बिहार के छात्रों का सवाल बहुत सीधा है - भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी क्यों? पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं? और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक?
BPSC की परीक्षाओं का विवाद आज का नहीं है। छात्र लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, देरी और पारदर्शिता को लेकर सड़कों पर हैं।
पर सरकार जवाब देने के बजाय कर क्या रही है? लाठी और वॉटर कैनन चला रही है। छात्रों को हिरासत में ले रही है। सीवान में तो प्रदर्शनकारियों पर AK 47 द्वारा गोलीबारी तक सामने आई।
यह सिर्फ़ पुलिस की कार्रवाई का सवाल नहीं। यह उस BJP सरकार की मानसिकता का सवाल है, जिसके पास जवाब नहीं हैं - इसलिए वह पुलिस को जवाबदेही से बचने का हथियार बना रही है।
BJP सरकार यह समझ ले - लाठी से सवाल नहीं रुकते। डराकर किसी का भविष्य नहीं छीना जा सकता।
बिहार के छात्र सवाल पूछते रहेंगे। और अब सिर्फ़ जवाब नहीं - जवाबदेही चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
🇺🇸 न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत की यात्रा पर न्यूयॉर्क मेयर ज़ोहरान ममदानी ने कहा,
"मेरे परिवार ने मुझे जिस भारत की कल्पना सिखाई, वह बहुलतावादी समाज और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की थी। ऐसे बहिष्करणवादी दृष्टिकोण पर आधारित आंदोलन के उभार को देखना बेहद चिंताजनक रहा है।"
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
अभी तो कुछ पर्दा पद की गरिमा की वजह से है। मोदी के सत्ता से हटने के बाद जो खुलासे दुनिया भर के नेता करेंगे, उसके बाद भारत की साख को जो चोट लगेगी वो पीढ़ियाँ को भुगतनी होगी।
मोदी को सवालों से कितना डर लगता है, इसका सबूत देख लीजिए 👇
अमेरिकी राजदूत ने बताया - फ्रांस में G7 सम्मेलन में मोदी की ट्रंप से मुलाकात होनी थी।
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने यह अनुरोध किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवाल ना लिए जाएं।
मने 56 इंच वाले पत्रकारों के सवालों से इतना डर रहे हैं कि मीटिंग से पहले गिड़गिड़ा रहे हैं - प्लीज कोई सवाल ना पूछ ले।
इसी डर की वजह से मोदी ने आज तक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।
एक बार अमेरिका के वाइट हाउस में सवालों से सामना हुआ था तो पसीना-पसीना हो गए थे, जबान लड़खड़ाने लगी थी।
BJP की समस्या कांग्रेस, सपा नहीं है,
बल्कि बीजेपी की समस्या लोगों की बढ़ती जागरूकता हैl
बीजेपी को चाहिए अनपढ़,गवार, नंगे, भूखे,गरीब, गुलाम चमचे और अंध भक्त l
ये वीडियो देखिए 👇
BJP नेता और यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड नहीं रुक पाए।
राष्ट्रगान होता रहा और वे उसके पूरा होने से पहले ही चलते बने- ये हमारे राष्ट्रगान का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
BJP नेता की इस घटिया हरकत से हिंदुस्तान की संप्रभुता, इतिहास और संस्कृति के प्रतीक राष्ट्रगान का सम्मान करने वाला हर देशवासी आहत है... गुस्से में है।
इस अपराध के लिए सतीश महाना, नरेंद्र मोदी और पूरी BJP को देश से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी🔥— आपने कभी सोचा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कांफ्रेंस क्यों नहीं करते हैं ?
पहले मैं भी ये सोचता था कि इसके पीछे कोई मार्केटिंग स्ट्रैटेजी है।
फिर एक दिन उनके साथ कमरे में बैठ गया और 5 मिनट में ही समझ गया कि ये तो जा ही नहीं सकता मीडिया के सामने।
ये कैसा घमंड है? कैसी बेशर्मी है?
देखिये कैसे राष्ट्रगान का अपमान किया जा रहा है.
ये है उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना.
क्या नए BNS के तहत महाना को सजा नहीं होनी चाहिए?
क्या महाना को होगी तीन साल की जेल और फाइन होगा?
लेकिन क्या कुछ भी होगा?
ये वीडियो देखिए 👇
BJP नेता और यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड नहीं रुक पाए।
राष्ट्रगान होता रहा और वे उसके पूरा होने से पहले ही चलते बने- ये हमारे राष्ट्रगान का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
BJP नेता की इस घटिया हरकत से हिंदुस्तान की संप्रभुता, इतिहास और संस्कृति के प्रतीक राष्ट्रगान का सम्मान करने वाला हर देशवासी आहत है... गुस्से में है।
इस अपराध के लिए सतीश महाना, नरेंद्र मोदी और पूरी BJP को देश से माफी मांगनी चाहिए।
कल पुणे में राहुल गांधी के 'महिला छात्रों की गूँज' कार्यक्रम का माहौल देखकर दो बातें समझ आईं।एक तो शहरी महिलाओं में राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ रही है और दूसरा राहुल गांधी 2029 के चुनाव को महिला केंद्रित बनाना चाहते हैं। इसलिए वो पितृसत्ता( Patriarchy)
को चुनौती दे रहे हैं और महिलाओं को खुद पर भरोसा करने की बात कर रहे हैं।महिला किसी की सम्पत्ति नही…