पुलिस रक्षक है—उसकी पहचान और जवाबदेही भी स्पष्ट होनी चाहिए।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मियों और उनकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। बाद में जंतर-मंतर ड्यूटी पर तैन��त पुलिसकर्मियों को वर्दी में रहने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई।
अब मध्य प्रदेश के पन्ना में चल रहे जनआंदोलन के दौरान भी पुलिस बल के साथ सिविल ड्रेस में कुछ ऐसे लोग दिखाई दे रहे हैं, जिनके पास लाठी/डंडे और हेलमेट हैं।
हम यह नहीं कह रहे कि इन लोगों ने कोई बल प्रयोग किया है।
हमारा प्रश्न इससे पहले का है—
वे कौन हैं?
क्या वे पुलिसकर्मी हैं?
यदि हाँ, तो सिविल ड्रेस में उनकी तैनाती किस आ���ेश के तहत हुई है?
उनकी पहचान, पद और यूनिट क्या है?
क्या वे कानून-व्यवस्था की कार्रवाई में अधिकृत रूप से शामिल हैं?
और यदि वे पुलिसकर्मी नहीं हैं, तो पुलिस बल के साथ आंदोलन स्थल पर लाठी/डंडे और हेलमेट के साथ उनकी मौजूदगी का वैधानिक आधार क्या है?
यह केवल पन्ना या दिल्ली का प्रश्न नहीं है।
यह पूरे देश में पुलिसिंग की एक ऐसी परंपरा बनने से र���कने का प्रश्न है, जिसमें नागरिकों के सामने यह स्पष्ट न हो कि कानून लागू करने वाला व्यक्ति कौन है और वह किस अधिकार से वहाँ मौजूद है।
हम @MPPoliceDept और @CPDelhi से स्पष्ट जानकारी की अपेक्षा करते हैं।
@CMMadhyaPradesh से आग्रह है कि पन्ना में आंदोलन स्थल पर तैनात प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और अधिकृत स्थिति स्पष्ट कराई जाए।
@rashtrapatibhvn @PMOIndia @HMOIndia से आग्रह है कि देशभर में सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान वर्दी, स्पष्ट पहचान/ID, plain-clothes deployment, protective equipment, command responsibility और बल प्रयोग की जवाबदेही के संबंध में एक समान एवं पारदर्शी राष्ट्रीय प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने पर विचार किया जाए।
हम किसी पुलिसकर्मी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने से रोकने की बात नहीं कर रहे।
हम यह चाहते हैं कि—
पुलिस की पहचान स्पष्ट हो,
आदेश स्पष्ट हो,
भूमिका स्पष्ट हो,
बल प्रयोग की जिम्मेदारी स्पष्ट हो,
और हर कार्रवाई क�� जवाबदेही स्पष्ट हो।
क्योंकि पुलिस की शक्ति केवल कानून से नहीं, जनता के विश्वास से भी मजबूत होती है।
यदि सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की तैनाती आवश्यक है, तो उनकी पहचान और अधिकार की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। और यदि कोई व्यक्ति पुलिसकर्मी नहीं है, तो उसे पुलिस कार्रवाई का हिस्सा बनाने का वैधानिक आधार भी स्पष्ट होना चाहिए।
लोकतंत्र में पुलिस जनता की रक्षक है।
उसकी छवि भय की नहीं, विश्���ास की होनी चाहिए।
किसी भी राज्य में ऐसी व्यवस्था नहीं बननी चाहिए जो पुलिस और जनता के बीच अविश्वास पैदा करे।
राष्ट्रहित सर्वोपरि।
कानून सर्वोपरि।
नागरिक गरिमा सर्वोपरि। 🇮🇳
@bsnl_care@NavodayaParty कृपया संदेश को पढ़िए उसमें पूरा पता आपको मिलेगा...सिर्फ खानापूर्ती के लिए,जवाब न संलग्न करिये और जिम्मेदारी से मुक्त हो जाइये...
