यह सुंदर दॄश्य (first photo), महासू देवता मंदिर ,हनोल की है,जो कि टौंस नदी के किनारे बसा हुआ है ।
ये गांव जौनसार बावर, तथा बंगाण,उत्तराखंड मे पडता है तथा देहरादून से लगभग 190 किमी दूरी पर स्थित है यह मंदिर हूण स्थापत्य शैली का शानदार नमूना हैं व कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर है+
"कर्मभूमि" पढ़कर एक गहरा एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक उपन्यास नहीं, बल्कि समाज का आईना है। प्रेमचंद ने जिस तरह जात-पात, जमींदारी प्रथा और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है, वह दिल को झकझोर देता है।
अमर कुमार का संघर्ष मुझे यह सिखाता है कि सच्ची कर्मभूमि वही है, जहाँ हम अपने समाज और देश के लिए निःस्वार्थ भाव से काम करें। यह उपन्यास मुझे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति और जागरूक बना गया। "कर्मभूमि" सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीने के लिए है।
कीड़ा जड़ी का वैज्ञानिक नाम "Cordyceps sinensis" है. यह एक प्रकार का संयुक्त रसायन है जो कि एक स्पर्मोफाइट फंगस के रूप में जीवित रहता है. यह फंगस आमतौर पर हिमालय के ऊंचे पहाड़ों में ऊपरी भागों की जड़ों पर पाया जाता है.
हिमालय में मिलने वाली ये गरुड़ काष्ट हैं, जो पानी के विरूध्द बहती हैं तथा पानी इसे रोक नही सकता , शानदार वीडियो । विज्ञान या चमत्कार ....
क्या कहेंगे ?