मैं इन भाई को नहीं जानता, इनका क्या नाम है मुझे नहीं पता।
लेकिन इन भाई के चंद मिनटों के विचारों ने स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र क्या है, संविधान क्या है और भारत देश क्या है।
मैं स्वयं तथा तमाम राजनीतिक दलों, राजनेताओं, नीति निर्माताओं, देश के जिम्मेदार पदों पर बैठे ओहदेदारों से लेकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक को यदि किसी एक चीज के पालन की जरूरत है तो वो है देश के संविधान की मूल भावना की। हमारा सच्चा राष्ट्रवाद हमारे संविधान में निहित है।