दिव्या मित्तल जी, राजनीति में आपकी नई सार्वजनिक यात्रा के निर्णय का हम सम्मान करते हैं और आपको शुभकामनाएँ देते हैं।
नवोदय जनकल्याण पार्टी (NJP) का विश्वास है कि प्रशासनिक अनुभव, जनभागीदारी और नीति-आधारित राजनीति मिलकर व्यवस्था-परिवर्तन की दिशा में सार्थक भूमिका निभा सकते हैं।
NJP का मूल विचार है— “व्यक्ति नहीं, व्यवस्था परिवर्तन।”
हमारा Panchmool Sankalp — शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और सुरक्षा — केवल राजनीतिक घोषणाएँ नहीं, बल्कि नागरिक-केंद्रित व्यवस्था के पाँच मूल स्तंभ हैं।
हम उत्कृष्ट गुणवत्ता वाली शिक्षा और चिकित्सा, प्रत्येक इच्छुक नागरिक के लिए रोजगार के अवसर, समयबद्ध एवं सुलभ न्याय तथा व्यक्तिगत, सामाजिक, आर्थिक एवं डिजिटल सुरक्षा पर आधारित दीर्घकालिक व्यवस्था का निर्माण चाहते हैं।
यदि आपकी राजनीतिक दृष्टि और NJP के इस विजन के बीच आपको कोई साझा दिशा दिखाई देती है, तो हम आपके साथ विस्तृत एवं सकारात्मक संवाद के लिए तत्पर हैं।
राष्ट्रहित सर्वोपरि। 🇮🇳
यह अत्यंत चिंताजनक और असंवेदनशील कार्यशैली है! ग्रामीण पोस्ट ऑफिस (पिनकोड 228121) पर नेटवर्क पूरी तरह ठप होने की शिकायत 18 सितंबर को दर्ज कराई गई थी। जनता दवा, घरेलू खर्च और अपनी गाढ़ी कमाई की निकासी के लिए रोज़ाना लंबी लाइनों में खड़े होकर खाली हाथ लौटने को विवश है।
लेकिन विडंबना देखिये कि विभाग ने समस्या का समाधान करने के बजाय 18 सितंबर से 25 सितंबर तक यानी पूरे 7 दिन केवल एक औपचारिकता भरा पत्र लिखने में बिता दिए। क्या नागरिकों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी सेवाओं के प्रति विभाग का रवै��ा इतना सुस्त और लापरवाह रहेगा?
केवल BSNL और इंडिया पोस्ट के बीच पत्राचार का खेल खेलने से जनता की समस्या हल नहीं होगी। अतः मांग की जाती है कि:
* इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
* कागजी कार्रवाई बंद कर आज ही मौके पर दोषपूर्ण हार्डवेयर बदला जाए।
* सेवा बहाली की निश्चित और अंतिम समयसीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि आम जनता को और प्रताड़ित न होना पड़े।
@IndiaPostOffice @BSNLCorporate @DoP_GoI @MoCommunications @rashtrapatibhvn @PMOIndia @pib_comm @MIB_India
लोकतंत्र में विश्वास तभी मजबूत होगा जब सत्ता पक्ष जवाबदेह, विपक्ष जिम्मेदार, निर्वाचन आयोग पारदर्शी, न्यायपालिका निष्पक्ष और मीडिया तथ्यपरक रहे। जनता को चाहिए—सवाल पूछने का अधिकार, निष्पक्ष चुनाव और अपने मत पर पूरा भरोसा। यही लोकतंत्र की असली श��्ति है। 🇮🇳
@ECISVEEP
LPU की घटना: छात्र सुरक्षा से लेकर व्यवस्था की जवाबदेही तक
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्राओ�� की सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद छात्रों का आक्रोश और फिर पुलिस-छात्र टकराव हमारे शिक्षा तंत्र के सामने एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
नवोदय जनकल्याण पार्टी का स्पष्ट संकल्प है—शिक्षा केवल डिग्री नहीं, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है।
