I don't hate Muslims. There are very few people I feel hatred toward because it is a very strong emotion. One example would be Netanyahu.
I have many Muslim friends for whom I feel a range of emotions, from fondness and affection to simple friendship. As for other Muslims around the world, I have no personal relationship with them, so I feel no particular emotion toward them, just as I don’t toward anyone I don’t know. The same applies to people of other religions. I hate none of them.
I don’t hate Islam either. I’m critical of it, just as I’m critical of other organized religions such as Hinduism and Christianity. There’s a vast difference between hate and criticism.
The person you are comparing me to, T. Raja Singh, has built his entire political identity around spreading hate against Muslims and inciting violence. His speeches and actions are aimed at dividing communities and fostering animosity. My criticism of religion, on the other hand, is about questioning power structures and beliefs that promote inequality or discrimination.
If you can’t tell the difference between the two, I genuinely feel sorry for you.
गाँव अब उदास रहता है😇😓😓😓😓
लड़के जितने भी थे मेरे गाँव में। जो बैठते थे दोपहर को आम की छांव में।।
बड़ी रौनक हुआ करती थी जिनसे घर में , वो सब के सब चले गए शहर में।।
ऐसा नही कि रहने को मकान नही था। बस यहां रोटी का इंतजाम नहीं था।।
हास परिहास का आम तौर पर उपवास रहता है। मेरा गाँव अब उदास रहता है।।
बाबू जी ठंड में सिकुड़े और पसीने मे नहाए थे। तब जाकर तीन कमरे किसी तरह बनवाए थे।।
अब तीनों कमरे खाली हैं मैदान बेजान है। छतें अकेली हैं गलियां वीरान हैं।।
मां का शरीर भी अब घुटनों पर भारी है। पिता को हार्ट और डायबिटीज की बीमारी है।।
अपने ही घर में मां बाप का वनवास रहता है। मेरा गाँव अब उदास रहता है।।
छत से बतियाते पंखे, दीवारें और जाले हैं। कुछ मकानों पर तो कई वर्षों से तालें हैं।।
बेटियों को ब्याह दिया गया ससुराल चली गई। दीवाली की छुर छुरी होली का गुलाल चली गई।।
मोहल्ले मे जाओ जरा झांको किसी कपाट पर। बैठे मिलेंगे बाबू जी, किसी कुर्सी किसी खाट पर।।
सावन के झूले उतर गए भादों भी निराश रहता है। मेरा गाँव अब उदास रहता है।।
कबड्डी वालीबाल अंताक्षरी, सब वक्त की तह में दब गए। गाँव के लड़के जबसे कमाने गए।।
अब रामलीला दुर्गापूजा की वो बात नही रही। गर्मियों मे छतों पर हलचल की रात नही रही।।
दालान में बैठे बुजुर्ग भी स्वर्ग सिधार गए। जो जीत गए थे मुश्किलों से वो बीमारियों से हार गए।।
ये अंधी दौड़ तरक्की की गाँव सूना कर गई। खालीपन का घाव अब तो दोगुना कर गई।।
जाने वाले चले गए अंकिता यहां कौन अनायास रहता है। मेरा गाँव अब उदास रहता है।।
अंकिता तिवारी बहन की कलम से✍️✍️
दुनिया या का बेस्ट लेक्चर!
क्लास में प्रोफेसर ने एक लड़की को बिना कारण बाहर निकाल दिया। लड़की ने पूछा, 'मैंने क्या किया?' लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वह चुपचाप बाहर चली गई। पूरी क्लास देखती रही, पर किसी ने कुछ नहीं कहा।
इसके बाद प्रोफेसर ने सवाल किया कानून क्यों बनाया गया है? छात्रों ने जवाब दिए न्याय, अधिकारों की रक्षा, सोशल ऑर्डर।
प्रोफेसर बोले जब मेरी तरफ़ से अन्याय हुआ, तब तुम सब चुप क्यों रहे? जब तुमने देखा कि तुम्हारी क्लासमेट के साथ गलत हुआ, तब किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई?
