We are not going to stop protesting till Gyanesh Kumar resigns.
This is a fight to protect the most sacred thing in this country.
There is nothing that Narendra Modi and Amit Shah can do that will stop us.
I am thankful to every INDIA alliance MP standing firm in defence of our democracy - in Parliament, outside on the streets, and today near Jantar Mantar.
They can stop a march. They can refuse a meeting. But they cannot stop the will of our people.
Narendra Modi, Amit Shah, Gyanesh Kumar and the entire system will be brought to justice.
भाजपा के लिए Heart Breaking News : भाजपा और उनके संगी-साथियों के पुश्तैनी समर्थकों ने अब सरेआम अपनी गलती मानकर पश्चाताप करना शुरू कर दिया है।
अब केवल संयुक्त INDIA ही नहीं, भाजपाई भी भाजपा को हराएंगे। यही हालात रहे तो भाजपा दो अंकों क्या दहाई तक में न सिमट जाए।
भाजपा केवल ये चुनाव ही नहीं हारेगी, एक दल के रूप में हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
साहसी Main Street Media को इस बेबाक़ सत्यकारिता के लिए शुक्रिया और शुभकामनाएँ!
More than 300 Opposition MPs marched from Parliament to the Election Commission today to meet the Election Commissioners.
We represent crores of Indians.
- Why aren't the Election Commissioners meeting us?
- Why is the police stopping and threatening us?
दिल्ली में इस वक़्त जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है - जो औरत सवाल पूछे, उसे चुप कराओ।
जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए, उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत पर FIR तक दर्ज नहीं हुई।
कुछ हफ्तों पहले शाहीन और नफ़ीसा ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ हुई हिंसा और बदसलूकी की आपबीती सुनाई है। सोचिए, थाने के अंदर - वो जगह जहां महिलाएं शिकायत लेकर जाती हैं।
जिन पर महिलाओं की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही आज उनके लिए ख़तरा बन रहे हैं। और दिल्ली पुलिस किसके अधीन है - यह पूरा देश जानता है।
साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई हो। शाहीन, नफ़ीसा और जिनके साथ भी दिल्ली पुलिस ने हिंसा और बदतमीज़ी की है उनको न्याय मिले।
अमित शाह जी - आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?
बिहार में बाढ़ फिर कहर बनकर टूटी है। लाखों लोग प्रभावित हैं, सैकड़ों गांव डूबे हुए हैं। कई लोगों की मौत और लापता होने की खबर है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है।
सबसे दुखद बात यह है कि बिहार में यह संकट नया नहीं है। हर साल बाढ़ आती है, मौतें होती हैं, परिवार उजड़ते हैं और लोग पलायन करते हैं। BJP की डबल इंजन सरकार बताए - पिछले 17 साल में इस सालाना त्रासदी से निपटने के लिए क्या किया? ज़मीन पर क्या बदला? बिहार के लोगों को हर साल राहत और आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।