🚨 Reports of Stone pelting on Hindu procession in Janakpur, Nepal allegedly from a nearby mosque.
Several Hindu devotees were injured during Durga Puja Visarjan. Situation tense !!
मेहदी हसन (होस्ट): पिछले साल नवंबर में, बांग्लादेश में लगभग 30,000 हिंदुओं ने आपकी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि उनके समुदाय पर ��जारों हमले हुए हैं। उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हिंसा को “बर्बर” कहा था। सवाल यह है कि इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? या आपके नज़र में स्थिति पहले से नियंत्रण में है?
मोहम्मद यूनुस: यह सब फेक न्यूज़ है। इन फेक न्यूज़ पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
होस्ट: न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी रिपोर्ट किया है कि पिछले नवंबर में हिंदुओं पर कई हमले हुए, एक साधु को सिर्फ हिंदू झंडा फहराने पर गिरफ्तार किया गया।
मोहम्मद यूनुस: यही तो भारत की ख़ासियत है आजकल -फेक न्यूज़ की बाढ़। हर तरह की अफवाह फैलाई जाती है।
होस्ट:यानी बिल्कुल भी एंटी-हिंदू हिंसा नहीं हो रही?
मोहम्मद यूनुस: ये हिंदू और मुस्लिम के झगड़े नहीं हैं बल्कि दो पड़ोसियों की तरह आपसी विवाद हैं।
कन्वर्जन फैक्ट्री के अधिकारी का ब��़ा खुलासा!
17,000 हिंदुओं को बनाया ईसाई
कन्वर्जन के लिए शुरू किए 83 चर्च
देखिए कैसे ये विदेशी ईसाई मिशनरी ने खुलेआम स्वीकार कर रहा है, कि उसने 17,000 हिंदुओं का कन्वर्जन किया है।
और भारत में 83 चर्च शुरू किए हैं।
In Pakistan, Muslim mobs are calling to demolish Gurdwara Nankana Sahib the birthplace of Guru Nanak Dev Ji to build a mosque. In India, Sikhs stand with umbrellas for Muslims offering namaz in the rain. This is true brotherhood, should continue & end like Afghanistan & Pakistan.
ख़ौफ़नाक।
Warning Disturbing Content ⚠️
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आरएसएस के कार्यक्रम में 24 साल में अंकित सिंह की मौत।
हंसते,गाते,नाचते हुए लोगों की मृत्यु का आँकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।
For 727 days, a Nepali mother has walked the streets holding her son’s photo.
Bipin Joshi, a student in Israel, was kidnapped by Hamas to Gaza on Oct 7.
Nearly 2 years later, he remains captive.
His heartbroken mother has crossed Nepal, Israel & the US pleading: Bring Bipin Home.
रोक सको तो रोककर दिखाओ
बरेली हिंसा में शामिल नफ़ीस की संपत्ति पर बुलडोज़र कार्रवाई शुरू।
प्रशासन का सख्त संदेश — दंगे फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यूपी में का बा यूपी में बाबा 💪💪❤️❤️
श्रीनगर ने दशकों बाद दशहरा का ऐसा भव्य नज़ारा देखा!
1990 के बाद पहली बार बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित विजयादशमी मनाने कश्मीर पहुंचे।
5,000+ लोगों ने भगवान राम के जयकारों और पारंपरिक संगीत के साथ इस ऐतिहासिक समारोह में हिस्सा लिया।
नेपाल के जनकपुर में दुर्गा विसर्जन पर जिहादियों का हमला!
मस्जिद से हुई पत्थरबाज़ी, हिंदू समुदाय में उबाल...
धनुषा और बांके जिलों में तनाव, कई श्रद्धालु घायल — माहौल बेहद तनावपूर्ण...
#Nepal#Janakpur#DurgaVisarjan#Hindu
घर से भाग कर जाने वाली लड़कियों पूरा पढ़ लेना, पूरा वीडियो भी देखना, 🙏😭😡
मेरठ(उत्तर प्रदेश) के पास लोइया गांव में शबी अहमद के खेत से एक कुत्ता किसी मानव अंग को लेकर भाग रहा था। कुत्ते को मानव अंग लेकर भागते हुए ईश्वर पंडित ने देखा और उन्हें शक हुआ। पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस ने आकर शबी अहमद के खेत की खुदाई की तो एक लाश मिली। लाश किसी महिला की थी जिसका सिर और दोनों हाथ गायब थे।
पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और हत्यारे की खोजबीन शुरु कर दी। हत्यारे को पकड़ना इतना आसान न था क्योंकि लाश का सिर गायब था। इसलिए उस लाश की शिनाख्त भी नहीं हो सकती थी। गांव के आसपास ऐसी कोई महिला गायब भी नहीं थी जिसकी हत्या पर शक जाता हो।
तब वहां के एस एस पी साहनी ने एक तरक़ीब सोची,
