अध्यापक भर्ती 2022 में चयनित बाड���मेर जिले के समस्त तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले 2 वर्ष 4 माह से अधिक समय से राजकीय सेवा में कार्यरत हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक उनका स्थायीकरण नहीं किया गया।
जबकि राज���य सरकार के नियमों के अनुसार 2 वर्ष की प्रोबेशन अवधि पूर्ण होते ही स्थायीकरण एवं वेतन नियमितीकरण किया जाना चाहिए, इसके बावजूद बाड़मेर जिले के शिक्षकों को आज भी फिक्स पे जैसे अल्प वेतन में सेवा देने को मजबूर किया जा रहा है। इस देरी का सीधा असर शिक्षकों के आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है।
राज्य सरकार से मेरी स्पष्ट मांग है कि इस भर्ती में चयनित समस्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तत��काल स्थायीकरण एवं वेतन नियमितीकरण किया जाए। साथ ही अनावश्यक विलंब को समाप्त करते हुए इस संबंध में स्पष्ट एवं समयबद्ध आदेश जारी किए जाएँ, ताकि चयनित शिक्षकों को शीघ्र राहत मिल सके। #Barmer
बाड़मेर जिले के कई नवनियुक्त शिक्षकों ने जानकारी में लाया है कि करीब 2000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ भेदभाव हो रहा है।
कांग्रेस सरकार के दौरान निकाली गई 62,000 शिक्षकों की रीट भर्ती परीक्षा से भर्ती बाड़मेर में पदस्थापित शिक्षकों का सितंबर 2025 में प्रोबेशन पूरा होने के बावजूद इन स्थायीकरण पिछले 4 महीनों से अटका हुआ है।
प्रदेश के बाकी जिलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर बाड़मेर के शिक्षक आज भी 70% वेतन कटौती और मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं।
बाड़मेर के इन शिक्षकों को तुरंत उनका हक और पूरा वेतन मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से आग्रह है कि इस विषय में आवश्यक कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करें।
@RajCMO
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थायीकरण को आज चार माह पूरे हो चुके हैं, मगर अब तक न तो स्थायीकरण के आदेश जारी हुए हैं और न ही वेतन का नियमितीकरण किया गया है। वेतन के लगभग 70% हिस्से से वांछित शिक्षक वर्ग मानसिक एवं आर्थिक रूप से गंभीर परेशानियों का सामना कर रहा है।
राज्य सरकार एवं शिक्षा मंत्री @madandilawar को इन समस्याओं के समाधान पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। जब पूरा कार्य लिया जा रहा है तो वेतन भी पूरा मिलना चाहिए। अध्यापक ऐसा वर्ग है जो प्रत्येक आर्थिक ��िर्णय पूरी योजना के साथ करता है, ऐसे में समय पर बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिलने से उनकी समस्त योजनाएं धराशायी हो जाती हैं।
मेरे पास आया एक निवेदन-
मेरा राजस्थान के सभी पत्रकारों से निवेदन है ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही रात्रि को घंटों बिजली की कटौती पर अपनी कलम चलाएं,ग्रामीण क्षेत्र की जनता बिल्कुल परेशान है ।फ्री फ्री के चक्कर में अब लाइट गायब हो गई ।- अभिषेक नरेडा।
क्षेत्र विशेष की प्रतिभाओ को शक की नजरों से देखने वाले महानुभावों देश की सबसे कठिन परीक्षा NEET मे भी सांचौर की 50 से ज्यादा प्रतिभाओ का चयन हो रहा है क्या कहेगें? #Jalore#Sanchore#Bhinmal#NEET2023Result@gssjodhpur 👇😉
@RPSC1 में थोड़ी बहुत शर्म बची है तो 1st ग्रेड, सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम अति शीघ्र जारी करे l
ताकि अध्यपक भर्ती में हजारों पद खराब होने से बच जाए और उन बचे हुए हजारों पदों से कर्ज में डूबे गरीब,मजदूर,परिवार के बच्चो का भला हो जाएगा l
@RajCMO#RPSC_शर्म_करो
क्या समाज अब दुसरे समाजों से रिश्ता जोङ सकता है??,,, अगर हाँ तो फिर विश्नोई समाज का नामोनिशान मिटाना चाहते हो आप,,,, कौन जिम्मेदारी लेता है कि जो शादी करके आयेगी वो विश्नोई पंथ पर भरोसा करेगी,,, और जो विश्नोई बेटी दुसरे समाज में ब्याही जायेगी उसका ससुराल पक्ष!!!
@bishnoikuldeep
@SangitaBishno10 आपके भीनमाल पीछे रहने का कारण यही है कि वोट के समय आपने अपना प्रत्याशी शिक्षित और दबंग नेता को नहीं चुना। अब भीनमालवाशियों को पछतापा हो रहा है कि अपना जनप्रतिनिधि सही नहीं चुना।।
अब आपका भीनमाल 10 साल बाद जिला बनेगा।🙏👍
@SangitaBishno10 @MlaSanchore भीनमाल और गुढ़ामालानी दोनों ही सांचौर में शामिल होंगे चाहे कुछ भी कर लो।
मैने भीनमाल वालों को इलाज के लिए सांचौर आते देखा है वो भी एक बार नहीं कई बार। ज्यादातर बागोड़ा वालों को 😔🙏🙏
राजस्थान में ऐसा हो रहा है,,, तो सरकार में शामिल समाज के नेताओं को प्रतिक्रिया देनी चाहिए,,, नहीं तो इतिहास दोहराया जा सकता हैं,,, @MlaSanchore@ashokgehlot51@bishnoikuldeep