राज कर रही है? राज ही कर रही है इसलिए तो जानता के विषयों पर मौन धारण कर लेती है और अपने ऊपर या अध्यक्ष के ऊपर थोड़ी सी भी टिप्पणी होती है, लट्ठ ले कर पिल पड़ते हो।
भरत तिवारी जी का सच्चाई देखिये वो कैसा इंसान थे ...
उनके गाँव वालो से सुनिए वो कैसा इन्सान थे ...
उनके गाँव वाले लोग उनको भगवान क्यूं मानते थे
देखिये इस Video में पुरा ...
ऐसे वीर महापुरुष को मेरा सलाम ... 🙏
चंपत राय की एक अलग दुनिया थी। जैसे कोई राजा टाइप। उनकी अपनी सेना थी जिसे निजी सेक्यूरिटी गार्ड्स कहते हैं। एक करोड़ रुपया महीना और सालाना 12 करोड़ निजी सेक्यूरिटी गार्ड्स को दिए जा रहे थे वो भी नंबर एक से और अकाउंट से। ये सेक्युरिटी गार्ड्स लूट के मॉल के रूट पर तैनात रहते थे। ये चढ़ावा चोरी का मामला आपको जितना सरल लगता है वो बेहद पेचीदा और साजिशों से भरा हुआ है। बहुत ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल गैंग की तरह इसे ऑपरेट किया जा रहा था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में अब 400 निजी सुरक्षाकर्मी रडार पर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा अब और बड़ा होता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंदिर परिसर में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, CCTV फुटेज, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र और राज्य सरकार की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मंदिर परिसर में इतनी बड़ी संख्या में निजी गार्ड क्यों लगाए गए थे?
सूत्रों का दावा है कि जिस निजी सुरक्षा कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई थी, वह RSS से जुड़े बिहार के एक पदाधिकारी से संबंधित बताई जाती है, जो पूर्व सांसद भी रह चुके हैं। इसी कंपनी पर ट्रस्ट हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये खर्च करता था। यानी सालाना लगभग 12 करोड़ रुपये निजी सुरक्षा पर खर्च हो रहे थे।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि चढ़ावे के आवागमन के दौरान नियमों का पालन हुआ या कुछ लोगों को बिना जांच के आने-जाने की छूट दी गई। सवाल यह भी है कि अगर दान-पात्र, गिनती कक्ष और चढ़ावा रूट पर निजी सुरक्षा तैनात थी, तो चोरी और गड़बड़ी कैसे होती रही?
अब जांच सिर्फ गिनती कक्ष तक सीमित नहीं है। बैंक नियमों के उल्लंघन, ट्रस्ट की निगरानी, निजी सुरक्षाकर्मियों की भूमिका और करोड़ों के सुरक्षा खर्च तक सवालों के घेरे में हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में हर दिन नया खुलासा हो रहा है, और जांच अब छोटे कर्मचारियों से आगे बढ़कर पूरे सुरक्षा और प्रबंधन सिस्टम की तरफ जाती दिख रही है।
#Breakingnews | @ShriRamTeerth@Uppolice@LucknowDivision@Igrangelucknow@ayodhya_police@dir_ed@CBIHeadquarters
CM @samrat4bjp जी, एक साल होने को हैं, भोजपुर जिले के जवनियां गांव को बहे हुए। आज तक विस्थापितों को @bhojpur_dm बसा नहीं पाए हैं। इन्हें वो कीड़ा मकोड़ा समझ रहे हैं। इन्हीं बात भरत तिवारी कर रहा था,जिसे मार डाला गया।
CC- @AmitShah@HMOIndia
🚨 #ExpressInvestigation | The Union Minister of State for Agriculture Bhagirath Choudhary received a ₹99.03 lakh subsidy for a commercial cucumber farming project under a scheme run by the ministry he serves in.
While the final approval was granted by an NHB project approval committee that does not include the minister, Choudhary is the ex-officio Vice-President of the NHB board that oversees its functioning.
The project, worth ₹1.99 crore, was among 467 approved under the scheme in 2025.
Express Investigation by: Harikishan Sharma
जीतन राम माँझी जी आप हम लोगों के बहुत प्रिय और महादलित समुदाय से आने वाले बड़े नेता है. माँझी साहब आपको किसी के जवान बेटे की हत्या/एनकाउंटर पर अपनी पीठ थपथपा लेने से समय मिल जाये तो अपनी ही जाति के लोगों पर भी नज़र डाल लें ताकि उनका कुछ भला हो जाये. क्योंकि ये समुदाय आपको वोट करता है लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिलता- ये महादलित लोग हैं बिहार में हर पैमाने पर बहुत पिछड़े और गरीब. मैंने चुनाव के वक्त जब इनके बीच जाकर रिपोर्टिंग की थी तो सोचा जिसने बिहार को अपनी “जाति” का सीएम दिया उनका ये हाल क्यों है ?
“”अभी बिहार में करीब 42 लाख मुसहर जाति के लोग हैं. जिनमें मात्र 98 हजार ही मैट्रिक पास है. यानी दो फ़ीसद से थोड़ा ज़्यादा . भोजपुर जिला में करीब 50,000 की आबादी में मात्र 400 मैट्रिक पास है. स्नातक की डिग्री लेने वाले लगभग दर्जन भर.
Ma के केवल 4 विद्यार्थी हैं.
राष्ट्रवादियों की लड़ाई कितनी मुश्किल है इसका एक और क्लासिक उदाहरण है MVS films का इंस्टाग्राम चैनल बिना किसी नोटिस के बंद होना ।
BJP सरकार का I&B Ministry तो पूरी तरह फेल हो चुका है ।
स्वर्गीय भारत तिवारी जी के सोशल मीडिया के जितने भी विडियोस आ रहें हैं स्तब्ध करने वाले हैं, किस प्रकार एक राष्ट्र भक्त, धर्मिक युवा मानसिक अशांति से ग्रसित होकर हथियार लहराने लगा,इस कार्य को प्रबुद्ध तो नहीं कहा जा सकता अपितु फोर्स के जवान थोड़ी बुद्धिमत्ता दिखाते तो अच्छा था।
वीडियो देखकर आप भी आंसू नहीं रोक पाएंगे।
इस वीडियो को देखकर आंसू आ गए यार सच में भरत तिवारी इन दलितों, वंचितों, शोषितों के लिए देवता था 😭😭
ये वंचित वर्ग अब भरत तिवारी जी की मूर्तियां घर घर लगाकर उनकी पूजा करेगा।
बिहार एनकाउंटर पर @SawarnArmychief का बयान -
जब नक्सली - आतंकवादी आत्मसमर्पण करते है तो उनको सुधारने का प्रयास करते है लेकिन एक ‘तिवारी टाइटल’ के व्यक्ति को आत्मसमर्पण करने के बाद गोली मार दिया गया,
वो गोली एनकाउंटर नहीं हत्या है, हत्या !