उन्होंने सोचा हो न हो लड़की कहीं बाहर से गांव में लाई गई है। गांव में कोई कुछ बताने को तैयार न था। एसएसपी साहनी ने तय किया कि गांव के जितने भी लड़के गाँव से बाहर नौकरी करते हैं वहां जाकर छानबीन की जाए। वहां के सभी थानों से संपर्क करके पता किया जाए कि क्या वहां किसी लड़की के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है ?एसएसपी साहनी की ये योजना काम कर गयी और पंजाब में लुधियाना से एक 23 वर्षीय युवती के गायब होने की सूचना मिली। लुधियाना के मोतीनगर थाने में इस युवती के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज थी जो कि बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्र थी। इसके बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जो जांच पड़ताल की उससे जो कहानी निकलकर सामने आयी वो इस प्रकार है।एकता देशवाल संभ्रांत और आधुनिक परिवार की लड़की थी जो बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।और वहीं उससे टकराया शाकिब अहमद। शाकिब वहां नौकरी करता था लेकिन उसने अपना काम और पहचान दोनों एकता से छिपाई। उसने एकता को अपना नाम "अमन" बताया।
उसे अपने प्रेम जाल में ऐसा फंसाया कि एकता उसके लिए कुछ भी कर���े को तैयार हो गयी। अमन ने उससे कहा कि वह घर से गहने लेकर आ जाए और वो लोग वहां से कहीं दूर जाकर नई जिन्दगी शुरु करेंगे।
वह अमन के झांसे में आ गयी और करीब 25 लाख कीमत के गहने और नकद लेकर वह घर से फरार हो गयी। अमन उसे लेकर सीधा मेरठ के दौराला पहुंचा जो कि एक कस्बा है।
वहां किराये पर एक कमरा लेकर दोनों करीब एक महीने तक रहे। इसके बाद ईद के मुबारक मौके पर अमन उसे लेकर अपने घर आ गया ज��ां एकता को उसकी असलियत सामने आयी कि वो अमन नहीं बल्कि शाकिब है। अमन का भांडा फूटते ही एकता को बड़ा झटका लगा।ईद के दिन दोनों में दिनभर झगड़ा होता रहा।
शाकिब अब समझ गया कि अब इसे रास्ते से हटाने का समय आ गया है। बिना उसे रास्ते से हटाये 25 लाख के गहने उसके नहीं होंगे।और उसका लव जेहाद का मकसद भी पूरा नही होगा ! कही लड़की भाग गई तो भांडा भी फूट जाएगा और 25 लाख का घाटा हो जाएगा। इसलिए शाकिब ने ईद की उसी रा�� उसके हत्या की योजना बनाई। ईद की रात उसने एकता को कोल्डड्रिंक में नशीली दवा पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसी बेहोशी की हालत में वह कुछ शांतिदूत समुदाय के दोस्तों और अपने परिवार के लोगो के साथ मिलकर खेत पर ले गया जहां शाकिब ने बेहोशी की हालत में अल्लाह हु अकबर की तकबीर के साथ एकता की गला काटकर हत्या कर दी।गला काटने के बाद उसके दोनों हाथ भी काट दिये गये क्योंकि एकता ने अपने एक हाथ पर अपना नाम औ�� दूसरे पर अपन��� प्यार "अमन" का नाम गुदवा रखा था। शाकिब को शक था कि अगर पुलिस को ये सबूत मिल गया तो भांडा फूट सकता है। लेकिन अमन गलत साबित हुआ। सालभर लगे लेकिन उसका भांडा फूटा। आज उस सिर कटी लाश के रहस्य से पर्दा उठ चुका है और शाकिब अपने दोस्तों और परिवार के कुछ लोगो सहित पुलिस की गिरफ्त में है,इस वीडियो में एकता देशवाल के मां-बाप हैं और वीडियो में जो सामने टेबल कपड़ों में लपेटकर रखा गया है यह वही फावड़ा है जिसस�� गड्ढा खोदकर एकता की सिरकटी लाश को दफन किया गया था।
ताजा खुलासा ये है कि एकता की हत्या में शाकिब का भाई मुस्सरत, पिता मुस्तकीम, भाभी रेशमा और इस्मत की पत्नी मुस्सरत भी शामिल थे।सब ने मिलकर उस मासूम लड़की को पहले नंगा किया। फिर उसके दोनों हाथ काटे। सिर काटा। और हाथ और सिर को पास के तालाब में फेंक दिया। सिर कटी लाश को जमीन में दफन कर दिया। किसलिए ? इंतहा तो ये है कि इसके बाद भी शाकिब एकता का मोबाइल ��परेट करता रहा। उसका फेसबुक एकाउण्ट चलाता रहा। एकता बनकर वह एकता के घरवालों को मैसेज की रिप्लाई भी करता रहा और घरवालों को लगता रहा कि बेटी भागकर जरूर गयी है लेकिन अमन के साथ खुश है।लेकिन 20 मई को जब पहली बार पुलिस का फोन आया तो सच्चाई सामने आयी। अब कर भी क्या सकते हैं? बेटी हाथ से जा चुकी है। सामने है तो कफन में लिपटा वो सीलबंद फावड़ा जिससे उनके बेटी की कब्र खोदी गयी थी।‘’
बिजली जलायेंगे,
परन्तु मीटर नहीं लगवायेंगे ⁉️
बहराइच के मदरसों में बिजली है पर मीटर नहीं है।
मस्जिद में बिजली है, पर��्तु मीटर नहीं है । 🙅
मदरसे का मौलवी तर्क दे रहा है...
👉 पहले मीटर नहीं लगते थे।
ये कोइ पहली बार नहीं हो रहा है,
भारत में हर जगह कानून तोडना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, ऐसे कठमुल्ले इसलिए बेखोफ है।
क्योंकि उन्हें पता है, उनके गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए कुछ पोलिटिकल पार्टी - जज और ऐडवोकेट की फौज तैयार है।
इनको बिजली, राशन, शिक्षा और चिकित्सा सबकुछ फ्री चाहिए ।
इतना सबकुछ होने पर भी मस्जिद के इमाम को सैलरी भी चाहिए।
जो भारतीय संविधान में भी नहीं है, वह इन्हें क्यों दिया जा रहा है....?