कभी कभी हम जिन चीजों से दूर होना चाहते है कुछ आदतों को छोड़ना चाहते है मगर लाख कोशिशों के बाद नहीं छोड़ पाते हैं। मुझे लगता है बार बार की गई गलती, गलती नहीं रहती गुनाह हो जाता हैं....👋🏻
(22-09-2026)
यदि तुम्हारी प्रेयसी अपने पिछले प्यार के पास लौट जाए और तुम्हें कहे, बहुत कोशिश किए, उससे सब खत्म हुआ ही नहीं, तो तुम समझ जाना, तुम कभी उसके प्यार थे ही नहीं। वो बस अपनी खाली जगह भरने आए थी और उसके आते वापस चली जाएगी...
The biggest mistake is this: no matter how much you love someone or even if there is a promise of marriage, never put such a stain on your character. This applies to both men and women.
So basically Umera Ahmed is teaching girls to have fun with boys, enjoy fully, commit Zina and when you have a breakup then find a practicing Muslim like Abu Bakar and marry him and now you are a izzatdar khatoon 🤡that's it,
मैं प्रेम में अभागा पुरुष हूँ
ये स्वीकार कोई शिकायत नहीं,
बस आत्मा की वो सच्चाई है
जिसे छुपाकर जीना अब संभव नहीं रहा।
मैंने चाहा तुम्हें
उस तरह जैसे सूखी ज़मीन
पहली बारिश को चाहती है
पूरे अस्तित्व से,
बिना ये पूछे
कि बदले में कुछ मिलेगा भी या नहीं।
मेरे हिस्से में प्रेम
हमेशा इंतज़ार बनकर आया,
तुम्हारे आने से पहले का समय
और न आ पाने के बाद की खामोशी।
मैंने हर बार
तुम्हारे मौन को भी
तुम्हारी मजबूरी समझा,
और अपने टूटने को
संयम का नाम दे दिया।
मैंने तुम्हें पाया नहीं,
पर हर रोज़ खोया है।
तुम मेरे साथ नहीं थीं,
फिर भी
मेरे हर फैसले में
तुम्हारी परछाईं शामिल रही।
मैं हँसता रहा
उन लोगों के बीच
जिन्हें मेरा दर्द
कभी दिखा ही नहीं,
और रात में
खुद से हारकर
तकिए से बातें करता रहा।
तुम्हारे लिए
मैंने अपने पुरुष होने का
अहंकार नहीं,
अपनी ज़रूरतें छोड़ीं।
मैं रोया नहीं
क्योंकि मुझे सिखाया गया था
कि पुरुष का रोना
कमज़ोरी है।
मैं चिल्लाया नहीं
क्योंकि डर था
कहीं तुम्हारी दुनिया
मुझसे असहज न हो जाए।
मैंने प्रेम किया
पर अधिकार नहीं माँगा।
तुम्हें चाहा
पर बाँधा नहीं।
और बदले में
मुझे वही मिला
जो अक्सर
अभागे पुरुषों को मिलता है
एक तरफ़ा निष्ठा
और आजीवन खालीपन।
जब तुम किसी और के साथ
मुस्कुराईं,
मैंने नज़रें झुका लीं।
जब तुम्हारी खुशी
मेरे बिना पूरी हुई,
मैंने उसे भी
अपनी जीत मान लिया।
क्योंकि प्रेम में
अभागा पुरुष
अपनी हार को भी
तुम्हारी भलाई समझकर
सीने से लगा लेता है।
मुझे किसी ने नहीं पूछा
कि तुमसे बिछड़कर
मैं कैसे ज़िंदा हूँ।
सबने बस यही कहा
“समय सब ठीक कर देता है।”
कोई ये नहीं जानता
कि समय ने मुझे
ठीक नहीं किया,
बस आदत डाल दी है
दर्द के साथ
सांस लेने की।
आज भी
अगर तुम सामने आ जाओ,
तो मैं शिकायत नहीं करूँगा।
बस तुम्हें देखकर
थोड़ा चुप हो जाऊँगा।
क्योंकि अभागा पुरुष
प्रेम में
सब कुछ खोकर भी
इल्ज़ाम नहीं लगाता,
वो सिर्फ़
ख़ुद को
और गहरा अकेला कर लेता है।
हाँ,
मैं प्रेम में अभागा पुरुष हूँ
और शायद
इसीलिए
आज भी
सिर्फ़ तुम्हें ही चाहता हूँ। 💔
राघवेन्द्र चतुर्वेदी ✍️
मैं नहीं जानता कि पुनर्जन्म झूठ है या सत्य...लेकिन तुम्हारे यह कह देने से- कि "अगले जन्म में हमारा मिलन संभव है" मैं इस जीवन को “पूर्णता" की बजाय किसी अधूरी कहानी मात्र समझने लगा हूँ..अब मैं निरंतर उस अगले जन्म की प्रतीक्षा में हूँ...
जो मेरा मन पसंद हुआ ,उसने कभी मुझे मन से पसंद भी नहीं किया....
उसकी पसंद वही रहा , मैं तो बस सफर में उस से मिल गया था और इसी बीच अपना सब कुछ मान लिया .. मगर उसके लिए मैं महज मुसाफ़िर था।उसकी मंज़िल हमेशा से कोई और था ।
#loveyoutodeath#love
सर-ए-तूर हो सर-ए-हश्र हो हमें इंतिज़ार क़ुबूल है
वो कभी मिलें वो कहीं मिलें वो कभी सही वो कहीं सही।
न हो उन पे जो मिरा बस नहीं कि ये 'आशिक़ी है हवस नहीं
मैं उन्हीं का था मैं उन्हीं का हूँ वो मिरे नहीं तो नहीं सही ।
• गिलानी
🚨 BREAKING:
🇮🇱🇸🇦 इज़रायल सऊदी अरब को हूतियों के खिलाफ़ इंटेलिजेंस मुहैया करा रहा है, इज़रायली मीडिया की रिपोर्ट।
रिपोर्ट के मुताबिक़, हूतियों से निपटने के लिए इज़रायल सऊदी अरब के साथ खुफिया जानकारी साझा कर रहा है।