किसी छात्रा के साथ अपराध हुआ है तो दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के सामने उसकी पहचान नहीं, उसका अपराध देखा जाए। यदि आरोप असत्य हैं तो उसकी सच्चाई भी निष्पक्ष जांच के माध्यम से तत्काल सामने आनी चाहिए।
छात्रों की आवाज को सुनना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की। लेकिन न तो हिंसा को छात्र-अधिकार का नाम दिया जा सकता है, न शांतिपूर्ण छात्रों पर अनावश्यक बल को व���यवस्था का विकल्प।
NJP की मांग है—
① घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच।
② छात्राओं की सुरक्षा के लिए जवाबदेह कैंपस सुरक्षा व्यवस्था।
③ पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग की भी तथ्यात्मक समीक्षा।
④ हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक/निजी संपत्ति की क्षति के लिए कानून के अनुसार कार्रवाई।
⑤ छात्रों, अभिभावकों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच पारदर्शी संवाद की व्यवस्था।
हमारा विश्वास है—
व्यक��ति नहीं, व्यवस्था परिवर्तन।
डर नहीं, सुरक्षा।
अफवाह नहीं, सत्य।
दमन नहीं, न्याय।
और शिक्षा परिसर में अराजकता नहीं, नागरिक गरिमा।
राष्ट्रहित सर्वोपरि — नागरिक सर्वप्रथम — ��त्यनिष्ठा सर्वोच्च।
— नवोदय जनकल्याण पार्टी (NJP)
#LPU #LPUStudents #StudentSafety #CampusSafety #JusticeForStudents #StudentRights #EducationForAll #Nyay #Suraksha #NagrikSarvopari #VyavasthaParivartan #NJP #punjab #NavodayaJankalyanParty #RashtraHitSarvopari
🇮🇳 शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🇮🇳
भगत सिंह जी ने हमें केवल स्वतंत्रता का सपना नहीं दिया, ब��्कि एक जागरूक, शिक्षित, न्यायपूर्ण और शोषणमुक्त भारत के निर्माण की चेतना दी।
आज उनकी जयंती पर नवोदय जनकल्याण पार्टी (NJP) देशवासियों से आह्वान करती है—
आइए, हम इतिहास के महान विचारों को केवल स्मरण न करें, उन्हें राष्ट्रनिर्माण का संकल्प बनाएं।
व्यक्ति नहीं—व्यवस्था परिवर्तन।
सत्ता नहीं—जनसेवा सर्वोपरि।
वादे नहीं—स्थायी व्यवस्था।
भेद नहीं—समान अवसर।
निराशा नहीं—नवोदय का विश्वास।
शिक्षा को अधिकार,
स्वास्थ्य को जनसुरक्षा,
रोजगार को सम्मान,
न्याय को नागरिक अधिकार
और सुरक्षा को प्रत्येक नागरिक की गरिमा से जोड़कर—
ऐसा भारत बनाएं जहाँ ���ागरिक सरकार से नहीं, व्यवस्था अपने कर्तव्य से पहचानी जाए।
युवा शक्ति केवल रोजगार की प्रतीक्षा करने वाली शक्ति नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का निर्माण करने वाली शक्ति बने।
आइए, भगत सिंह जी के विचारों से प्रेरणा लेकर संकल्प लें कि हम डर, भ्रष्टाचार, अन्याय और अवसरों की असमानता से मुक्त ऐसी व्यवस्था के निर्माण के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मार्ग से निरंतर प्रयास करेंगे, जिसमें अंतिम व्यक्ति भी सम्मान के साथ आगे बढ़ सके।
यही सच्ची श्रद्धांजलि है।
यही नवोदय का संकल्प है।
यही राष्ट्रहित का मार्ग है।
🇮🇳 राष्ट्रहित सर्वोपरि।
सत्यनिष्ठा सर्वोच्च।
नागरिक सर्वप्रथम।
व्यवस्था परिवर्तन हमारा संकल्प।
शहीद भगत सिंह अमर रहें!
