@TejashwiYdvRJD यही तो था चुनावी एंगल ऑफ कुछ नहीं कर सकते सिर्फ ध्रुवीकरण करने की राजनीति कर रहे हो आप अगर वास्तव में महिला ही देसी हो तो सबसे पहले यशोदा बहन को इंसाफ दिलाओ
@pushkardhami@ukcmo महोदय आपको अवगत कराना है कि जो श्रम विभाग द्वारा लाभार्थियों को पैसा दिया जा रहा है उसमें 10% लाभार्थियों का पैसा फेल होने के कारण उनके खाते में नहीं जा रहा है सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें
क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?
क्या उसकी “गलती” ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज़ उठाने की हिम्मत कर रही है?
उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को ज़मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है - खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो।
बलात्कारियों को ज़मानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार - ये कैसा न्याय है?
हम सिर्फ़ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं - ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं।
लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध।
पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए - न कि बेबसी, भय और अन्याय।
"हमारा व्यापार खत्म होने की कगार पर है” - व्यापार संवाद में वैश्य समाज की इस पीड़ा ने सच में झकझोर कर रख दिया।
जिस समाज ने देश की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक योगदान दिया, आज वही हताश है - ये खतरे की घंटी है।
सरकार ने Monopoly को खुली छूट दे दी है, और छोटे-मध्यम व्यापारियों को bureaucracy और गलत GST जैसी खराब नीतियों की जंजीरों में बांध दिया है।
ये सिर्फ नीति की गलती नहीं - ये उत्पादन, रोज़गार और भारत के भविष्य पर सीधा हमला है।
BJP सरकार की इसी सामंतवादी सोच के खिलाफ लड़ाई है। और इस लड़ाई में देश के व्यापार की रीढ़ - वैश्य समाज के साथ मैं पूरी ताकत से खड़ा हूं।