राजनाथ जी से ऐसे दुर्भावना पूर्ण बयान की उम्मीद नहीं थी,उनको सच बोलना चाहिए था
जीत हार अपनी जगह है और अपनी इज़्ज़त अपनी जगह
आजकल मोदी जी और उनकी टीम जो कहती है वही सही होता है, ये खुद को इतने पॉवरफुल समझ रहे है कि इतिहास भी बदल सकते है और गोदी मीडिया भी उनका पूरा साथ देता है!
What a beautiful interaction. An era ends with the passing of the legendary #Dharmendra . As handsome and as charismatic , as he was graceful & humble. Go well Dharamji. You will be missed.
जिन मुसलामानों को मीडिया बदनाम करने में नहीं थकती उन्हीं मुस्लिमों की मस्जिदों में बाढ़ से ग्रसित लोगों का इलाज किया जा रहा है उन्हें खिलाया जा रहा है।
"चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस बेहद मूर्खतापूर्ण, बचकानी और फूहड़ किस्म की थी। आप राहुल गांधी से मीडिया के जरिए क्यों बात कर रहे हैं? ये क्या बदतमीजी है?"
- दिबांग, पत्रकार
"अगर कोई गरीब मज़दूर झुग्गी-झोपड़ी में घर बनाता है, तो वह अवैध हो जाता है, हमें अप्रवासी, बांग्लादेशी कहा जाता है...
लेकिन जब सरकार करोड़ों की वही ज़मीन अडानी को कौड़ियों के दाम बेच देती है, तो वह वैध हो जाती है। कुछ तो शर्म करो।"
एक साधारण आदमी के असाधारण तर्क!