भारत माता की जय! 🇮🇳
— नवोदय जनकल्याण पार्टी (NJP)
#BhagatSingh #भगतसिंह #NJP #राष्ट्रहित_सर्वोपरि #व्यवस्था_परिवर्तन #नवोदय_जनकल्याण_पार्टी
हमारे प्रदेश की जनता तक यह संदेश पहुँचना जरूरी है।
🇮🇳 स्वास्थ्य किसी क्षेत्र की नहीं, हर नागरिक की प्राथमिकता है। इस महत्वपूर्ण विचार को पढ़ें, रीशेयर करें और अपने प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ। मिलकर स्वस्थ भारत की आवाज़ मजबूत करें। #दिल्ली#स्वस्थभारत#NJP#Delhi
बेटियों को डर में नहीं, विश्वास के साथ पढ़ना और आगे बढ़ना चाहिए। नवोदय जनकल्याण पार्टी का संकल्प है—सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, त्वरित पुलिस सहायता, निष्पक्ष जांच और समयबद्ध न्याय। सुरक्षा केवल कार्रवाई नहीं, अपराध की रोकथाम की व्यवस्था है। #NJP#महिलासुरक्षा
दिल्ली की खराब सड़क पर PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और AAP विधायक जरनैल सिंह आमने-सामने हैं। सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाना जनता का अधिकार है, लेकिन जवाब थप्पड़ नहीं हो सकता। जांच हो, दोषी तय हों और जनता से माफी मांगी जाए।
#Delhi#NJP#RoadQuality
@NavodayaParty दिल्ली में PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और AAP विधायक जरनैल सिंह के बीच सड़क गुणवत्ता विवाद में थप्पड़ का वीडियो सामने आया। सड़क की जांच तकनीक से हो, हाथ उठाकर नहीं। जनता के सवाल का जवाब तथ्य और जवाबदेही से मिले।
#Delhi#NJP#RoadQuality
दिल्ली के तिलक नगर में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सामने आया घटनाक्रम केवल भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक विवाद नहीं है—यह जनता के पैसे से बनने वाली सड़क, उसकी गुणवत्ता और जनप्रतिनिधियों के आचरण से जुड़ा सवाल है।
एक ओर दिल्ली सरकार के PWD मंत्री एवं भाजपा नेता प्रवेश साहिब सिंह वर्मा सड़क के निरीक्षण के लिए पहुंचे, दूसरी ओर तिलक नगर के AAP विधायक जरनैल सिंह ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सड़क की सतह का हिस्सा हाथ से उखाड़कर दिखाया। इसके बाद हुई तीखी बहस के बीच एक युवक को थप्पड़ मारे जाने का वीडियो सामने आया है।
नवोदय जनकल्याण पार्टी का स्पष्ट मत है—
सड़क की गुणवत्ता का जवाब सड़क की लैब रिपोर्ट से होना चाहिए, थप्पड़ से नहीं।
यदि सड़क मानकों के अनुरूप बनी है तो स्वतंत्र तकनीकी जांच कराकर प्रमाण सामने रखे जाएं। यदि गुणवत्ता में कमी है तो जिम्मेदार अधिकारी, ठेकेदार और संबंधित व्यवस्था की जवाबदेही तय हो।
साथ ही, किसी विधायक द्वारा सड़क को हाथ से उखाड़कर दिखाना भी व्यवस्था का स्थायी समाधान नहीं है। जनप्रतिनिधियों का काम संस्थागत जांच और जवाबदेही की व्यवस्था को मजबूत करना है।
भाजप��� हो या आम आदमी पार्टी—सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को यह समझना होगा कि जनता की सड़क राजनीतिक अखाड़ा नहीं है और जनता का सवाल किसी पार्टी की संपत्ति नहीं है।
प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जी दिल्ली सरकार में PWD जैसे महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री हैं। इसलिए जनता के सवालों का जवाब देना और विभागीय गुणवत्ता की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना उनकी संवैधानिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
