Vacant seats for "part journey" in quite a few trains for BIHAR, is available as of now. Pls check them & do share with others who are still trying to get seats to reach for the pious Chath Puja. List of Sleeper class vacant seat (37 pages): https://t.co/tsdKCcUzFF #IndianRailway
बिना पुख्ता तैयारी के अभिनय की जा रही नाटक के मंचन को नहीं झेल पाये दर्शक,लोगों का आरोप नाटक कम चित्रहार ज्यादा था।
दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर अथमलगोला रेलवे स्टेशन परिसर में पूरे 1977 से लगातार नाटकों का मंचन होते आ रहा है,( दो वर्ष कोरोना काल छोड़कर) शुरुआत की बात की जाय तो एक जमाना था जब इतनी अत्याधुनिक तकनीक नही होने के वाबजूद भी नाटक का मंचन किया जाता था। और उस दौर में नाटक के प्रति सच्ची श्रद्धा और प्रेम का भाव रखने वाले दर्शकगण भी पाए जाते थे। क्योंकि वह दौर भौतिकता से कहीं कोसो दूर था। वर्तमान परिस्थिति की तरह आधुनिकता हावी नही थी। मनोरंजन का कोई माध्यम नही था। उसी दौर में चलचित्र को पर्दे पर उतारने का एक मात्र माध्यम नाटक था। दर्शकों का अथाह प्यार मिलता था। प्रारंभ में धार्मिक और ऐतिहासिक नाटकों का प्रचलन ज्यादा था। लोगों का उत्साह इतना था की गैस लाइट में और चौंकी को स्टेज बना कर तिरपाल कर नाटक खेलते थे। वो एक जमाना था। पर जैसे जैसे समय का पहिया धीरे धीरे आगे बढ़ा। नाटक के प्रति लोगों का सोच और झुकाव भी बढ़ता और घटता रहा। धार्मिक और ऐतिहासिक नाटक के बाद सामाजिक नाटक और फिल्म स्टोरी जैसी नाटकों के प्रति लोग का झुकाव होने लगा। और इस परिपेक्ष्य में भारतेंदु नाट्य कला परिषद बहादुर अथमलगोला स्टेशन ने तेरे नाम,(2003) धड़कन, (2004) जो स्वर्गीय डाक्टर तनीक प्रसाद सिंह के स्वर्णीम निर्देशन काल में मंचन किया गया था और अब लगभग 20 वर्षों के बाद गदर 2 (2023) जैसे नाटकों का सफल मंचन कर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी। पर कहते है न आप कुछ भी कर ले,कितना भी बेहतरीन हो जाए,आलोचना करने वाले बुराइयां ढूंढ ही लेते है। जी हां हम वर्ष 2024 में हुए भारतेंदु नाट्य कला परिषद बहादुरपुर के नाटक की बात कर रहे है। विगत पिछले साल 2023 में गदर 2 और हथकड़ी खोल दो जैसे नाटकों का सफल मंचन कर लोगों के दिलों पर छाप छोड़ने वाली यह वही भारतेंदु नाट्य कला परिषद जो कभी युवा सितारों से गुलजार हुआ करती थी। लोगों को भारतेंदु का इंतजार होता था। पर कुछ स्वार्थी तत्व के लोग अपना स्वस्वार्थ सिद्ध करने के लिए भारतेंदु का गला घोंट दिए। अपनी एक अलग पहचान रखने वाला भारतेंदु संघ आज के परिप्रेक्ष्य मे बिना पुख्ता तैयारी के नाटक मंचन के नाम पर चित्रहार करने का आरोप लिए बैठा है। इसमें भारतेंदु संघ का कोई दोष नही है। दोष तो उसका है जिसमें उसके आंचल तले सब कुछ सिखा,सब कुछ जाना और अपने हित के लिए,अपने खुशी के लिए उसके दामन को दाग कर गया। यह कहना बिल्कुल अतिश्योक्ति नहीं है की आज भारतेंदु संघ की आत्मा कराह रही है। तानाशाह की तरह अपने पद पर आसीन लोग नाटक की गरिमा, उसकी परिभाषा तक भूल गए है। इसका परिणाम यह है की भारतेंदु नाट्य कला परिषद ने इस बार जीत जन्नत,इज्जत नामक नाटक के द्वारा नाटक का बिलकुल ही असफल और आलोचनात्मक मंचन किया। नाटक शुरुआती क्षण में कुछ देर तक दर्शकों को रोक कर रखने में सफल तो रही लेकिन बस दो चार दृश्य के बाद लोगों का अपने घर के तरफ रुख शुरू हो गया। जाते हुए महिला दर्शकों ने कहा की हम पिछले साल के कलाकारों को ढूंढने