विराट कोहली के One8 जूतों का ग्लोबल लॉन्च होते ही 24 घंटे में 1.5 लाख जोड़े बिक गए।
◆ जूते की कीमत विराट के टेस्ट क्रिकेट रन (9,230 रुपये) के बराबर रखी गई है।
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#ViratKohli | Virat Kohli | #ShoeBrand | #One8
विद्युत निगमों में 2005 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी
जुलाई माह से ऑनलाइन आवेदन
कनिष्ठ अभियंता के 869, कनिष्ठ लेखाकार के 371 एवं कनिष्ठ सहायक के 765 पदों पर होगी भर्ती
विद्युत तंत्र सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण है यह भर्ती - ऊर्जा मंत्री
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विराट कोहली के One8 जूते मार्केट में चल नहीं रहे बल्कि दौड़ रहे हैं. लॉन्च के 24 घंटे के भीतर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के जूते बिक गए हैं. इतना क्या खास है इन जूतों में? कीमत कितनी?
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भगवान राम के मंदिर की लूट के बाद….
अब महाकाल उज्जैन में भी मची है लूट,
जो मुनाफा कमा सके तो खुल कर कमाई की छूट !
“सरकार की ज़िम्मेवारी” बनाम “व्यक्तिगत हितों के टकराव” का इससे बड़ा मामला और सबूत क्या हो सकते हैं, जो @IndianExpress की इन्वेस्टीगेशन दिखा रही है ।
👉 श्री मोहन यादव का इस्तीफा कब होगा?
👉 सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से हितों में टकराव की जांच कब होगी?
अब NDA सरकार के अंदर भी गड़बड़ी अलग अलग स्वरूप में सामने आने लगी है। आप इसे “लॉ ऑफ़ एवरेज” भी कह सकते हैं।
चंदा घोटाला, नीट पेपर लीक, सीबीएसई मार्क्स मेस,जमीन घोटाला,राजेश एक्सपोर्ट स्कैम, के बाद के कर कई मामले सामने आ रहे हैं!
कुछ मामले आने की कतार में है जिनमे कुछ बड़े मामले बताए जा रहे हैं!
हालाँकि सरकार ने अक्काउंटिबिलिटी तय करने और एक्शन लेने की परंपरा को बंद कर दिया है लेकिन इन सब मामलों के एक के बाद सामने आने के बाद सरकार के इक़बाल और नैरेटिव पर जरूर गहरा असर हुआ है!
वहीँ टीवी मीडिया अभी भी दूसरे दलों के नेताओं के तोड़ने के ओपरेशन को मास्टरस्ट्रोक बताने में ही लगी है और समाज देश ले लिए सबसे अहम खबर/जिम्मेदारी बताने में लगी है!
Super story by @mazoomdaar at @IndianExpress that only confirms another of the worst kept secrets of Indian politics. Across India, those in power are making windfall profits in private real estate deals by simply getting a change effected in land use. Only difference: no punitive action if it’s a ‘DOUBLE ENGINE’ state! 🙏
उज्जैन में महाकाल की नगरी, अयोध्या में प्रभु राम की नगरी।
जहाँ आस्था होनी चाहिए थी, वहाँ ज़मीन के सौदों और घोटालों के आरोप लग रहे हैं। एक तरफ़ अयोध्या में मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जाँच की चर्चा है, तो दूसरी तरफ़ उज्जैन में भाजपा मुख्यमंत्री के परिवार पर बड़े पैमाने पर ज़मीन ख़रीद घोटाले के आरोप लगना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभी के मन में यही सवाल है कि इंडियन एक्सप्रेस में मोहन यादव के खिलाफ Journalism of Courage करने का साहस आखिर कहां से आया। अंदरूनी शक्ति के बिना ये साहस संभव ही नहीं है।
यह भ्रष्टाचार नहीं है !!!
यह एक अवसर था जिसे विद्वान डॉ मोहन ने कैश कर लिया,
मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही उनके परिवार ने उज्जैन में धड़ाधड़ जमीनें खरीदी। ये सब जमीनें सरकारी प्रोजेक्ट के आस पास थीं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है- मोहन यादव की पत्नी, बहू, भाई, उनके लड़के और तमाम रिश्तेदारों ने जमीन खरीदी।
लेकिन यह भ्रष्टाचार नहीं है, यदि होता तो अब तक भाजपा चाबुक चला चुकी होती।
@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के बाद, भाजपा मुख्यालय में हड़कंप है।
सोचिए, केवल एक अख़बार की एक सच्ची रिपोर्ट ने इनको इस स्तिथि में डाल दिया है।
अगर देश के वाकी संस्थान बस 2 दिन के लिए दलाली से छुट्टी ले लें, तो नरेंद्र मोदी एक हफ़्ते से ज़्यादा प्रधानमंत्री नहीं रह सकता है।
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में ये बातें कई बार कही गईं. पर इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि मोहन यादव और उनके परिवार ने कैसे उज्जैन में जमीन में इन्वेस्टमेंट किया है