जरनैल सि��ह जी भी तिलक नगर के निर्वाचित विधायक हैं। उन्हें भी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के साथ-साथ उचित तकनीकी और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित करने की भूमिका निभानी चाहिए।
नवोदय जनकल्याण पार्टी किसी व्यक्ति या पार्टी के पक्ष में नहीं, जनता के पक्ष में खड़ी है।
जनता सवाल करेगी।
सरकार जवाब देगी।
सड़क की गुणवत्ता जांचेगी तकनीक।
और दोषी होगा तो जवाबदेह भी वही होगा।
लोकतंत्र में सवाल का जवाब थप्पड़ नहीं—तथ्य, जांच और जवाबदेही है।
राष्ट्रहित सर्वोपरि।
नागरिक सर्वप्रथम।
#Delhi #ParveshVerma #JarnailSingh #TilakNagar #RoadQuality #DelhiPWD #PublicAccountability #JanataKaSawal #Loktantra #NJP #NavodayaJankalyanParty #RashtraHitSarvopari #NagrikSarvopari
@NavodayaParty@ECISVEEP@SpokespersonECI लोकतंत्र में विश्वास तभी मजबूत होगा जब सत्ता पक्ष जवाबदेह, विपक्ष जिम्मेदार, निर्वाचन आयोग पारदर्शी, न्यायपालिका निष्पक्ष और मीडिया तथ्यपरक रहे। जनता को चाहिए—सवाल पूछने का अधिकार, निष्पक्ष चुनाव और अपने मत पर पूरा भरोसा। यही लोकतंत्र की असली शक्ति है। 🇮🇳
लोकतंत्र में विश्वास की पुनर्बहाली — देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता
लोकतंत्र केवल चुनाव का नाम नहीं है।
लोकतंत्र वह विश्वास है जिसमें मतदाता को अपने मत पर, विपक्ष को अपनी आवाज़ पर, सत्ता पक्ष को अपनी जवाबदेही पर और संस्थाओं को अपनी निष्पक्षता पर विश्वास हो।
आज देश में लोकतंत्र को लेकर जो बहस चल रही है, उसका समाधान किसी एक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़े होने से नहीं निकलेगा।
समाधान निकलेगा—विश्वास को व्यवस्था का हिस्सा बनाने से।
भारत का लोकतंत्र इतना विशाल है कि इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी है।
सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी है कि बहुमत को अधिकार समझे, लेकिन उसे निरंकुशता का आधार न बनने दे।
विपक्ष की जि���्मेदारी है कि वह सरकार से कठोर प्रश्न पूछे, लेकिन हर संस्थागत प्रक्रिया को केवल राजनीतिक संघर्ष का विष��� न बनाए।
सत्ता पक्ष को सुनना होगा।
विपक्ष को समाधान देना होगा।
संस्थाओं को स्पष्ट करना होगा।
और जनता को प्रश्न पूछते रहना होगा।
आज आवश्यकता इस बात की है कि संसद केवल कानून पारित करने का स्थान न रहे, बल्कि तर्क, संवाद और जवाबदेही का सर्वोच्च राष्ट्रीय मंच बने। हालिया सार्वजनिक विश्लेषणों में संसद के कम बैठने और व्यवधानों के कारण संसदीय निगरानी के कमजोर होने की चिंता सामने आई है।
विपक्�� का काम केवल विरोध करना नहीं है।
विपक्ष का वास्तविक दायित्व है—
प्रश्न + प्रमाण + वैकल्पिक नीति + जनहित।
उसी प्रकार सत्ता पक्ष का अर्थ केवल बहुमत नहीं है।
सत्ता पक्ष का अर्थ है—
निर्णय + पारदर्शिता + जवाबदेही + परिणाम।
और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता केवल इस बात से नहीं बनेगी कि वे निष्पक्ष हैं; उन्हें अपनी निष्पक्षता दिखानी और समझानी भी होगी।
विशेषकर चुनावी प्रक्रिया में—
• म���दाता सूची में पारदर्शिता हो,
• हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा हो,
• आपत्तियों और अपीलों का समयबद्ध निस्तारण हो,
