Very very bad service here , Please Avoid this CNG pump , because the night staff is very very bad , he does not awake at night !
So please be careful !
@IRMenergy
अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा में अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे सतीश महाना यह कहें कि "जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, अगर उन्होंने चंदा दिया है तो रसीद दिखाएँ, तब देखेंगे कि उनका पैसा चोरी हुआ या नहीं," तो सवाल सिर्फ़ एक बयान का नहीं, बल्कि विधानसभा की गरिमा का है।
क्या अब कोई चुनी हुई विधानसभा का सदस्य अपनी आस्था के आधार पर चोरी को चोरी भी नहीं कह सकता? क्या अब हत्या को हत्या, डकैती को डकैती कहने से पहले लोगों को अपने मज़हब का हलफ़नामा देना होगा?
फिर यही उसूल वक़्फ़ बोर्डों पर क्यों लागू नहीं होता, जहाँ ग़ैर-मुस्लिमों को ज़बरन शामिल किया जाता है? हिन्दू एंडोमेंट बोर्डों को मिलने वाली संवैधानिक सुरक्षा औक़ाफ़ को क्यों नहीं? और जिस पार्टी का लोकसभा में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है, उसे तीन तलाक़ जैसे असंवैधानिक क़ानून (जो सिर्फ़ मुसलमानों से जुड़ा है) बनाने का अधिकार कैसे मिल जाता है?
अगर उसूल एक है, तो सब पर बराबर लागू होना चाहिए।
Students are India’s future. When they lose faith in the education system, the nation loses.
I stand with every student demanding transparency, accountability & meaningful reforms. It’s time to take responsibility. The Education Minister should resign.
Our youth deserve better
आज देश की सबसे बड़ी खबर – जंतर मंतर प्रोटेस्ट। इस पर देश के बड़े पत्रकारों के ट्वीट
सुधीर चौधरी – 0
अंजना ओम कश्यप – 0
चित्रा त्रिपाठी – 0
रूबिका लियाक़त – 0
अरनब गोस्वामी – 0
हम बहुत छोटे, गली–मोहल्ले के पत्रकार ही सही, लेकिन लाखों छात्रों की आवाज तो उठा रहे हैं !!
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्तार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।
उनका नाम मोहम्मद आमिर खान था।
20 फरवरी 1998 की रात, उनकी मां ने उन्हें पुरानी दिल्ली में दवा लेने भेजा था। वह सिर्फ 18 साल के थे।
लेकिन वह कभी दुकान तक नहीं पहुंच पाए।
सादे कपड़ों में कुछ लोगों ने रास्ते में उन्हें रोक लिया। आमिर को नहीं पता था कि वे पुलिस वाले हैं। उन्हें एक सुनसान इमारत में ले जाया गया। सात दिनों तक गैरकानूनी हिरासत में रखा गया। यातनाएं दी गईं। खाली कागज़ों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए।
फिर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने उन्हें अदालत में पेश किया और 1996 से 1997 के बीच दिल्ली, गाज़ियाबाद, रोहतक और सोनीपत में हुए 19 बम धमाकों का आरोपी बना दिया।
मीडिया के सामने उन्हें आतंकवादी घोषित कर दिया गया।
परिवार को कोई सूचना नहीं दी गई। उनके घरवाले कई दिनों तक थानों के चक्कर लगाते रहे।
आमिर ने 14 साल जेल में बिताए। टॉर्चर सहा। एकांत कैद झेली। अदालत में एक-एक कर केस टूटते गए, सबूत फर्जी साबित होते गए।
2012 में उन्हें 19 में से 17 मामलों में बरी कर दिया गया। बाकी दो केस लंबित रहे। तब तक वह जेल में उतना समय काट चुके थे, जितनी सजा सभी मामलों में दोषी साबित होने पर भी नहीं होती।
जनवरी 2012 में वह जेल से बाहर आए।
लेकिन तब तक उनके पिता की मौत हो चुकी थी। उनकी मां को इतना गहरा स्ट्रोक आया था कि वह अपने बेटे को पहचान तक नहीं पाईं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली सरकार को उन्हें मुआवज़ा देने का आदेश दिया।
राशि थी सिर्फ 5 लाख रुपये।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। कोई निलंबन नहीं। कोई जांच नहीं।
आमिर ने अपनी कहानी पर एक किताब लिखी
“Framed As A Terrorist: My 14 Year Struggle To Prove My Innocence”
आज वह उन लोगों की मदद करते हैं जिन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया है।
भारत ने उन्हें 5 लाख रुपये दिए…
और उसे इंसाफ कह दिया।
ऐसी सच्ची कहानियों के लिए फॉलो करें, जो कभी सुर्खियां नहीं बनतीं।
Dear @CEOWestBengal@ECISVEEP urgent attention needed in #Barasat Assembly. Ruling Party is putting pressure on voters to vote . Kindly provide police force for safety Already requested Observer sb to declare it Hyper Sensitive. 119/21 - Sikdeshpukuria
Polling Station : Choto Jagulia GP Community Hall.
119/28 - Sikdeshpukuria
Polling Station : Choto Jagulia GP Office.
119/14,15 - Maliakur
Polling Station : Maliakur Primary School
119/27 - Murali
Polling Station : Anirban Sangha
119/23,24 - Bohera
Polling Station : Bohera Junior High School
119/30 - Bohera
Polling Station : Bohera Dakshin Para High Madrasah
119/31 - Bohera
Polling Station : Bohera Dakshin Para
@jigneshmevani80 સોશલ મીડિયા માં ફાંકા અને ડંફાશ મારવાની જરૂર નથી !
જીગ્નેશ ભાઈ તમે વડગામ તાલુકા ના MLA છો, વડગામ તાલુકા ના એક ગામ માં દારુ વેચાઈ રહ્યો છે જેની મેં વારંવાર ફરીયાદ કરી છે!
છતાં કોઈ પગલા લેવામાં આવ્યા નથી, પહેલા પોતાનો મત વિસ્તાર સાચવો પછી ડંફાશો મારજો !
:पिछले बंगाल चुनाव में एक भी सीट ना जीतने वाली @INCIndia इस बार पूरे बंगाल में सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़कर बीजेपी को फायदा पहुंचाएगी,जब एक महीने की पार्टी को 1000 करोड़ का ऑफर हुआ तो सोचो 100 साल की बूढ़ी कांग्रेस का 2000 करोड़ का सौदा तो हुआ ही होगा,ऐसे भी कांग्रेसियों का बिकने का इतिहास पुराना है।
@JamiatUlama_in जुम्मन , क्या असदुद्दीन ओवैसी सांप्रदायिक है, या उनकी पार्टी AIMIM सांप्रदायिक है।
2 बाते है, यह तो आपका लेटर RSS मुख्यालय से छप कर आया है, या कांग्रेस पार्टी ने आपको लिफाफा भिजवाया है..!