आए थे। हमे लगा गदर 2 जैसा माहौल मिलेगा। लेकिन यहां न तो पिछले साल के कलाकार दिखाई दिए और न उनके जैसा कोई अभिनय करने वाला दिखाई दिया। इसका एक कारण यह भी है की नाटक के नाम पर चित्रहार प्रस्तुत किया जा रहा था। हर दृश्य में संगीत का समावेश होने से मूल नाटक हत्या की जैसे हो रही थी,वो संगीत की बिसात भी मेरी ही बिछाई हुई थी,कहीं से उसको अलग गीत नहीं मिला,खाली दरिया और मुरझाए लोग इस बात की गवाह है। इस साल नाटक का मंचन अत्यंत ही अनुशासनहीनता से किया गया और नाटक के नाम पर चित्रहार परोसा गया,20 /25 वर्षों के बाद कुछ फूके हुए कारतूस कलाकारों के लाया गया था जो मिस्फायर हो गये।बाबजूद इसके रात्रि साढे नौ बजे के बाद स् शुरू हुआ प्रोग्राम दो घंटे में ही दम तोड़ दिया,अंत समय में गिने चुने पुरुषों की उपस्थति इस बात का सबूत है कि आपने नाटक के नाम पर सिर्फ तमाशा किया। जहां 2023 मे दर्शकों से परिसर अंत तक खचाखक भरा रहता था वहां सिर्फ रात्रि ग्यारह बजे के बाद इक्का दुक्का लोग दिखाई दे रहे थे। इसका कारण बस एक ही दिखाई देता है और वह नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजनीति का हस्तक्षेप व युवा कलाकारों को संस्था से दूर कर दिया जाना।।(त्वरित टिप्पणी दिल की कलम ✍️✍️ से)
लोकसभा के शीतकालीन सत्र में संसदीय क्षेत्र मुंगेर के बड़हिया, बाढ़, अथमल गोला, कुंदर हाल्ट एवं बंसीपुर स्टेशन पर सभी ट्रेनों के ठहराव को पुनः आरंभ करने का आग्रह किया।
एक समय था ( 2019/21) जब दानापुर मंडल में बतौर DRM सुनील कुमार व हाजीपुर जोन में GM ललित चन्द्र त्रिवेदी साहब कार्यरत थे,उस समय कोरोना काल जैसी विकट परिस्थितियों में,जिस तरह दानापुर मंडल में सुनील कुमार साहब नें काम करके दिखाया,लगा कि कोई है जो रेल को बहुत आगे ले जाना चाहता है,हालांकि यात्री सुविधा में कार्य करते रहनें का उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिल पाया,फिर वो चले गए,.बतौर ...GM ललित चन्द्र त्रिवेदी साहब की तो बात ही कुछ और थी,यात्री संगठन के लोग कहते हैं कि उनका काम और नाम इतना मृदभाषी था कि कोई भी आम व्यक्ति को वो बेरंग नहीं लौटाते थे,उनका शिष्टाचार इतना उत्तम दर्जे का था कि उस समय महाप्रबंधक कार्यालय में रेल अफसरों के साथ-साथ कार्यालय के माहौल- दीवार को भी लोग भावनात्मक रूप से हंसते हुए देखते थे,. फिर वो सेवानिवृत्त हो गए.,और फिर शर्मा साहेब का दौर आया... रेलवे संगठन के वरिष्ठ लोगों को इनका ब्यूरोक्रेट रवैया 01 महीनें में ही समझ में आ गया..फिर ECR का सबसे बुरा दौर शुरू हुआ.. समान्य शिष्टाचार में 0 व किसी भी आम जनता से ना मिलने की प्रथा शुरू हुई.. कई लोकसभा सांसद भी इनके कार्यकाल में त्रस्त रहे,अजय निषाद साहब की टिप्पणी शायद आपको याद भी होगी.,लेकिन साहेब का रूतबा था,कि वो अपनें पूरे कार्यकाल में अपनें ब्यूरोक्रेट रवैये से टस से मस नहीं हुए..? तब सवाल है कि आखिर इतना बल कैसे?.. यात्री सुविधा के मामले में ECR जोन में इनका योगदान लगभग 0/सन्नाटा है... खैर अब वो सेवानिवृत हो गए तो कोई बात नहीं लेकिन @RailMinIndia कम से कम ECR में कोई तो एैसा महाप्रबंधक भेजो जो हजारों - लाखों आम एवं दैनिक रेल यात्रीयों की समस्याओं - पीडा़ को समझे व उसका त्वरित निदान करे.... @AshwiniVaishnaw@PMOIndia @adrm_dnr @Railwhispers@ECRlyHJP@GM_ECRly@Ghanshyamdev3
मंत्रीजी, वर्ल्ड क्लास स्टेशनों का हम क्या करेंगे!
आप तो पहले प्री-कोविड सारी ट्रेनें/स्टापेज रिस्टोर कर दें/ट्रेनें समय पर चलें!
