Irony just died again. The cleanest man in Indian politics did not need an SC certificate of his integrity. Instead it is those who sought to implicate him in these charges who ought to be thoroughly ashamed of themselves.
Anjana called us '2 Kaudi ke Teachers', These sold Journalists are 'Phuti kaudi ke Patrkaar'
They are the bootlickers of the Govt, who never take any responsibility be it Petrol hike,Paper leak,CBSE fiasco
& when people raise their voice,they go on to call everyone cockroaches'
पत्रकार — भारत का भविष्य कैसा है?
विकास दिव्यकीर्ति — “अगर विज्ञान की नजर से देखें तो हालात ठीक नहीं हैं।”
“जो देश धर्म की कट्टरता को आगे रखता है, वो ज़्यादा तरक्की नहीं कर पाता।”
अब इस बात पर अंधभक्त उन्हें भी गालियाँ देंगे.. 😭
Indian Liberals(के बड़े हिस्से)पर मैने भी कई बार लिखा-बोला है. पर Varun Grover की एक टिप्पणी सुनकर मन 'गद-गदा' गया! वरुण से सौ फीसद सहमत कि इंडियन लिबरल्स दिखावेबाज ज्यादा है. वह समाज को लिबरल बनाने की कोशिश कम करता है पर दुनिया को दिखाने में लगा रहता है कि वह कितना लिबरल है!
गृह मंत्री ने कहा कि 1946 में पंडित नेहरू वोट चोरी से कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
क्या 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में सरदार पटेल को ज़्यादा वोट मिलने के बाद भी नेहरू जी को अध्यक्ष बना दिया, जिससे वे प्रधानमंत्री बने?
पंडित नेहरू के ख़िलाफ़ फैलाए गए झूठ का पर्दाफ़ाश।
#नेहरू_मिथक_और_सत्य
बंदे मातरम कभी गाया नहीं।
जन गण मन पर फेक न्यूज़ फैलाया कि यह जॉर्ज पंचम के सम्मान में लिखा गया था।
संविधान का विरोध किया, मनु स्मृति मांगी।
तिरंगे के 3 रंग को अशुभ कहा।
15 अगस्त 1947 को तिरंगा नहीं फहराया।
अपने कार्यालय में 52 साल तिरंगा नहीं फहराया।
ये सिखायेंगे देशभक्ति?