यूपी पुलिस का जातिवाद!
कुछ दिन पहले जब ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए दलित मेरठ कलेक्ट्रेट आए थे, तो प्रशासन ने गेट बंद कर दिया था। धरना देने पर SSP अविनाश पांडेय ने उन्हें गालियां दीं, थप्पड़ मारे और 8 लोगों को गुंडा बताकर जेल भेज दिया।
आज किसानों ने ट्रैक्टरों का झुंड लेकर उसी कलेक्ट्रेट को घेर लिया। कमिश्नरी चौराहा घंटों तक किसानों की छावनी बना रहा। एडिशनल कमिश्नर को बीच सड़क पर आकर बात करनी पड़ी। बात नहीं बनी तो किसान अनेक ट्रैक्टर लेकर कलेक्ट्रेट में घुस गए। DM से लेकर SP और SSP तक मुंह ताकते रह गए। किसी की हिम्मत नहीं थी कि किसानों पर हाथ छोड़ दे।
कहाँ गया मेरठ का वह SSP अविनाश पांडेय, जो दलित समुदाय को "पूरी रोड गंदी कर दी सालों ने...", "सड़क तुम्हारे बाप की नहीं है..." जैसी गालियां देते हुए दलितों की लाठी-डंडों से पिटाई कर रहा था और बंदी वैन में घुसकर उन पर थप्पड़ चला रहा था?
इन जातिवादी पुलिसकर्मियों की सारी हेकड़ी सिर्फ दलितों के खिलाफ निकलती है। इन्हें पता है कि ये किसान जाट हैं, उन्हें हाथ लगाएंगे तो वे उनकी औकात बता देंगे। जब वे ट्रैक्टर लेकर लाल किले तक घुस सकते हैं, तो एक कलेक्ट्रेट की क्या बिसात है! बाकी दलितों का क्या है, कमजोर समाज से हैं, जब चाहे उन्हें पीट दो, भला कौन सुनने वाला है? अविनाश पांडेय से बस यही कहूंगा; तुम लोग आईने में खुद से नजर कैसे मिला पाते हो? शर्म नहीं आती?
आपके हिसाब से नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में सबसे खराब मंत्री कौन है?
○ नितिन गडकरी
○ निर्मला सीतारमण
○ एस जयशंकर
○ धर्मेंद्र प्रधान
जवाब कमेंट्स में दीजिए
सारे संसार में दो तरीके के लोग होते है, पहला पढा-लिखा सभ्य समाज और दूसरा अनपढ और मुर्ख समाज,इसीलिए सभ्य समाज के लोग शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं जो देश के भविष्य के लिए सही भी है....और रही बात मूर्खों की तो इनके लिए इससे बढ़िया पार्टी पूरी दुनिया में दुसरी नहीं है।
#संसद_मार्च
@Cockroachisback पिछ्ले कुछ सालों में अरबपति और करोड़पति लोगों की संख्या में आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ोत्तरी हुई है अगर इनकी सही जांच हो जाए तो देश की गरीबी का कारण पता चल जायेगा लेकिन वर्तमान सरकार ऐसा कतई नहीं चाहेगी।