यही सबसे बड़ी गलती है हमें लगता है कि जब तक हमारे साथ कुछ नहीं हो रहा, तब तक चुप रहना सही है। पर याद रखो, आज अगर तुम चुप रहे, तो कल जब तुम्हारे साथ अन्याय होगा, तब भी कोई नहीं बोलेगा।
अन्याय के खिलाफ खड़ा होना सिर्फ हिम्मत नहीं, जिम्मेदारी है।
शर्म की बात!!
यह कोरियन ट्रैवल ब्लॉगर किम्सी हैं जो भारत घूमने आईं थी।
दिल्ली जयपुर मैं घूमते हुए उनके साथ हरासमेंट हुआ, उनका पीछा किया गया, उनके साथ धोखाधड़ी हुई, और तो और एक्सीडेंट भी हो गया जिसके बाद उन्होंने कैमरे पर कह दिया I hate India.
यही नहीं किम्सी ने यह भी कहा कि किसी को इंडिया नहीं आना चाहिए।
नाम: पूजा पाल
प्रदेश: उत्तर प्रदेश
जिला: बाराबंकी
उम्र: 17 वर्ष
योग्यता: शब्दों से परे
इस 17 वर्षीय बाल वैज्ञानिक ने किसानों के लिए धूल-रहित थ्रेसर का आविष्कार किया है।
https://t.co/Y6ayRfBKci
मीनाक्षी के इन शब्दों के पीड़ा को महसूस कीजिए...बिल्डिंग बना दीजिए, बहुत तकलीफ होता है...!!
बाद में मोतिहारी को मुंबई, गया को गुरुग्राम..और बिहार को स्कॉटलैंड बनाएगा!
https://t.co/WHs4lgQPjK
जीवन में पहली बार इस सोमवार बाबा धाम देवघर गया.. सुल्तानगंज ( बिहार) से देवघर के 110 किमी के रास्ते में कांवड़ियों से बात करते .. मुझे जिज्ञासा थी कि पश्चिमी यूपी में कांवड़ियों का क्रोध सड़क पर रोज दिखता है और यहां इतनी शांति ? पर बात करने पर माजरा समझ आ गया .. देवघर पचास फ़ीसदी महिलाएं भी आतीं, कांवड़िए माँ, बहन बेटियों के साथ आते .. और भोले भक्तों की अगाध आस्था है कि कांवड खंडित हो गई तो ये उनसे कोई कमी हो गई, चाहे भले दूसरे की गलती से कांवड खंडित हुई पर वो उत्पात नहीं करते .. देवघर रास्ते भर कांवड जहां रखते वहां कान पकड़ कर उठक बैठक करते .. हमने पूछा ये क्यों .. उनका कहना था कि कोई गलती हुई हो तो भोले बाबा माफ करे .. इस मन:स्थिति से जाने वाला व्यक्ति कभी हिंसक नहीं हो सकता .. उत्पाती , कट्टर, चाहे किसी धर्म का मानने वाला हो , धार्मिक हो ही नहीं सकता .. जय बम भोले 🙏🙏
Acute shortage of blood at BJMC Ahmedabad…#Urgent Appeal for blood 🩸 donation 🙏
Blood Donation Centers: 🚨
1. U. N. Mehta Institute of Cardiology and Research Centre
Room no 110, 1st floor, A block
Contact no -9316732524
2. IHBT Department, Civil Hospital
2nd floor, 1200 bed Civil Hospital,
Contact no- 9428265409
3. IKDRC Blood Centre
1st floor, IKDRC Hospital,
Manjushree mill road, Baliya limdi
Contact no- 07922687500
Ext no-4226
4. GCRI Blood Centre
1st floor, Gujarat cancer & Research institute
Contact no-07922688026
#bjmc #AhmedabadPlaneCrash