकना ही होगा।
पत्रकार हो तो राजू तलवार जैसा!
सोनम वांगचुक का ज़िंदा रहना ज़रूरी है।
राजू तलवार की आवाज़: इस देश के सारे नेताओं, विधायकों, सांसदों और अधिकारियों, तुम सब भ्रष्ट हो।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म कराओ, अगर उन्हें कुछ हो गया, तो अगला नंबर मेरा होगा।
तुम लोग जितने भी पार्टियों के तलवे चाटने वाले हो, तुम्हारा इलाज हम करेंगे।
सोनम वांगचुक 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। नीट (NEET) परीक्षा लीक मामले को लेकर
भारत के शिक्षा मंत्री को हटाने के लिए हो रहे
इस प्रदर्शन को मीडिया एक दिन भी कवर करने नहीं आया और चुप्पी साधे बैठा है।
अन्ना हजारे की भूख हड़ताल को कांग्रेस ने 13 दिनों में खत्म करवा दिया था, फिर सोनम वांगचुक की हड़ताल को बीजेपी क्यों नहीं खत्म करवाती है
सोनम वांगचुक, जिसने कभी अपने लिए नहीं माँगा, कुछ कि पद चाहिए, सत्ता चाहिए।
अपनी ज़िंदगी देश, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लड़ते रहे है और 15-16 दिनों से अनशन पर बैठे हैं!
अपने लिए नहीं, देश के लिए। देश के बच्चों के भविष्य के लिए! उसके बाद भी देश के नेताओं की सोई हुई संवेदनाएँ नहीं जाग पा रही।
सत्ता की ख़ामोशी बरकरार है।
भूख हड़ताल और अनशन भी अगर व्यवस्था को सुनाई नहीं दे रहा, तो एक आम नागरिक की आवाज़ की कीमत क्या ही होगी?
अब दर्द सिर्फ़ यह नहीं कि एक व्यक्ति अनशन पर है, बड़ा दर्द यह है कि देश धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुँच रहा है जहाँ जनता की पीड़ा का महत्व खत्म है और उस पर सत्ता हावी है।
सोचिए, आज अगर एक ऐसे व्यक्ति की आवाज़ अनसुनी की जा सकती है, जिसने अपना जीवन देश के लिए लगा दिया, तो कल बेरोज़गार युवा, न्याय की गुहार लगाता परिवार, किसान, छात्र या कोई भी आम नागरिक किस उम्मीद से अपनी तकलीफ़ के लिए लड़ पाएगा और कौन उसकी सुनेगा?
लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ चुनाव है क्या? अगर सत्ता अपने शांत नागरिक की आवाज़ नहीं सुन रही, तो ये लोकतंत्र पर सवाल नहीं है?
और अगर वह आवाज़ भी अनसुनी होने लगे! तो यह चिंता सिर्फ़ पूरे देश को होनी चाहिए।
Be stand with Sonam Wangchuk
श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
@Wangchuk66
This travel vlogger who goes around India on Cycle claims he was NOT allowed temporary over night stay in 10 to 12 temples in Tamil Nadu he went seek help.
He painfully explains his situation, I hope Temple managements have some space for people like him in severe need.
What is your take on this?
बाराबंकी के DM शशांक त्रिपाठी के प्रशासन में नवीनता सदैव रहती है, CM योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति विजन के तहत आज DM साहब ने राजकीय इंटर कॉलेज की छात्रा आंचल वर्मा को बनाया एक दिन का जिलाधिकारी आंचल ने तहसील कोषागार एवं डीएम कार्यालय का निरीक्षण किया साथ ही आंचल ने जन समस्याएं सुनी उनका निस्तारण भी किया बच्ची ने प्रशासन और सरकार की क्रिया प्रणाली को करीब से देखा इस तरह के प्रयोग बच्चों में आत्मविश्वास में वृद्धि करते हैं साथ ही उन्हें जीवन में अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। #Barabanki
यूपी में दबिश के दौरान पुलिसकर्मी घर की महिलाओं के साथ अश्लीलता करते हैं, अभद्रता करते हैं, गाली गलौज करते हैं, तोड़फोड़ करते हैं, लूटपाट करते हैं, जिसके कारण पुलिस और जनता में संघर्ष बढ़ता जा रहा है और यह संघर्ष कानून व्यवस्था के लिए ठीक स्थिति नहीं है।
जिस पुलिस को मित्र पुलिस होना चाहिए था, वह पुलिस भाजपा सरकार में जनता की शत्रु पुलिस बन गई है, पुलिस अब खुद अपराध करने लगी है और यह अपराधी पुलिस जनता में अपना विश्वास खो चुकी है।
इस पुलिस व्यवस्था के जनक भाजपा सरकार के सत्ताधीश और भाजपा की महाभ्रष्ट सरकार है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आदित्यनाथ सरकार द्वारा बनाए गए सरकारी स्कूलों का हाल गोरखपुर में सरकारी स्कूल के लिंटर का प्लास्टर गिरने से छात्र घायल हो गया।
नए भारत का नया उत्तर प्रदेश?
#schools
अब तो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे ही देना चाहिए
कमाल है अभिनव सर!! सारे वीडियो देख डालें किसी ने भी नरेंद्र मोदी से सवाल नहीं किया...
जिस हिसाब से आप लोगों के बयान आ रहे हैं ऐसा लग रहा है कि आप लोगों को भी ठेका मिला है टीचर्स प्रोटेस्ट के नाम पर विपक्ष पर दोष मढ़ने का।
न्याय का भरोसा चंद्रशेखर आजाद ✊
अभिनय सर ने SCC छात्रों एवं शिक्षकों की मांगो को 6 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले प्रोटेस्ट में चंद्रशेखर आजाद को आमंत्रित किया है।।
@BhimArmyChief