अल जजीरा ने उज्जैन शाही मस्जिद की न्यूज़ प्रकाशित की है।
कुछ लोग कह रहे थे लिखने से क्या होता है आगे देखते जाए कैसे इंटरनेशन मीडिया इसे कवर करेगी। #SaveUjjainShahiMosque
📍 बड़ौदामेव,राजस्थान
थाने के सामने सेकून खान की हत्या की खबर बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
कानून का राज तभी माना जाएगा,जब हर नागरिक सुरक्षित हो!
मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच हो,दोषियों पर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा मिले
मुख्य, @NayabSainiBJP , हरियाणा के भिवानी पुलिस अधिकारी सतीश से जुड़ी एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर, आरोप सही पाए जाने पर अधिकारी को तत्काल निलंबित कर कारवाही की जाए,महिला को पहुंचाने वाले व्यक्ति/दलाल की भी जांच हो।
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
“100 मीटर नहीं, 100 पीढ़ियों का सवाल है अरावली।”
आज प्रकृति हारी तो कल इंसान हारेगा।
अरावली कोई आँकड़ा नहीं, यह पानी, हवा और जीवन की ढाल है।
#SaveAravali#SaveAravaliHills#अरावली_बचाओ
मुसलमानो हम ने बहुत मस्जिदे खोह दी हैं
लेकिन अब और नहीं खोना चाहते है इसलिए एक जुट होकर
अपनी मस्जिद बचाने के लिए मेरे साथ जुड़े और रिपोस्ट किजिए ✊💪 #SaveSanjauliMasjid
जयपुर में एसीबी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्रिंसिपल और न्यूरो सर्जरी विभाग के HOD डॉ. मनीष अग्रवाल को न्यूरो सर्जरी में काम आने वाले ब्रेन कॉइल सप्लाई करने वाली कंपनी से बिलों पर काउंटर सिग्नेचर करने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है। डीआइजी अनिल कयाल के निर्देशन पर हुई कार्यवाही। @BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@RajCMO@8PMnoCM
#Jaipur
अब SMS में रिश्वत की आग...
भीषण अग्निकांड से SMS अस्पताल उबरा भी नहीं कि अब रिश्वत की आग में झुलस उठा है।
ACB ने SMS अस्पताल के न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष अग्रवाल को एक लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि न्यूरो सर्जरी में काम आने वाले ब्रेन कॉइल सप्लाई के एवज में डॉ अग्रवाल ने घूस ली थी। डॉ अग्रवाल एसएमएस मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल भी हैं।
चिकित्सा विभाग में हर स्तर पर सफाई की जरूरत है और दिवाली अच्छा अवसर है।
एक घण्टे में 300 लोग कमेंट्स कर देंगे #ILoveMohammad लिखो लिखते रहो जब तक उन जालिमों जिनको इस नाम से तकलीफ है उनके पैरों के नीचे की ज़मीन ना हिलने लगे तब लिखो #ILoveMohammad 👈👈 RT
आप acting करती हो या विवेक शुन्य हो गया है या आपका दिमाग़ सत्ता कि गुलामी मै डूबा है?
Journlaism का काम सवाल करना नाकि सत्ता का गुणगान
लीडर coach बने ये emperor, पत्रकार का धर्म जनता के मुद्दे उठाना है नाकि मंच से ताली बजाना
देश को आत्मनिर्भर बनाने कि लिए पहले मीडिया और आप जैसे लोगो कि सोच को स्वंत्रत होना पड़ेगा!
खुद को to आज़ाद करिये मोहतरमा
@RubikaLiyaquat
कुछ दिमाग़ खुल पाए तो जवाब रखना
माफ करना छोटे भाई आरिश तुम उस समय में पैदा हुए थे जब न्याय मांगने से पहले धर्म देखा जाता है।
UP के फतेहपुर मे बारहवीं के छात्र 17 वर्षीय आरिश खान की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है।
#JusticeForArishKhan लिखने से पहले मेरे कुछ सवाल है
⚠️क्या आरिश खान की हत्या पर गोदी मीडिया में कोई डिबेट हुई ?
⚠️क्या किसी मीडिया चैनल ने आरिश खान के हत्यारों को आतंकवादी कहा ?
⚠️क्या किसी नेता ने बयान दिया कि हत्यारो के घरों पर बुलडोजर जायेगा ?
इन सबका जवाब मिलेगा - "नहीं" ।
और हम न्याय चाहते है।
आइए सब मिलकर आवाज़ उठाएं फतेहपुर के
आरिश खान के लिए आवाज़ उठाना फ़र्ज़ है। शायद हमारी आवाज़ फर्श से अर्श तक पहुंच जाए और इंसाफ हो 16 साल के बच्चे के साथ 🙁
एक सवाल भी है _ आख़िर हर बार हमे ही ख़ुद आवाज़ उठानी पड़ती है, कोई आगे क्यों नहीं आता
? अपनी राय दे।❓
#JusticeForArishKhan
"उदयपुर फाइल्स" फिल्म की रिलीज़ रोकने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिल्ली सहित महाराष्ट्र और गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया है। फिल्म के ट्रेलर में नुपुर शर्मा का विवादित बयान भी शामिल है, जिससे न केवल देशभर में सांप्रदायिक माहौल खराब हुआ, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि भी खराब हुई और दूसरे देशों के साथ हमारे दोस्ताना संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ा। इसके बाद भाजपा को उसको पार्टी से निकालने पर मजबूर होना पड़ा।
फिल्म का ट्रेलर पैग़म्बर ए इस्लाम ﷺ और उनकी पवित्र पत्नियों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें प्रस्तुत करता है, जिससे देश की शांति और व्यवस्था बिगड़ सकती है। इस फिल्म में देवबंद को उग्रवाद का अड्डा बताया गया है और वहाँ के उलेमा के खिलाफ घोर ज़हरीली भाषा का प्रयोग किया गया है।
यह फिल्म पूरी तरह एक धार्मिक समुदाय को बदनाम करती है, जिससे नफ़रत को बढ़ावा मिल सकता है और नागरिकों के बीच आपसी सम्मान व सामाजिक सौहार्द्र को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इसमें 'ज्ञानवापी मस्जिद' जैसे लंबित और संवेदनशील मुद्दे का भी उल्लेख किया गया है, जो इस समय वाराणसी की जिला अदालत और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। यह बातें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं।
CM नहीं, भजनलाल जी तो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निकले!
काम ठप, विकास गायब — बस फोटो, पूजा, और प्रचार।
राजस्थान के युवाओं को नौकरी चाहिए, भजन नहीं।
जनता ने सरकार चुनी थी, कोई धर्म यात्रा समिति नहीं।
#भजनलाल_हटाओ_राजस्थान_बचाओ
.@shubhankrmishra पत्रकारिका की बेसिक समझ भी खो बैठे हो क्या? हमारी आस्था के साथ ऐसा खेलवाड़ करने का अधिकार नहीं है आपको, माफ़ी माँगो और तत्काल यह वीडियो हटाओ।
सब धर्मों का सम्मान जरूरी है। सस्ती TRP के लिए ऊलजलूल बक देना अभिव्यक्ति की आजादी नहीं होती।
ये वही शुभांकर है जो शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए वीडियो बना रहा था।
इसकी गिरफ्तारी तक रीट्वीट नहीं रुकने चाहिए।
#ArrestShubhankarMishra