• राजनीतिक दलों को आवश्यक जानकारी समय पर मिले,
• तकनीकी प्रक्रियाओं का स्वतंत्र परीक्षण हो,
• और प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय का सार्वजनिक एवं स्पष्ट कारण उपलब्ध हो।
निर्वाचन आयोग स्वयं को चुनाव प्रक्रिया का संवैधानिक प्राधिकारी बताता है और मतदाता शिक्षा एवं भागीदारी को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ता है। इसलिए चुनावी संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखना केवल आयोग की ���हीं, पूरे लोकतांत्रिक तंत्र की साझा जिम्मेदारी है।
इसी प्रकार न्यायपालिका की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जहाँ संवैधानिक प्रश्न उठें, वहाँ न्यायिक परीक्षण हो; लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं का अंतिम उद्देश्य टकराव बढ़ाना नहीं, संवैधानिक संतुलन बनाए रखना होना चाहिए।
मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं है।
लोकतंत्र में सूचना अधिकार है, लेकिन अपुष्ट सूचना लो��तांत्रिक विश्वास को कमजोर कर सकती है। इसलिए पत्रकारिता का लक्ष्य केवल सनसनी नहीं, बल्कि तथ्य, संदर्भ और सत्यापन होना चाहिए।
और सबसे महत्वपूर्ण—जनता।
जनता केवल पाँच वर्ष में एक बार मतदाता नहीं है।
जनता लोकतंत्र की स्थायी स्वामी है।
उसे सरकार से काम मांगना है,
विपक्ष से विकल्प मांगना है,
संस्थाओं से निष्पक्षता मांगनी है,
मीडिया से सत्य मांगना है
और राजनीतिक दलों से अपने आचरण में लोकतंत्र मांगना है।
नवोदय जनकल्याण पार्टी का स्पष्ट मत
हमें ऐसा लोकतंत्र चाहिए जहाँ—
चुनाव पर संदेह नहीं, भरोसा हो।
विपक्ष पर प्रतिबंध नहीं, सम्मानजनक बहस हो।
सत्ता पर भय नहीं, जवाबदेही हो।
संस्थाओं पर आरोप नहीं, पारदर्शिता हो।
और नागरिक के मत पर किसी प्रकार का संशय नहीं, पूर्ण सम्मान हो।
लोकतंत्र की रक्षा किसी एक व्यक्ति, पार्टी या संस्था से नहीं होगी।
लोकतंत्र तब मजबूत होगा जब सत्ता पक्ष अपनी शक्ति को जनसेवा मानेगा, विपक्ष अपनी आवाज़ को जन-जिम्मेदारी मानेगा और संवैधानिक संस्थाएँ अपने प्रत्येक निर्णय में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च मानेंगी।
भारत को ऐसी राजनीति चाहिए जो कहे—
व्यक्ति नहीं, व्यवस्था परिवर्तन।
विरोध नहीं, लोकता���त्रिक संवाद।
आरोप नहीं, प्रमाण।
अराजकता नहीं, जवाबदेही।
और सबसे ऊपर—
नागरिक का विश्वास।
क्योंकि—
लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति बहुमत नहीं, जनता का विश्वास है।
राष्ट्रहित सर्वोपरि। 🇮🇳
— नवोदय जनकल्याण पार्टी (NJP)
#लोकतंत्र #Democracy #Constitution #जनतंत्र #NJP #राष्ट्रहितसर्वोपरि
🎬🇮🇳 सदाबहार अभिनेता देव आनंद जी को जन्मदिन पर सादर नमन।
देव ���नंद जी भारतीय सिनेमा के ऐसे महान कलाकार थे, जिन्होंने अपनी अदाकारी, व्यक्तित्व और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।
उनकी कला केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय समाज की बदलती संवेदनाओं, युवा ऊर्जा, सपनों और उम्मीदों को भी अभिव्यक्ति देती रही। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समय बदलता है, लेकिन रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच कभी पुरानी नही��� होती।
नवोदय जनकल्याण पार्टी भारतीय संस्कृति, कला, साहित्य और सिनेमा की उस समृद्ध विरासत को राष्ट्र की शक्ति मानती है, जिसने भारत की पहचान को विश्वभर में सम्मान दिलाया है।
