देश को बर्बाद करके ही मानेंगे,
जिस उम्र में लोगों को नौकरी ,रोजगार के साथ स्किल की जरूरत होती है,
उसे उम्र में माननीय लोग रिक्शा चलाना और पकौड़े तलना सीखा रहे हैं।
पहले राम मंदिर में चंदा चोरी,
अब ₹4400 करोड़ से बने प्रभु श्री राम के वन गमन पथ में भी भ्रष्टाचार।
प्रधानमंत्री मोदी जी,
भगवान राम के नाम पर देश की आस्था को राजनीति का हथियार बनाकर आख़िर जनता को और कितना लूटेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी देश के Gen-Z और युवाओं को “दिमाग़ी नक्सल” कहते हैं।
लेकिन ख़ुद इन “दिमाग़ी आतंकियों” को संरक्षण देकर देश के बच्चों को पिटवाने की इजाज़त दे रहे हैं।
और ये ख़ुद स्वतंत्र नाम का “दिमाग़ी आतंकी” स्वीकार कर रहा है।
शर्म करिए, प्रधानमंत्री जी।