साफ लिनेन/गुणवत्तापूर्ण खानपान की उपलब्धता और साफ-सफाई सुनिश्चित कर दें,काफी है!
बाकी फिर बताएंगे!
अभी तो परशुराम के वंशजों से आपका पाला पड़ना शेष है!
पढिए और दर्द महसूस किजिए की कैसे कोरोना काल को रेलवे ने आपदा को अवसर में बदलकर #अथमलगोला (ATL) स्टेशन को यात्री सुविधा के मामले में महापाषाण युग में ढकेल दिया.? पढिए और दर्द महसूस किजिए? @AshwiniVaishnaw@ECRlyHJP @cptm_ecr @DrmDnr@LalanSingh_1 🙂😌
आदरणीय @ECRlyHJP @cptm_ecr @DrmDnr सर - आगामी आगामी छठ पूजा संरक्षा व सुरक्षापूर्वक सम्पन्न हो इसलिए परिवेदन को स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें (दिनांक 21/10/2022 को आपके कार्यालय निबंधित डाक द्वारा प्रेषित किया जा चुका है)
Whatever be the reason @cptm_ecr Sir,for some time you are silent on social media,which is not right at least for the interest of the passengers.Known for her best work,हमारे लिए आपका नाम ही हमारी उम्मीदों का आधार है,बाधाएँ आती-जाती रहेगी,आप हमेशा खुश रहें ईश्वर से प्रार्थना है🙏
Respected @DrmDnr 's trust, our expectations from you have increased a bit more @cptm_ecr Sir, nothing new, just justify the stoppage of the trains already stopped at Athamalgola (ATL) station, we are sure that you will not let us down will do. 🙏
Sahebganj Intercity used to stop at Athmalgola station earlier (13236/35 maybe) does not stop now, students going to Barh - Mokama coaching and college have a lot of trouble in going in the morning, had to ask if the train can not stop again? @cptm_ecr @DrmDnr sir
Sahebganj Intercity used to stop at Athmalgola station earlier (13236/35 maybe) does not stop now, students going to Barh - Mokama coaching and college have a lot of trouble in going in the morning, had to ask if the train can not stop again? @cptm_ecr @DrmDnr sir
@cptm_ecr Respected Sir,Read the letter and feel the santimantel pain of thousands of daily and common commuters,how Athamalgola station,which is buzzing with former Corona passengers,now faces silence for 12 hours from both the sides.,😐🙏
@AshwiniVaishnaw@narendramodi Sir Lakhs of psngr from ATL is facing lots of problem due to non stoppage of trains after post Covid.Prev all trains were stopping.This is a very imp issue which shld be resolved by @RailMinIndia. No basic psngr facilities and no security making things worsen @DrmDnr@ECRlyHJP
@AshwiniVaishnaw पहले 08622/21 पाटलिपुत्र को सप्ताह में तीन दिन किया उसके बाद बासोचक,ज्वास,मेकरा,लेमुआबाद,आदी सभी हाॅल्टों पर इसका स्टापेज रहने दिया लेकिन बड़हिया,अथमलगोला,पंडारक,मनकठ्ठा आदी स्टेशनों से इसका ठहराव समाप्त कर दिया. @DrmDnr@ECRlyHJP@GM_ECRly साहेब इतना अन्याय क्यों कर रहे हैं.😑
कुछ समय से @ECRlyHJP के @DrmDnr मंडल के टीटीई को क्या हो गया एक पर एक यात्रीयों से दुर्व्यवहार की घटना अखबार में पढ़ने को मिल रही है(29 सितम्बर को 03401 में पटना साहिब में मेरे साथ).वक्त रहते इस पर कड़ी कार्रवाही करने की जरूरत है @aadharraj सर ताकि यात्रियों का विश्वास लौट सके
तब यह नहीं पता था कि @DrmDnr के अथमलगोला (ATL) स्टेशन पर कोरोना पूर्व रूक रही ट्रेन संख्या 08625/26 कोशी,03235/36 इंटरसिटी,03287/88 दुर्ग राजेन्द्रनगर व अब पाटलिपुत्र स्पेशल का ठहराव निरस्त करके यात्री सुविधाएं बढाई जाएगी.एक दिन जनता का राज जरूर आएगा. @ECRlyHJP 😐
आज अथमलगोला रेलवे स्टेशन कैंपस मां दुर्गा मंदिर प्रांगण में आदरणीय @vikasvaibhavips सर के आगमन से अथमलगोला की समस्त जनता अभिभूत हो गई.आपके द्वारा दिया गया स्नेह अतुल्य है.मां भगवती की कृपा आप पर सदैव विराजमान रहे और #LetsInspireBihar की मुहिम रंग लाती रहे,सादर प्रणाम. 🙏🙏🌹🌹