हमारा संकल्प है—
संस्कृति का सम्मान, प्रतिभा का सम्मान और हर भारतीय की सृजनात्मक क्षमता को अवसर।
देव आनंद जी की अमर स्मृतियों को नमन।
राष्ट्रहित सर्वोपरि। 🇮🇳
#DevAnand #देवआनंद #IndianCinema #NJP #राष्ट्रहितसर्वोपरि
🥇 कबड्डी में बेटियों का स्वर्णि��� दांव! 🇮🇳
एशियन गेम्स 2026 में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम को नवोदय जनकल्याण पार्टी की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 🏆
हमारी बेटियों ने अपने शानदार खेल, साहस और संकल्प से एक बार फिर भारत का तिरंगा ऊँचा किया है।
यह स्वर्ण केवल पदक नहीं, भारत की बेटियों क��� शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
देश को आप पर गर्व है।
जय हिंद! 🇮🇳
#AsianGames2026 #Kabaddi #TeamIndia #NJP
बद्रीनाथ धाम कोई मनोरंजन स्थल नहीं, सनातन आस्था का परम पवित्र तीर्थ है।
जहाँ शंखध्वनि तक से जुड़ी धार्मिक परंपराएँ और स्थानीय मान्यताएँ हैं, वहाँ मंदिर के समीप DJ/कंसर्ट जैसी तेज ध्वनि वाली गतिविधि की अनुमति किस नियम, किस धार्मिक मर्यादा और किस पर्यावरणीय आकलन के आधार पर दी गई?
क्या अनुमति देने से पहले मंदिर सम���ति, तीर्थ-पुरोहितों और स्थानीय धार्मिक परंपराओं को विश्वास में लिया गया था? यदि लिया गया था तो उनकी सहमति कहाँ है?
और यदि नियमों/मर्यादाओं की अनदेखी हुई, तो जिम्मेदार अधिकारी पर अब तक ��्या कार्रवाई हुई? यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो कब होगी?
नवोदय जनकल्याण पार्टी स्पष्ट करती है—विकास और संस्कृति के नाम पर तीर्थों की धार्मिक मर्यादा से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरकार सार्वजनिक रूप से बताए:
अनुमति किसने दी, किस आधार पर दी और जवाबदेही किसकी तय हुई?
#बद्रीनाथ #उत्तराखंड #धार्मिकमर्यादा #जवाबदेही
@GovtUttarakhand @ukcmo @pushkardhami @PMOIndia
पाँच दि��� पहले @IndiaPostOffice ने राउटर बदलने की प्रक्रिया जारी होने की सूचना दी थी, लेकिन अब तक सेवा बहाल नहीं हुई।
नवोदय जनकल्याण पार्टी की भ्रष्टाचार संहिता का स्पष्ट सिद्धांत है—सरकारी कार्य में अनावश्यक देरी केवल प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि जवाबदेही का विषय है।
देरी क्यों हुई?
किस स्तर पर कार्य लंबित है?
किस अधिकारी/इकाई की जिम्मेदारी है?
सेवा बहाल होने की निश्चित समयसीमा क्या है?
जनता को आश्वासन नहीं, कारण की पारदर्शी जानकारी, जिम्मेदारी का निर्धारण और समयबद्ध समाधान चाहिए।
काम में देरी हो तो जवाबदेही तय हो—यही सुशासन है।
— नवोदय जनकल्याण पार्टी
राष्ट्रहित सर्वोपरि
#जवाबदेही_तय_हो #भ्रष्टाचार_संहिता #जनता_का_अधिकार #समयबद्ध_सेवा #पारदर्शिता #सुशासन #IndiaPost #नवोदय_जनकल्याण_पार्टी #राष्ट्रहित_सर्वोपरि
टी. एन. शेषन का यह कथन केवल शब्दों का अंतर नहीं, लोकतंत्र की आत्मा का स्मरण है—
“मैं सरकार का मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं, ���ारत का मुख्य चुनाव आयुक्त हूँ।”
निर्वाचन आयोग किसी सरकार का विभाग नहीं, संविधान द्वारा प्रदत्त स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। उसकी निष्पक्षता और स्वायत्तता लोकतंत्र के विश्वास की आधारशिला है।
#TNSheshan #ElectionCommission #Democracy #NJP