ट्वीट में मौजूद नॉलेज, तथ्य, तर्क देखकर गारंटी से कह सकता हूँ कि अगर टवीटर/फ़ेसबुक नही होता तो दीपक शर्मा जैसे डिजिटल क्रांतिकारी, अंतरराष्ट्रीय महाज्ञानी किसी वेश्यालय के बाहर दलाली कर रहे होते या मंदिर-मस्जिद के बाहर चप्पल चुराकर अपनी जीवि��ा चला रहे होते।
महोदय, @mpcyberpolice @MPpoliceoff @MpPoliceoffici @DGP_MP@collectorsagar ये व्यक्ति विशेष ध॔म के खिलाफ गलत और अभ्रद टिप्पणियाँ कर रहा है आपसे निवेदन है कि मामले को संज्ञान में लेकर कारवाई की जाये।
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